प्रभात न्यूज़ 24:
44 वर्षों के संघर्ष को मिली नई उम्मीद: भाटापारा जिला निर्माण की मांग फिर पहुंची विधानसभा अध्यक्ष तक

भाटापारा।
स्वतंत्र जिला भाटापारा की बहुप्रतीक्षित मांग को लेकर चल रहा जनआंदोलन एक बार फिर नई ऊर्जा के साथ सामने आया है। जिला निर्माण संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने विधायक इंद्र साव के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात कर भाटापारा को स्वतंत्र जिला घोषित किए जाने की मांग दोहराई। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपते हुए क्षेत्र की जनभावनाओं, प्रशासनिक आवश्यकताओं और लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष से अवगत कराया।
स्थानीय विश्राम गृह में हुई इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि भाटापारा को जिला बनाने की मांग कोई नई मांग नहीं है, बल्कि इसके लिए क्षेत्र की जनता पिछले 44 वर्षों से लगातार संघर्ष कर रही है। समय-समय पर विभिन्न सरकारों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष मांग रखी जाती रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आ सका है।
विधानसभा अध्यक्ष ने दिया सकारात्मक संकेत
प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रस्तुत तथ्यों और जनभावनाओं को गंभीरता से सुनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि वे इस विषय पर मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे और मांग के संबंध में सकारात्मक पहल करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि भाटापारा जिले की मांग को उचित मंच पर प्रभावी ढंग से रखा जाएगा।
जानकारी के अनुसार, गत सप्ताह भी विधायक इंद्र साव के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर में विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर भाटापारा को जिला बनाने की मांग रखी थी। उस दौरान भी विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से इस विषय पर चर्चा करने का भरोसा दिलाया था। मंगलवार को हुई मुलाकात में उन्होंने पुनः आश्वासन देते हुए कहा कि जल्द ही संबंधित पक्षों के साथ मुख्यमंत्री स्तर पर चर्चा की जाएगी।
जनता की अपेक्षाएं फिर हुईं मजबूत
जिला निर्माण संघर्ष समिति के सदस्यों का कहना है कि भाटापारा भौगोलिक, आर्थिक, व्यापारिक और प्रशासनिक दृष्टि से जिला बनने की सभी आवश्यकताओं को पूरा करता है। क्षेत्र की बढ़ती जनसंख्या, प्रशासनिक कार्यों के लिए लोगों को होने वाली परेशानियां तथा विकास की संभावनाओं को देखते हुए लंबे समय से जिला बनाने की मांग उठती रही है।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि भाटापारा को जिला बनाया जाता है तो इससे क्षेत्र के लाखों लोगों को सीधे लाभ मिलेगा। प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी, विकास कार्यों में तेजी आएगी और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव हो सकेगा।
अधिवक्ता संघ ने भी रखा पक्ष
इस अवसर पर अधिवक्ता संघ भाटापारा के सदस्यों ने भी विधानसभा अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर जिला निर्माण की मांग का समर्थन किया। अधिवक्ताओं ने कहा कि जिला न्यायालय सहित विभिन्न प्रशासनिक संस्थाओं की स्थापना से क्षेत्र के नागरिकों को न्यायिक एवं प्रशासनिक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी।
वर्षों पुराने आंदोलन को मिली नई ताकत
संघर्ष समिति के सदस्यों का मानना है कि विधानसभा अध्यक्ष द्वारा दिए गए आश्वासन से लंबे समय से संघर्ष कर रही जनता को नई उम्मीद मिली है। हालांकि समिति का कहना है कि अब केवल आश्वासनों से आगे बढ़कर ठोस निर्णय की आवश्यकता है, ताकि चार दशक से अधिक समय से चली आ रही मांग को वास्तविक स्वरूप मिल सके।
बड़ी संख्या में शामिल हुए जनप्रतिनिधि और नागरिक
विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात करने वालों में विधायक इंद्र साव, पूर्व विधायक नरेंद्र शर्मा, पूर्व मंडी अध्यक्ष सुशील शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता सुकृत साहू, अनिल मिश्रा, नरेंद्र यदु, विजय केशरवानी, आनंद शर्मा, एस.के. टंडन, राजकुमार शर्मा, दिवाकर मिश्रा, राजकुमार मल, अजय साहू, सचिन शर्मा, जीत नारायण साव सहित जिला निर्माण के लिए संघर्ष कर रहे अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता और नागरिक उपस्थित रहे।
अब निगाहें सरकार के अगले कदम पर
भाटापारा को स्वतंत्र जिला बनाने की मांग वर्षों से क्षेत्रीय राजनीति और जनचर्चा का महत्वपूर्ण विषय रही है। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा मुख्यमंत्री से चर्चा करने के आश्वासन के बाद अब क्षेत्रवासियों की निगाहें राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। यदि सरकार इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेती है, तो यह भाटापारा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि साबित हो सकती है।













