प्रभात न्यूज़ 24:
नई राह, नई उम्मीदें: छत्तीसगढ़ में समावेशी आजीविका योजना का शुभारंभ, 5000 गरीब परिवारों को मिलेगा स्थायी आजीविका का सहारा
संवाददाता - विजय शंकर तिवारी
रायपुर,
छत्तीसगढ़ सरकार ने गरीबी उन्मूलन की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए "छत्तीसगढ़ समावेशी आजीविका योजना" का औपचारिक शुभारंभ कर दिया है। मंगलवार को नया रायपुर के होटल मेफेयर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में इस योजना की शुरुआत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में की गई।
यह योजना छत्तीसगढ़ के उन हजारों परिवारों के लिए नई उम्मीदें लेकर आई है, जो अब तक गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने को विवश थे। "नई राह, नई उम्मीदें" की थीम पर आधारित यह योजना राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक बदलाव की एक सशक्त नींव रखेगी।
5000 परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ
इस योजना के पहले चरण में जशपुर और कबीरधाम जिलों के पांच विकासखंडों में 5000 अति गरीब और वंचित परिवारों का चयन किया गया है। इन परिवारों को आगामी तीन वर्षों तक प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, सामुदायिक भागीदारी और योजनागत सहयोग के माध्यम से स्थायी आजीविका से जोड़ा जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य केवल आर्थिक लाभ देना नहीं है, बल्कि सामाजिक समावेशन, महिला सशक्तिकरण और समुदाय-आधारित विकास को भी बढ़ावा देना है।
सरकारी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की नई मिसाल
कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' और बीआरएसी इंटरनेशनल के बीच तीन वर्षों के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह साझेदारी तकनीकी विशेषज्ञता, क्षेत्रीय प्रशिक्षण, संसाधन उपलब्धता और सामाजिक नवाचार के क्षेत्रों में राज्य सरकार की मदद करेगी।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति और प्रेरक संबोधन
शुभारंभ कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की संयुक्त सचिव श्रीमती स्मृति शरण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, मिशन संचालक श्रीमती जयश्री जैन और बीआरएसी इंटरनेशनल की कंट्री हेड श्रीमती श्वेता एस. बैनर्जी उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों ने अपने उद्बोधन में योजना की संभावनाओं और दूरगामी प्रभावों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का संचालन एलिस मनीषा लकड़ा द्वारा किया गया, जबकि समापन सत्र में आर. के. झा ने सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया और इस पहल को एक सामाजिक क्रांति की ओर बढ़ता कदम बताया।
योजना से क्या होंगे मुख्य लाभ:
चयनित परिवारों को व्यावसायिक और तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा
स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए आर्थिक सहायता
महिला स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी
बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से सीधा जोड़
आगे की राह
छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से एक ऐसा मॉडल तैयार करना है जिसे आने वाले वर्षों में पूरे राज्य में लागू किया जा सके। यदि यह प्रारंभिक चरण सफल होता है, तो योजना का विस्तार अन्य जिलों तक किया जाएगा और लाखों परिवारों को इसका लाभ मिलेगा।
निष्कर्ष
"छत्तीसगढ़ समावेशी आजीविका योजना" केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि राज्य के सामाजिक-आर्थिक ढांचे में परिवर्तन लाने की दिशा में एक ठोस कदम है। इससे जहां गरीब परिवारों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा, वहीं राज्य सरकार की गरीब-कल्याणकारी प्रतिबद्धता भी और मजबूत होगी।














