प्रभात न्यूज़ 24:
तिल्दा में हनुमान जन्मोत्सव की धूम: भव्य कलश शोभायात्रा, भजन-कीर्तन और भंडारे में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
बलौदाबाजार।
कलयुग के सिद्ध एवं जागृत देव, संकट मोचन श्री हनुमानजी का पावन जन्मोत्सव 2 अप्रैल को तहसील लवन अंतर्गत ग्राम पंचायत तिल्दा में अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पूरे गांव में धार्मिक उल्लास का वातावरण निर्मित हो गया, जहां सुबह से लेकर देर रात तक भक्ति की गूंज सुनाई देती रही।
ग्राम के प्रतिष्ठित नागरिक एवं भाजपा मछुआरा प्रकोष्ठ के प्रदेश मीडिया प्रभारी गोलू कैवर्त्य के निवास पर विराजमान श्री हनुमानजी के मंदिर में इस वर्ष भी परंपरागत रूप से भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कलश शोभायात्रा के साथ हुई, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर गांव के प्रमुख मार्गों से होकर भक्ति गीतों और जयकारों के बीच यात्रा निकाली। ढोल-नगाड़ों और भक्ति संगीत की मधुर ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
भक्ति में डूबा रहा पूरा तिल्दा गांव
शोभायात्रा के पश्चात मंदिर प्रांगण में अखंड भजन-कीर्तन एवं रामायण मानस गान का आयोजन किया गया। दूर-दराज से पहुंचे कलाकारों और मानस मंडलियों ने अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
डोंगिपानी से पधारे प्रसिद्ध हनुमंत कथा वाचक श्री वीर बाबा ने अपनी मानस टोली के साथ हनुमान महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
इसके अलावा डोंगरा से आई जय माँ महामाया कीर्तन मंडली तथा हुसैन वर्मा की रामायण गायन टोली ने भी शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरे आयोजन स्थल पर भक्ति रस की गंगा बहती रही।
महाआरती और भंडारे में उमड़ी भारी भीड़
सायंकाल में भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ दीप प्रज्वलित कर भगवान हनुमानजी की आराधना की। आरती के दौरान "जय बजरंगबली" के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
इसके उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहां दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरण किया गया। व्यवस्था इतनी सुव्यवस्थित थी कि देर रात तक लोगों की कतारें लगी रहीं, फिर भी सभी को प्रसाद प्राप्त हुआ।
हर वर्ष की तरह इस बार भी भव्य आयोजन
गोलू कैवर्त्य के निवास पर आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पूरे उत्साह और भक्ति भावना के साथ संपन्न हुआ। आयोजकों ने बताया कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जिसमें क्षेत्रभर के श्रद्धालु बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
इस बार भी आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु तिल्दा पहुंचे और भगवान हनुमानजी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन में ग्रामीणों का सहयोग और सहभागिता सराहनीय रही।
सामाजिक समरसता का बना उदाहरण
हनुमान जन्मोत्सव के इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती दी, बल्कि सामाजिक एकता और समरसता का भी संदेश दिया। विभिन्न समाज और वर्ग के लोग एक साथ मिलकर इस उत्सव में शामिल हुए, जो गांव की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाता है।
समापन:
तिल्दा में मनाया गया श्री हनुमान जन्मोत्सव इस वर्ष भी भव्यता, श्रद्धा और आयोजन की उत्कृष्टता के कारण क्षेत्रभर में चर्चा का विषय बना रहा। कलश यात्रा से लेकर भजन-कीर्तन, महाआरती और भंडारे तक हर कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं के मन में गहरी छाप छोड़ी। यह आयोजन आने वाले वर्षों में भी इसी प्रकार भक्ति और एकता का संदेश देता रहेगा।















