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पोला पर्व पर बैल दौड़ का हुआ भव्य आयोजन, विजेताओं को विधायक इन्द्र साव ने किया सम्मानित

मनोरंजन 23 August 2025 (310)

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प्रभात न्यूज़ 24: 

पोला पर्व पर बैल दौड़ का हुआ भव्य आयोजन, विजेताओं को विधायक इन्द्र साव ने किया सम्मानित


संवाददाता- विजय शंकर तिवारी 


बलौदा बाजार।

पारंपरिक त्योहार पोला पर्व के अवसर पर भाटापारा के स्थानीय रावण भाठा मैदान, हथनीपारा में इस वर्ष भव्य बैल दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में क्षेत्रभर से आए किसानों और पशुपालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बैलों की शानदार साज-सज्जा और उनके जोशपूर्ण दौड़ प्रदर्शन रहा।


मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भाटापारा विधायक इन्द्र साव ने विजेताओं को पुरस्कृत करते हुए कहा कि –

"पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति और कृषि जीवन का प्रतिबिंब है। यह पर्व हमारी परंपरा, सामाजिक सद्भाव और किसानों की मेहनत से जुड़ा हुआ है। ऐसे आयोजनों से आने वाली पीढ़ी हमारी लोक संस्कृति से परिचित होती है और हमारी एकता भी मजबूत होती है।"


विजेताओं को मिला सम्मान


प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले यशवंत साहू, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले दौलत साहू तथा तृतीय स्थान पर रहे साधु ध्रुव को विधायक इन्द्र साव द्वारा नगद राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। विधायक ने प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि किसानों के श्रम और पशु प्रेम से ही छत्तीसगढ़ की कृषि परंपरा जीवंत है।


संस्कृति और लोक परंपरा का अद्भुत संगम


कार्यक्रम से पहले विधायक इन्द्र साव ने प्रतिभागी बैलों की पूजा-अर्चना कर उन्हें फूलमाला पहनाई और गुलाल अर्पित किया। इस दौरान मंच पर लोकनृत्य ‘सुआ नृत्य’ का विशेष आयोजन किया गया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मैदान में उपस्थित सैकड़ों ग्रामीणों और नगरवासियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच पारंपरिक नृत्य का आनंद उठाया।


पोरा तिहार और तीज का महत्व


अपने उद्बोधन में विधायक इन्द्र साव ने कहा कि पोरा तिहार किसानों और बैलों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का पर्व है। यह केवल उत्सव ही नहीं बल्कि किसानों के जीवन, पशुधन और कृषि परंपराओं के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने आगे कहा कि तीन दिन बाद आने वाला हरितालिका तीज भी सुहागिन महिलाओं के लिए आस्था और विश्वास का सबसे बड़ा पर्व है, जो माता पार्वती और भगवान शिव के विवाह की स्मृति से जुड़ा हुआ है।


कार्यक्रम में रही जनसमूह की भारी उपस्थिति


इस अवसर पर नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल हुए। आयोजन में गिरिजाशंकर साव, अशोक ध्रुव, गेंदु साहू पार्षद, सत्यजीत शेंडे, चंद्रकुमार साहू, हलधर शर्मा, पुनीत दास, गिरधारी साहू, प्यारे साहू, शम्भू साहू, सुरेश साहू, मोंटू ध्रुव, बाला साहू, भगवत साहू, प्रभु साहू, बहादुर निषाद, यशवंत साहू, पन्ना साहू, साधु ध्रुव, दौलत साहू सहित अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।


कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को विधायक ने बधाई देते हुए कहा कि –

"छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराएं हमारी पहचान हैं, जिन्हें अक्षुण्ण बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।"


इस अवसर पर पूरा मैदान उत्साह, उल्लास और परंपरागत रंगों से सराबोर दिखाई दिया। ग्रामीणों का उत्साह देखकर यह साफ झलक रहा था कि पोला पर्व अब भी छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति की धड़कन है।

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