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शहीद SI युगल किशोर वर्मा की 9वीं पुण्यतिथि: वीर सपूत के बलिदान को नमन, श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब

देश भक्ति 07 August 2026 (15)

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प्रभात न्यूज़ 24: 

शहीद SI युगल किशोर वर्मा की 9वीं पुण्यतिथि: वीर सपूत के बलिदान को नमन, श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब



पलारी। 

देश की सुरक्षा और समाज की शांति के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर कभी इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन जाते हैं। ऐसे ही वीर सपूत, पलारी क्षेत्र के गौरव और शहीद सब इंस्पेक्टर (SI) युगल किशोर वर्मा की 9वीं पुण्यतिथि पर शुक्रवार को पूरे क्षेत्र ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पुलिस अधिकारियों, सामाजिक संगठनों, परिजनों, युवाओं और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने भाग लेकर शहीद के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति को याद किया।



शहीद की प्रतिमा स्थल पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा का वातावरण पूरी तरह राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत रहा। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के जयघोष और शहीद युगल किशोर वर्मा को पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर वीर शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।



जनप्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों ने किया नमन

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कसडोल विधायक संदीप साहू, नगर पंचायत अध्यक्ष गोपी साहू, थाना प्रभारी परिवेश तिवारी, पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, शहीद के माता-पिता एवं परिजन सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने शहीद की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर उनके अमर बलिदान को याद किया।



कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी उसके वे वीर होते हैं, जो राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए अपने प्राणों का बलिदान दे देते हैं। शहीद युगल किशोर वर्मा का जीवन इसी भावना का जीवंत उदाहरण है।



"युगल किशोर वर्मा युवाओं के लिए हमेशा रहेंगे प्रेरणास्रोत" – विधायक संदीप साहू

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए विधायक संदीप साहू ने कहा कि शहीद युगल किशोर वर्मा केवल एक पुलिस अधिकारी नहीं थे, बल्कि वे साहस, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता की मिसाल थे। उन्होंने कहा कि बेहद कम उम्र में उन्होंने जिस निडरता के साथ नक्सलियों का सामना किया और अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए वीरगति प्राप्त की, वह पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।



उन्होंने कहा कि ऐसे वीर जवानों का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाता। देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों की वजह से ही समाज सुरक्षित है। 



आने वाली पीढ़ियों को शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रसेवा और समाजहित के कार्यों में आगे बढ़ना चाहिए।

विधायक ने कहा कि शहीद युगल किशोर वर्मा ने भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका बलिदान सदैव याद रखा जाएगा और क्षेत्र की जनता उनके परिवार के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव हमेशा बनाए रखेगी।



शहीद के माता-पिता को भी किया गया सम्मानपूर्वक नमन

श्रद्धांजलि सभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि किसी भी शहीद के पीछे उसके परिवार का भी उतना ही बड़ा योगदान होता है। ऐसे माता-पिता वास्तव में राष्ट्र के गौरव हैं, जिन्होंने देश को ऐसा वीर सपूत दिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने शहीद के परिजनों का सम्मान करते हुए उनके त्याग और धैर्य को भी नमन किया।



वीरता और बलिदान की गाथा हुई याद

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने शहीद युगल किशोर वर्मा के जीवन संघर्ष, पुलिस सेवा के दौरान उनके उत्कृष्ट कार्यों और नक्सल विरोधी अभियान में उनके साहस का उल्लेख किया। 



उपस्थित लोगों ने कहा कि उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि राष्ट्र सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।

कार्यक्रम में युवाओं से अपील की गई कि वे शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेकर अनुशासन, ईमानदारी, देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारियों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।



भावुक हुआ माहौल, गूंजे भारत माता के जयघोष

श्रद्धांजलि सभा के दौरान कई क्षण ऐसे आए जब उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं। शहीद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते समय लोगों ने "भारत माता की जय", "वंदे मातरम्" और "शहीद युगल किशोर वर्मा अमर रहें" के नारों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी। पूरे कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति और सम्मान का वातावरण बना रहा।



बलिदान कभी नहीं भुलाया जाएगा

श्रद्धांजलि सभा के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि शहीद युगल किशोर वर्मा के आदर्शों, कर्तव्यनिष्ठा और देशसेवा की भावना को समाज तक पहुंचाने का कार्य निरंतर किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि शहीदों का सम्मान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।



पलारी की धरती के इस वीर सपूत का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव यह संदेश देता रहेगा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए दिया गया सर्वोच्च बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाता। शहीद युगल किशोर वर्मा का नाम क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के इतिहास में साहस, समर्पण और देशभक्ति के प्रतीक के रूप में हमेशा अमर रहेगा।

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