प्रभात न्यूज़ 24:
बलौदा बाजार की बेटी ने रचा इतिहास: शिवांशी केसरवानी बनीं केसरवानी समाज की पहली कमर्शियल पायलट, अमेरिका से हासिल किया CPL
21 वर्ष की उम्र में बड़ी उपलब्धि, संघर्ष, समर्पण और कड़ी मेहनत से पूरा किया आसमान छूने का सपना; पूरे बलौदा बाजार में गर्व और खुशी का माहौल
बलौदा बाजार।
छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले की एक होनहार बेटी ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिस पर पूरा शहर, समाज और प्रदेश गर्व महसूस कर रहा है। महज 21 वर्ष की आयु में कैप्टन शिवांशी केसरवानी ने कमर्शियल पायलट लाइसेंस (Commercial Pilot License - CPL) प्राप्त कर केसरवानी समाज की पहली कमर्शियल पायलट बनने का गौरव अर्जित किया है। यह उपलब्धि केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे केसरवानी समाज और बलौदा बाजार जिले के लिए भी ऐतिहासिक मानी जा रही है।
शिवांशी की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने का जुनून हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। उनकी इस उपलब्धि के बाद नगर में खुशी का माहौल है और हर कोई उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहा है।
अमेरिका में लिया उच्च स्तरीय प्रशिक्षण
कमर्शियल पायलट बनने का सफर आसान नहीं होता। इसके लिए कठोर प्रशिक्षण, तकनीकी ज्ञान, अनुशासन और मानसिक दृढ़ता की आवश्यकता होती है। शिवांशी ने इस चुनौतीपूर्ण यात्रा को पूरी निष्ठा के साथ पूरा किया।
उन्होंने अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया राज्य के सैक्रामेंटो स्थित Advance Aviation Center में व्यावसायिक उड़ान प्रशिक्षण प्राप्त किया। वहां उन्होंने विमान संचालन, उड़ान सुरक्षा, नेविगेशन, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने, एयर ट्रैफिक कम्युनिकेशन तथा अन्य तकनीकी विषयों का गहन अभ्यास किया। सफल प्रशिक्षण और सभी आवश्यक मानकों को पूरा करने के बाद उन्हें कमर्शियल पायलट लाइसेंस प्रदान किया गया।
इस उपलब्धि के साथ अब वे आधिकारिक रूप से कैप्टन शिवांशी केसरवानी के नाम से जानी जाएँगी।
मुंबई से शुरू हुई थी उड़ान की तैयारी
विदेश में प्रशिक्षण लेने से पहले शिवांशी ने मुंबई स्थित एक प्रतिष्ठित एविएशन प्रशिक्षण संस्थान में लगभग एक वर्ष तक अध्ययन किया। यहां उन्होंने मौसम विज्ञान (Weather), टेकऑफ एवं लैंडिंग प्रक्रिया, विमान संचालन के मूल सिद्धांत, फ्लाइट सेफ्टी, एविएशन नियम और अन्य तकनीकी विषयों का विस्तृत प्रशिक्षण प्राप्त किया।
इसी मजबूत आधार ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण के लिए तैयार किया और आगे का सफर अपेक्षाकृत आसान बनाया।
परिवार बना सबसे बड़ी ताकत
हर बड़ी सफलता के पीछे परिवार का सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कैप्टन शिवांशी के पिता नितेश केसरवानी और माता श्रीमती भावना केसरवानी ने अपनी पुत्री के सपनों को पूरा करने में हर कदम पर साथ दिया। वहीं उनके दादा नरेंद्र (नंदू) केसरवानी और दादी श्रीमती शोभा केसरवानी ने भी उन्हें निरंतर प्रेरित किया।
परिवार का कहना है कि शिवांशी बचपन से ही कुछ अलग करने का सपना देखती थीं। उन्होंने कठिन मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर अपने लक्ष्य को हासिल किया।
बेटियों के लिए बनी प्रेरणा
आज भी देश के कई हिस्सों में एविएशन क्षेत्र में महिलाओं की संख्या अपेक्षाकृत कम है। ऐसे में छोटे शहर से निकलकर कमर्शियल पायलट बनने वाली शिवांशी उन हजारों युवतियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं, जो बड़े सपने देखती हैं लेकिन संसाधनों या परिस्थितियों के कारण पीछे हट जाती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उपलब्धियाँ समाज में सकारात्मक संदेश देती हैं और बेटियों को उच्च शिक्षा एवं करियर के नए अवसरों के प्रति प्रेरित करती हैं।
समाज में खुशी की लहर
कैप्टन शिवांशी की सफलता की खबर मिलते ही केसरवानी समाज सहित बलौदा बाजार के सामाजिक, शैक्षणिक और व्यापारिक वर्गों में खुशी की लहर दौड़ गई। समाज के वरिष्ठजनों, गणमान्य नागरिकों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे समाज के लिए गौरव का विषय है।
लोगों ने विश्वास जताया कि शिवांशी भविष्य में भी अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर नई ऊँचाइयों को छुएँगी तथा प्रदेश और देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगी।
एविएशन क्षेत्र में बढ़ रहे अवसर
भारत में नागरिक उड्डयन क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। नई एयरलाइनों के संचालन, हवाई अड्डों के विकास और बढ़ती हवाई यात्राओं के कारण प्रशिक्षित पायलटों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में युवा पीढ़ी के लिए कमर्शियल पायलट का करियर एक आकर्षक विकल्प बनकर उभरा है।
शिवांशी की सफलता इस बात का उदाहरण है कि छोटे शहरों के युवा भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण लेकर इस क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
युवाओं के लिए संदेश
कैप्टन शिवांशी की सफलता यह संदेश देती है कि मेहनत, अनुशासन, सही मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग से किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। सफलता किसी शहर या संसाधन की मोहताज नहीं होती, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास ही व्यक्ति को मंजिल तक पहुँचाते हैं।
प्रभात न्यूज़ की ओर से शुभकामनाएँ
प्रभात न्यूज़ परिवार की ओर से कैप्टन शिवांशी केसरवानी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ। हमें विश्वास है कि उनकी यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और वे भविष्य में भी देश का नाम विश्वभर में रोशन करेंगी।













