प्रभात न्यूज़ 24:
भवानीपुर में गूंज रहा रामनाम, भक्ति में सराबोर हुआ पूरा गांव
2 अप्रैल को भव्य शोभायात्रा के साथ होगा भक्तिमय आयोजन का समापन
भवानीपुर।
इन दिनों भवानीपुर गांव पूरी तरह से भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगा हुआ नजर आ रहा है। गांव के कोने-कोने में रामनाम की मधुर ध्वनि गूंज रही है, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया है। सुबह की पहली किरण से लेकर देर रात तक श्रद्धालु भजन-कीर्तन और रामायण पाठ में लीन दिखाई दे रहे हैं।
गांव के मंदिरों, पंडालों और सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित रामायण मानस गान, सत्संग और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में ग्रामीणों की भारी भागीदारी देखने को मिल रही है। खास बात यह है कि इस आयोजन में हर वर्ग के लोग—महिलाएं, पुरुष, युवा और बच्चे—बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और प्रभु श्रीराम के नाम का गुणगान कर रहे हैं।
भक्ति संगीत, मृदंग, झांझ और हारमोनियम की धुनों के बीच गूंजते जयकारों से पूरा गांव भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है। श्रद्धालुओं के चेहरों पर आस्था और उत्साह साफ झलक रहा है, जिससे यह आयोजन केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक उत्सव का भी रूप ले चुका है।
2 अप्रैल को निकलेगी भव्य शोभायात्रा
इस चल रहे धार्मिक आयोजन का समापन 2 अप्रैल को एक भव्य शोभायात्रा के साथ किया जाएगा। इस शोभायात्रा में भगवान श्रीराम की आकर्षक झांकियां सजाई जाएंगी, वहीं भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ पूरे गांव में भ्रमण किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे, जिससे भवानीपुर का हर मार्ग भक्ति और उत्साह से सराबोर नजर आएगा। आयोजन समिति द्वारा शोभायात्रा को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं, ताकि यह कार्यक्रम यादगार बन सके।
सामाजिक एकता का बन रहा उदाहरण
यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का भी सशक्त संदेश दे रहा है। गांव के सभी समुदायों के लोग एक साथ मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।
भवानीपुर में इन दिनों जो दृश्य देखने को मिल रहा है, वह यह दर्शाता है कि धार्मिक आयोजन किस प्रकार समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए आयोजन में सहयोग कर रहा है।
बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति
इस अवसर पर श्रोता गण एवं सामाजिक जनों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से धनेश्वर साहू, संजू साहू, सोहन ध्रुव, चूड़ामणि साहू, पूनम साहू, लीलाधर ध्रुव, बडू निषाद, दयाराम ध्रुव, नवीन यादव, सुन्दर साहू, ढालेंद्र साहू, अधारी निषाद, तुलसी राम ध्रुव, हेमन ध्रुव, विजय साहू, संतोष साहू, खेलावन निषाद, तीरथ निषाद, रामकुमार साहू, दीपक सेन, परमा साहू, संजय साहू, गौकरण साहू, कुलेश्वर साहू, नारायण साहू, गौतरिहा निषाद सहित अन्य ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
आध्यात्मिक धाम में बदला भवानीपुर
समग्र रूप से देखा जाए तो भवानीपुर इन दिनों एक आध्यात्मिक धाम के रूप में परिवर्तित हो गया है। भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का यह अद्भुत संगम आने वाले समय तक लोगों की स्मृतियों में बना रहेगा।












