प्रभात न्यूज़ 24:
सिरपुर महोत्सव की धूम: ऐतिहासिक धरोहर, संस्कृति और संगीत का भव्य संगम
सिरपुर ।
छत्तीसगढ़ की प्राचीन सभ्यता, बौद्ध विरासत और समृद्ध लोक-संस्कृति को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से ऐतिहासिक नगरी सिरपुर में 1 फरवरी से तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। महानदी के पावन तट पर बसी यह ऐतिहासिक नगरी बलौदा बाजार जिला मुख्यालय से लगभग 41 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और अपने गौरवशाली अतीत के लिए देश-विदेश में विख्यात है।
तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में कुल 36 सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इनमें छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं के साथ-साथ देश की शास्त्रीय, सूफी और आधुनिक संगीत विधाओं की मनमोहक प्रस्तुतियां शामिल होंगी। महोत्सव का शुभारंभ भक्ति और लोक संगीत की भव्य प्रस्तुति से होगा, जिसमें “मेरा भोला है भंडारी” फेम प्रसिद्ध बॉलीवुड गायक बाबा हंसराज रघुवंशी अपनी टीम के साथ मंच पर समां बांधेंगे।
सांस्कृतिक विरासत को मंच, कलाकारों को पहचान
सिरपुर महोत्सव का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की प्राचीन बौद्ध विरासत, ऐतिहासिक स्थापत्य, लोककला और सांस्कृतिक विविधता को व्यापक मंच प्रदान करना है। यह आयोजन न केवल राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करेगा, बल्कि पर्यटन को भी नई दिशा देगा। महोत्सव के दौरान देश-विदेश से आए अतिथि, कलाकार और पर्यटक सिरपुर की ऐतिहासिक धरोहरों से रूबरू होंगे।
भव्य डोम, आकर्षक मंच और विभागीय स्टॉल
महोत्सव को यादगार बनाने के लिए आयोजन स्थल पर भव्य डोम और आकर्षक मंच तैयार किया गया है। साथ ही 15 विभागीय स्टॉल लगाए गए हैं, जो महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेंगे। इन स्टॉलों के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और पर्यटन संबंधी जानकारियों को प्रदर्शित किया जाएगा।
प्रशासनिक तैयारियां पूरी, अधिकारी सतत निगरानी में
सिरपुर महोत्सव की तैयारियों को लेकर महासमुंद जिला प्रशासन और सिरपुर विकास प्राधिकरण द्वारा व्यापक स्तर पर कार्य किया गया है। तैयारियों का जायजा लेने के लिए धमतरी सीईओ धम्मशील गणवीर, जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार एवं कलेक्टर विनय लंगेह लगातार स्थल निरीक्षण कर रहे हैं। सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और अतिथियों की सुविधा को लेकर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
तीन दिन—संस्कृति, संगीत और पर्यटन का उत्सव
1, 2 और 3 फरवरी को आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय महोत्सव में छत्तीसगढ़ की लोकनृत्य-लोकगायन परंपराओं के साथ-साथ देश की विविध संगीत शैलियों की प्रस्तुतियां होंगी।
कार्यक्रमों में आधुनिक संगीत की झलक के साथ सूफी और शास्त्रीय संगीत का भी अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। इसके साथ ही सिरपुर की ऐतिहासिक स्थलों—बौद्ध विहार, मंदिर और पुरातात्विक अवशेष—पर पर्यटकों की आवाजाही से क्षेत्र में उत्सव का माहौल रहेगा।
देश-विदेश के मेहमान होंगे शामिल
सिरपुर महोत्सव में देश-विदेश से अतिथियों और कलाकारों के शामिल होने की संभावना है, जिससे यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ेगा। प्रशासन को उम्मीद है कि यह महोत्सव छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक मानचित्र को और मजबूत करेगा तथा सिरपुर को वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कुल मिलाकर, सिरपुर महोत्सव इतिहास, संस्कृति, संगीत और पर्यटन का ऐसा संगम है, जो न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय बनेगा। तीन दिनों तक सिरपुर में संस्कृति की गूंज और उत्सव की रौनक देखने लायक होगी।
















