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फिल्म “खारून पार” की टीम ने प्रेस क्लब में की विशेष प्रेस वार्ता, कहा - "यह फिल्म छत्तीसगढ़ी सिनेमा के लिए मील का पत्थर साबित होगी"

मनोरंजन 07 September 2025 (435)

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प्रभात न्यूज़ 24: 

फिल्म “खारून पार” की टीम ने प्रेस क्लब में की विशेष प्रेस वार्ता, कहा - "यह फिल्म छत्तीसगढ़ी सिनेमा के लिए मील का पत्थर साबित होगी"


बलौदाबाज़ार,

छत्तीसगढ़ी सिनेमा की दुनिया में एक नया अध्याय जोड़ने जा रही बहुप्रतीक्षित फिल्म “खारून पार” को लेकर शनिवार को बलौदाबाज़ार प्रेस क्लब में एक विशेष प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस अवसर पर फिल्म के निर्देशक, मुख्य कलाकारों और निर्माण टीम ने न केवल फिल्म के विषयवस्तु पर विस्तार से प्रकाश डाला, बल्कि छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाने का संकल्प भी दोहराया।





 मनोरंजन से कहीं बढ़कर है “खारून पार”: क्रांति दीक्षित


प्रेस वार्ता में फिल्म के मुख्य कलाकार क्रांति दीक्षित ने कहा कि “यह फिल्म केवल मनोरंजन के लिए नहीं बनाई गई है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ी समाज, संस्कृति और नई सोच को सिनेमा के माध्यम से अभिव्यक्त करने का एक माध्यम है।”

उन्होंने आगे कहा कि फिल्म में थ्रिल, सस्पेंस, इमोशन्स और लोकसंस्कृति का ऐसा संगम है, जो दर्शकों को शुरू से अंत तक बांधे रखेगा। “खारून पार” हर वर्ग के दर्शक को जोड़ने वाली फिल्म है – चाहे वह युवा हो, बुजुर्ग हो या महिला दर्शक।





 युवाओं का उत्साह ही हमारी ताकत है: एवरग्रीन विशाल


छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री के चर्चित कलाकार एवरग्रीन विशाल ने कहा कि फिल्म के प्रमोशन के दौरान उन्हें छात्रों और युवाओं से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली।

"डी.के कॉलेज और मिनीमाता कन्या महाविद्यालय में छात्रों की आँखों में जो चमक और उम्मीद देखी, उससे हमें ये यकीन हो गया कि छत्तीसगढ़ में सिनेमा का सुनहरा भविष्य है।"

उन्होंने कहा कि “खारून पार” न केवल एक फिल्म है, बल्कि यह एक आंदोलन है, जो स्थानीय कहानियों को वैश्विक मंच पर ले जाने की क्षमता रखती है।





 इंजीनियर से निर्देशक बनने का सफर: दिव्यांश सिंह


फिल्म के युवा और ऊर्जावान निर्देशक दिव्यांश सिंह, जिन्होंने NIT रायपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है, ने अपने सफर की कहानी साझा करते हुए बताया कि तकनीकी क्षेत्र से कला के क्षेत्र में आने का निर्णय उनके लिए आसान नहीं था।

उन्होंने कहा – “मैंने कभी नहीं सोचा था कि इंजीनियरिंग की डिग्री के बाद मैं फिल्म निर्देशन करूंगा। लेकिन खारून नदी के किनारे बैठकर जो कहानियाँ मेरे मन में जन्म लेती थीं, उन्होंने मुझे कैमरे के पीछे ला खड़ा किया।”


दिव्यांश ने बताया कि फिल्म की कहानी रायपुर की जीवनदायिनी खारून नदी और महादेव घाट से गहराई से जुड़ी हुई है। इससे फिल्म को एक स्थानीय और भावनात्मक स्पर्श मिलता है, जो छत्तीसगढ़ी दर्शकों को अपनी मिट्टी से जोड़ता है।




 सितारों की चमक और दमदार अभिनय का संगम


“खारून पार” एक मल्टी-स्टारर फिल्म है जिसमें दर्शकों को एक से बढ़कर एक कलाकारों का दमदार अभिनय देखने को मिलेगा।

शील वर्मा और एल्सा घोष की नई जोड़ी जहां रोमांस और नयापन लेकर आ रही है, वहीं एवरग्रीन विशाल, राया डिंगोरिया, क्रांति दीक्षित और लोकप्रिय कॉमेडियन अमन सागर फिल्म में जान डालने वाले हैं।


फिल्म का संगीत, सिनेमाटोग्राफी और संवाद लेखन भी विशेष रूप से छत्तीसगढ़ी रंग-ढंग को ध्यान में रखकर किया गया है।





 कॉलेजों में हुआ गर्मजोशी से स्वागत, युवाओं से संवाद


फिल्म की टीम ने प्रेस वार्ता से पूर्व बलौदाबाज़ार के डी.के कॉलेज और मिनीमाता कन्या महाविद्यालय का दौरा किया, जहाँ छात्रों और फैकल्टी ने गर्मजोशी से टीम का स्वागत किया।

कॉलेज प्रशासन ने कहा कि “इस तरह के कार्यक्रमों से युवाओं को सिनेमा, संस्कृति और रचनात्मकता के नए आयामों से जुड़ने का अवसर मिलता है। यह फिल्म निश्चित रूप से छात्रों में कला के प्रति नई सोच को जन्म देगी।”





12 सितंबर को होगी भव्य रिलीज़, पूरे प्रदेश में बजेंगा “खारून पार” का डंका


फिल्म “खारून पार” आगामी 12 सितंबर 2025 को पूरे छत्तीसगढ़ के सिनेमाघरों में एक साथ रिलीज़ की जाएगी।

फिल्म को लेकर दर्शकों में अभी से ही उत्साह है। सोशल मीडिया पर ट्रेलर, पोस्टर और प्रोमो को लेकर जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है।


फिल्म समीक्षकों का मानना है कि यह फिल्म छत्तीसगढ़ी सिनेमा में एक नया बेंचमार्क सेट करेगी और आने वाले समय में अन्य युवाओं को भी क्षेत्रीय सिनेमा में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगी।





"खारून पार" नहीं है सिर्फ फिल्म, यह एक भावनात्मक यात्रा है


प्रेस वार्ता का समापन करते हुए निर्देशक दिव्यांश सिंह ने कहा –

“हम चाहते हैं कि दर्शक जब यह फिल्म देखें, तो केवल कहानी नहीं, बल्कि अपनी मिट्टी की खुशबू, अपनी संस्कृति की गरिमा और छत्तीसगढ़ की आत्मा को महसूस करें। 'खारून पार' हमारे लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि हमारी पहचान है।”





 तो तैयार हो जाइए, 12 सितंबर को सिनेमाघरों में जाइए और अपनी भाषा, अपनी संस्कृति और अपनी भावनाओं को बड़े परदे पर महसूस कीजिए। “खारून पार” – एक फिल्म नहीं, एक अनुभव।

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