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बिजली बिलों की 'करंट मार' पर कांग्रेस का हल्ला बोल! "जनता को लूट रही भाजपा सरकार, स्मार्ट मीटर बना नया हथियार" जिला कांग्रेस भवन में पत्रकार वार्ता, बिजली दर वृद्धि और बढ़े बिलों पर सरकार को घेरा

राजनीति 18 June 2026 (83)

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प्रभात न्यूज़ 24: 

बिजली बिलों की 'करंट मार' पर कांग्रेस का हल्ला बोल!

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"जनता को लूट रही भाजपा सरकार, स्मार्ट मीटर बना नया हथियार"

जिला कांग्रेस भवन में पत्रकार वार्ता, बिजली दर वृद्धि और बढ़े बिलों पर सरकार को घेरा



बलौदाबाजार। 

छत्तीसगढ़ में बढ़ती बिजली दरों और कथित तौर पर तीन गुना तक बढ़कर आ रहे बिजली बिलों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिला कांग्रेस कमेटी बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा आयोजित जिला स्तरीय पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर जनता और किसानों की जेब पर "डाका" डालने का आरोप लगाया।



छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर आयोजित इस पत्रकार वार्ता में AICC के राष्ट्रीय सचिव एवं रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सरकार की बिजली नीति को जनविरोधी बताते हुए जमकर हमला बोला।



कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा सरकार बनने के बाद पांचवीं बार बिजली दरों में वृद्धि की गई है। 



घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तथा गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की गई है। इतना ही नहीं, किसानों के कृषि पंपों की बिजली दरों में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि कर दी गई है।

स्मार्ट मीटर या स्मार्ट लूट?

पत्रकार वार्ता में सबसे बड़ा सवाल स्मार्ट मीटरों को लेकर उठाया गया। कांग्रेस का दावा है कि प्रदेशभर में लाखों उपभोक्ताओं के बिजली बिल औसत से दो से तीन गुना तक बढ़कर आ रहे हैं और इसके पीछे स्मार्ट मीटरों की संदिग्ध कार्यप्रणाली जिम्मेदार है।



नेताओं ने आरोप लगाया कि उपभोक्ताओं की सहमति के बिना अनुबंध भार (लोड) बढ़ाया जा रहा है और फिर उसी आधार पर अतिरिक्त शुल्क व अर्थदंड जोड़कर भारी-भरकम बिल थमाए जा रहे हैं। 



कांग्रेस ने सवाल उठाया कि आखिर एक ही घर की बिजली खपत अचानक तीन गुना कैसे बढ़ गई?

बिल हाफ योजना बंद, जनता पर दोहरी मार

कांग्रेस ने कहा कि उनकी सरकार के दौरान 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू थी, जिससे आम लोगों को राहत मिलती थी। लेकिन भाजपा सरकार ने पहले यह योजना बंद की और अब लगातार बिजली दरों में वृद्धि कर जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।



24 घंटे बिजली नहीं, फिर भी भारी बिल क्यों?

कांग्रेस नेताओं ने सरकार से पूछा कि जब प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली कटौती जारी है और लोगों को निर्बाध बिजली नहीं मिल रही, तो फिर उपभोक्ताओं पर बढ़े हुए बिलों का बोझ क्यों डाला जा रहा है?

उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर पर पुनर्विचार, छत्तीसगढ़ में कब?

कांग्रेस ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटरों को लेकर उठे विवाद के बाद वहां की सरकार ने पुनर्विचार का फैसला लिया है। ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार को भी जनहित में स्मार्ट मीटर योजना की समीक्षा करनी चाहिए।



कांग्रेस की चेतावनी

पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि बिजली दरों में वृद्धि वापस नहीं ली गई और बढ़े हुए बिजली बिलों की जांच नहीं कराई गई तो कांग्रेस सड़क से सदन तक आंदोलन को और तेज करेगी।



अब बड़ा सवाल यह है कि क्या वास्तव में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं, या फिर यह सिर्फ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा है? बढ़ते बिजली बिलों से परेशान जनता इस सवाल का जवाब चाहती है।

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