प्रभात न्यूज़ 24:
गांव-गांव में गूंजा भक्ति का स्वर: कर्मा जयंती पर उमड़ा आस्था और उत्साह का सैलाब
भाटापारा।
क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में भक्त माता कर्मा जयंती के अवसर पर भक्ति, परंपरा और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। ग्राम मोपर, जोगीद्वीप गुर्रा, कोसमंदा, करहुल, किरवई एवं मटिया में आयोजित भव्य समारोहों में जनप्रतिनिधियों एवं समाजजनों की बड़ी भागीदारी रही। कार्यक्रमों में विशेष रूप से विधायक इन्द्र साव की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई।
भक्ति और परंपरा का अनूठा संगम
कर्मा जयंती के अवसर पर विभिन्न ग्रामों में आयोजित कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं ने माता कर्मा की पूजा-अर्चना कर उनके आदर्शों को स्मरण किया। इस दौरान आदर्श विवाह समारोह भी आयोजित किए गए, जो समाज में सादगी और सामाजिक समरसता का संदेश देते नजर आए।
कार्यक्रम स्थल पर पारंपरिक वेशभूषा, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
विधायक का संबोधन: “भक्ति में अपार शक्ति”
समारोह को संबोधित करते हुए विधायक इन्द्र साव ने कहा कि माता कर्मा जी का जीवन त्याग, सेवा और भक्ति का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने बताया कि माता कर्मा भगवान श्रीकृष्ण की परम भक्त थीं और उनकी सच्ची श्रद्धा से प्रसन्न होकर भगवान स्वयं उनके घर खिचड़ी का भोग ग्रहण करने पहुंचे थे।
उन्होंने कहा—
“यह कथा हमें सिखाती है कि सच्चे मन से की गई भक्ति में अपार शक्ति होती है। ईश्वर भी निष्कपट प्रेम और श्रद्धा के आगे स्वयं को रोक नहीं पाते।”
समाज को दिया एकता और सेवा का संदेश
विधायक साव ने आगे कहा कि माता कर्मा जी का जीवन समाज में समानता, सेवा और समर्पण का संदेश देता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे समाज के कमजोर वर्गों की सहायता करें और आपसी भाईचारे को मजबूत बनाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज की प्रगति केवल आर्थिक नहीं बल्कि सामाजिक समरसता से भी संभव है।
जोगीद्वीप में मंगल भवन का भूमिपूजन
कार्यक्रम के पश्चात जोगीद्वीप मेला स्थल गुर्रा में विधायक इन्द्र साव द्वारा मंगल भवन निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया गया।
यह भवन भविष्य में सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को स्थायी सुविधा मिलेगी।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समा
समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। लोकगीत, नृत्य एवं पारंपरिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज की समृद्ध संस्कृति की झलक देखने को मिली। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने कार्यक्रम का आनंद लिया।
“श्रम है सबसे बड़ी विरासत”
अपने संबोधन के अंत में विधायक इन्द्र साव ने साहू समाज की विशेषता बताते हुए कहा—
“साहू समाज की सबसे बड़ी विरासत ‘श्रम’ है। पीढ़ियों से मेहनत इस समाज की पहचान रही है और आज वही मेहनत सफलता में बदल चुकी है।”
उन्होंने कहा कि यह समाज सिखाता है कि ईमानदारी और परिश्रम से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
साहू समाज का इतिहास संघर्ष, समर्पण और परिश्रम से लिखी गई एक प्रेरणादायक गाथा है।
बड़ी संख्या में समाजजन रहे उपस्थित
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए समाज के वरिष्ठजन, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में महिला-पुरुष उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर आयोजन को सफल बनाया और एकता का संदेश दिया।
निष्कर्ष
कर्मा जयंती के अवसर पर आयोजित इन भव्य कार्यक्रमों ने यह स्पष्ट कर दिया कि ग्रामीण अंचलों में आज भी परंपरा, संस्कृति और सामाजिक एकता की जड़ें मजबूत हैं।
ऐसे आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि समाज को एकजुट कर विकास की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देते हैं।















