Breaking

जहरीली गैस से स्कूली बच्चों की तबीयत बिगड़ी, विधायक संदीप साहू ने अस्पताल में जाकर जाना हाल

छत्तीसगढ़ 22 January 2025 (262)

एंबुलेंस की व्यवस्था न होने के कारण बच्चों को निजी वाहनों से सुहेला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

post

प्रभात न्यूज़ 24: 



संवाददाता - विजय शंकर तिवारी 


बलौदाबाजार:


खपराडीह गाँव में घटित एक गंभीर घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। श्री सीमेंट के पास स्थित एएफआर प्लांट से जहरीली गैस के फैलाव के कारण खपराडीह शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के 40 से अधिक बच्चों की तबीयत अचानक खराब हो गई। बच्चों को सांस लेने में दिक्कत, चक्कर आना, उल्टी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।


इस घटना के बाद कसडोल क्षेत्र के विधायक संदीप साहू ने जिला अस्पताल पहुंचकर प्रभावित बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने घटना को अत्यंत चिंताजनक बताया और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।





क्या है मामला?


खपराडीह शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार सुबह अचानक बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। एक के बाद एक बच्चे चक्कर खाकर गिरने लगे और कई छात्राएं बेहोश हो गईं। स्कूल प्रशासन ने तुरंत बच्चों को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन एंबुलेंस की व्यवस्था न होने के कारण बच्चों को निजी वाहनों से सुहेला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।


इस दौरान 35 बच्चों का प्राथमिक उपचार किया गया, जबकि अन्य बच्चों को सामुदायिक भवन में स्थानांतरित कर उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।





विधायक संदीप साहू ने सरकार और प्रशासन को घेरा


विधायक संदीप साहू ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में स्थित दो बड़े सीमेंट संयंत्रों के कारण यह समस्या उत्पन्न हो रही है। संयंत्रों से निकलने वाले जहरीले धुएं और रासायनिक प्रदूषकों के कारण स्थानीय बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है।


साहू ने कहा, "श्री सीमेंट और अन्य संयंत्रों से फैल रहे प्रदूषण ने बच्चों के जीवन को खतरे में डाल दिया है। यह केवल एक दिन की घटना नहीं है, बल्कि लंबे समय से जारी समस्या है। जिला प्रशासन को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और संयंत्र प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराना चाहिए।"





स्थानीय लोग भी नाराज, दोषियों पर कार्रवाई की मांग


गाँव के लोगों ने बताया कि सीमेंट संयंत्रों से निकलने वाले प्रदूषण के कारण वे लगातार परेशान हैं। एक स्थानीय ग्रामीण ने कहा, "हमें दिन-रात प्रदूषित हवा में सांस लेना पड़ता है। बच्चों की तबीयत खराब होना कोई नई बात नहीं है। प्रशासन को तुरंत इन संयंत्रों पर कार्रवाई करनी चाहिए।"





जिला प्रशासन की प्रतिक्रिया


जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच टीम गठित करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की सेहत से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।





घटनास्थल पर पहुंचे अन्य जनप्रतिनिधि


इस मौके पर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हितेंद्र ठाकुर, रोहित साहू, रूपेश ठाकुर, तोशन वर्मा, विक्रम गिरी, और मनोज प्रजापति भी मौजूद रहे। सभी ने प्रभावित बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात की और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।





क्या कहते हैं विशेषज्ञ?


पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि सीमेंट संयंत्रों से निकलने वाले धूलकण, सल्फर डाइऑक्साइड, और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी गैसें स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होती हैं। बच्चों पर इनका प्रभाव अधिक पड़ता है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है।





प्रभावित बच्चों के परिजनों की चिंता


घटना के बाद बच्चों के परिजन बेहद चिंतित हैं। एक छात्रा की माँ ने कहा, "हमारे बच्चों को स्कूल भेजना अब सुरक्षित नहीं लगता। यदि प्रशासन ने जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए, तो हम अपने बच्चों का भविष्य बर्बाद होते देखेंगे।"




आगे की कार्रवाई


विधायक संदीप साहू ने आश्वासन दिया कि वे इस मामले को विधानसभा में उठाएंगे और पीड़ित बच्चों को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। साथ ही, उन्होंने बच्चों की देखभाल और उनके भविष्य के लिए विशेष स्वास्थ्य और शिक्षा योजनाओं की मांग की।





निष्कर्ष:

यह घटना केवल खपराडीह गाँव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे राज्य और देश के लिए एक चेतावनी है। प्रदूषण और औद्योगिकीकरण के बढ़ते प्रभावों को नजरअंदाज करना अब संभव नहीं है। प्रशासन, उद्योग प्रबंधन और समाज को मिलकर इस समस्या का समाधान निकालना होगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

You might also like!


RAIPUR WEATHER