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क्रिकेट मैदान में पाइपलाइन बिछाने का विरोध, ग्रामीणों ने उठाए कई सवाल

देश / दुनिया 18 June 2026 (103)

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प्रभात न्यूज़ 24: 

क्रिकेट मैदान में पाइपलाइन बिछाने का विरोध, ग्रामीणों ने उठाए कई सवाल

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अनिमेष प्लांट के कार्य पर ग्रामीणों की आपत्ति, कंपनी ने कहा- नियमों के तहत हो रहा काम



बलौदाबाजार/केसला।

 ग्राम पंचायत केसला में एक निजी औद्योगिक इकाई (अनिमेष प्लांट) द्वारा नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य किए जाने को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पाइपलाइन बिछाने के लिए की जा रही खुदाई से गांव का क्रिकेट मैदान प्रभावित हो रहा है तथा इसके समीप मनरेगा के तहत निर्मित कच्ची सड़क को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।



ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में पूर्व से भी एक पाइपलाइन मौजूद है, जिसकी वैधानिक स्वीकृतियों और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) को लेकर भी गांव में सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।



ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर खुदाई की जा रही है, वह लंबे समय से गांव के युवाओं और बच्चों के खेलकूद का प्रमुख केंद्र रहा है। उनका मानना है कि पाइपलाइन निर्माण से मैदान की उपयोगिता प्रभावित हो सकती है। 



ग्रामीणों ने मांग की है कि खेल मैदान को क्षति पहुंचाए बिना वैकल्पिक मार्ग तलाशा जाए अथवा संबंधित कंपनी गांव के खेल संसाधनों के विकास के लिए ठोस पहल करे।



कुछ ग्रामीणों ने सुझाव दिया कि यदि कंपनी को सार्वजनिक उपयोग वाले क्षेत्र से पाइपलाइन ले जानी आवश्यक है, तो गांव में एक व्यवस्थित खेल मैदान या मिनी स्टेडियम विकसित करने पर भी विचार किया जाना चाहिए, जिससे बच्चों और युवाओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।



ग्रामीणों द्वारा यह भी सवाल उठाया गया है कि शिवनाथ नदी से जल दोहन के संबंध में आवश्यक अनुमतियां प्राप्त की गई हैं या नहीं। इस संबंध में संबंधित विभागों से आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी शेष है। ऐसे मामलों में वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का अधिकार केवल सक्षम विभागों के पास होता है।



कंपनी प्रबंधन का पक्ष

इस संबंध में कंपनी प्रबंधन से दूरभाष पर चर्चा किए जाने पर बताया गया कि पाइपलाइन कार्य के लिए ग्राम पंचायत से आवश्यक एनओसी (NOC) प्राप्त की गई है तथा कार्य नियमानुसार किया जा रहा है। कंपनी प्रबंधन ने यह भी कहा कि ग्रामीणों की आपत्तियों और सुझावों को गंभीरता से लिया जाएगा तथा उनसे चर्चा कर समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।



प्रशासनिक स्पष्टता की प्रतीक्षा

मामले में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पाइपलाइन निर्माण, भूमि उपयोग, जल दोहन एवं अन्य आवश्यक अनुमतियों के संबंध में संबंधित विभाग क्या स्थिति स्पष्ट करते हैं। वहीं ग्रामीणों और कंपनी प्रबंधन के बीच संवाद स्थापित होने से विवाद का समाधान निकलने की उम्मीद जताई जा रही है।



फिलहाल ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि गांव के खेल मैदान और सार्वजनिक सुविधाओं को नुकसान पहुंचाए बिना विकास कार्य किए जाएं तथा सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी तरीके से सामने लाई जाएं।

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