प्रभात न्यूज़ 24:
बिजली बिल, स्मार्ट मीटर और बढ़ती दरों पर कांग्रेस का भाजपा सरकार पर बड़ा हमला, हितेन्द्र ठाकुर बोले— "जनता से वसूली बंद करे सरकार"
बलौदाबाजार।
छत्तीसगढ़ में बिजली बिल, स्मार्ट मीटर और बढ़ती बिजली दरों को लेकर सियासत तेज हो गई है। जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष हितेन्द्र ठाकुर ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता को राहत देने के बजाय सरकार बिजली उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बिजली बिल हाफ योजना में 400 यूनिट तक मिलने वाली राहत समाप्त होने, बिजली दरों में लगातार वृद्धि, स्मार्ट मीटर की स्थापना, लो वोल्टेज और बार-बार बिजली कटौती जैसी समस्याओं के लिए राज्य सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है।
हितेन्द्र ठाकुर ने कहा कि प्रदेशभर में हजारों उपभोक्ता पिछले कई महीनों से अनाप-शनाप बिजली बिल मिलने की शिकायत कर रहे हैं। आम नागरिक बिजली विभाग के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी उपभोक्ताओं की बात गंभीरता से नहीं सुन रहे, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई बिजली बिल हाफ योजना से लाखों परिवारों को राहत मिली थी। इस योजना के तहत 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को बड़ी छूट दी जाती थी, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों का आर्थिक बोझ कम होता था। लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा नियमों में बदलाव किए जाने के बाद 401 यूनिट बिजली खर्च होने पर उपभोक्ता को पूरी राशि का भुगतान करना पड़ रहा है। कांग्रेस का दावा है कि इससे बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए हैं।
स्मार्ट मीटर को लेकर उठाए सवाल
पूर्व जिलाध्यक्ष ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर और पुराने मीटर की रीडिंग में अंतर दिखाई दे रहा है, जिससे बिजली बिल अपेक्षा से अधिक आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर पर आपत्ति है और वह पुराने मीटर की मांग करता है, तो उसकी मांग पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार स्वयं यह कह रही है कि स्मार्ट मीटर लगवाना उपभोक्ता की इच्छा पर निर्भर है, तो बिना सहमति कई स्थानों पर स्मार्ट मीटर लगाए जाने के आरोपों का जवाब दिया जाना चाहिए। कांग्रेस ने मांग की कि जिन उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर बदलने का आवेदन दिया है, उनकी शिकायतों का शीघ्र समाधान किया जाए।
बिजली दरों में वृद्धि और जनसमस्याओं का मुद्दा
हितेन्द्र ठाकुर ने आरोप लगाया कि बिजली की दरों में लगातार वृद्धि से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे व्यापारियों और किसानों पर भी अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ा है। उनका कहना है कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लो वोल्टेज और अघोषित बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है, जिससे आम जनजीवन और कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में जनता के हित में काम करना चाहती है तो बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता लाए, उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण करे तथा बिजली बिलों की स्वतंत्र जांच कराए।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि—
बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाए।
स्मार्ट मीटर को लेकर प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
जिन उपभोक्ताओं की मांग हो, उनके स्मार्ट मीटर बदलने पर विचार किया जाए।
बिजली बिलों में कथित अनियमितताओं की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
बिजली दरों में राहत देकर आम जनता को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
सरकार का पक्ष भी महत्वपूर्ण
हालांकि, इन आरोपों पर राज्य सरकार या बिजली वितरण कंपनी की ओर से इस समाचार के प्रकाशन तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सरकार पहले भी यह कह चुकी है कि स्मार्ट मीटर का उद्देश्य बिजली खपत का सटीक आकलन, पारदर्शी बिलिंग और उपभोक्ताओं को वास्तविक समय में बिजली उपयोग की जानकारी उपलब्ध कराना है।













