प्रभात न्यूज़ 24:
स्मार्ट मीटर के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा अभियान शुरू, घर-घर जाकर भरे जाएंगे फॉर्म, सरकार पर साधे तीखे सवाल
भाटापारा।
छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर और बढ़ते बिजली बिलों को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर अब कांग्रेस ने आम जनता के बीच जाकर स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों के खिलाफ जन-जागरण अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत कांग्रेस कार्यकर्ता शहर के विभिन्न वार्डों और मोहल्लों में घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और विरोध स्वरूप फॉर्म भरवाकर सरकार तक उनकी आवाज पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
भाटापारा में आयोजित ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक में अभियान की विस्तृत रणनीति तैयार की गई। बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दिवाकर मिश्रा ने की। बैठक में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत झीरम घाटी हमले में शहीद हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं बस्तर टाइगर के नाम से प्रसिद्ध स्वर्गीय महेंद्र कर्मा की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित कांग्रेसजनों ने उनके योगदान को याद करते हुए दो मिनट का मौन रखा।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
बैठक को संबोधित करते हुए विधायक इन्द्र साव ने राज्य सरकार की बिजली नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर के माध्यम से आम उपभोक्ताओं, विशेषकर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है। उनका कहना था कि लोगों को लगातार अधिक बिजली बिल मिलने की शिकायतें मिल रही हैं, जिससे आम नागरिक परेशान हैं।
उन्होंने कहा कि बिजली विभाग आम उपभोक्ताओं पर दबाव बनाने के बजाय पहले उन बड़े बकायादारों से वसूली करे जिन पर करोड़ों रुपये का बिजली बिल बकाया है। विधायक ने दावा किया कि उन्होंने इस विषय को विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से उठाया था, जिसके जवाब में सरकार ने स्वयं स्वीकार किया कि शासकीय विभागों और गैर-शासकीय उपभोक्ताओं पर हजारों करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है।
बकाया राशि को लेकर सरकार पर निशाना
विधायक इन्द्र साव ने कहा कि सरकारी जवाब के अनुसार विभिन्न शासकीय कार्यालयों पर लगभग 3117 करोड़ रुपये तथा गैर-शासकीय कनेक्शनों पर लगभग 2736 करोड़ रुपये की बिजली राशि बकाया है। उनका आरोप था कि इतनी बड़ी राशि की प्रभावी वसूली करने के बजाय विभाग केवल सीमित कार्रवाई कर अपनी उपलब्धियां गिना रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार पहले इन बकाया राशियों की वसूली करती तो बिजली दरों में वृद्धि और स्मार्ट मीटर जैसे विवादित कदमों की आवश्यकता नहीं पड़ती।
विभिन्न विभागों पर भी उठाए सवाल
विधायक ने दावा किया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय निकाय, स्कूल शिक्षा विभाग तथा गृह विभाग सहित कई सरकारी संस्थानों पर बड़ी राशि का बिजली बिल बकाया है। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे कई प्रभावशाली उपभोक्ता भी हैं जिन पर एक लाख रुपये से अधिक का बकाया है, लेकिन उनके खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
उनका कहना था कि आम जनता से सख्ती और बड़े बकायादारों के प्रति नरमी जैसी स्थिति उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से पहले बड़े बकायादारों से वसूली करने और उसके बाद आम उपभोक्ताओं पर किसी प्रकार का अतिरिक्त बोझ डालने की बात कही।
घर-घर पहुंचेगी कांग्रेस
बैठक में निर्णय लिया गया कि आने वाले दिनों में कांग्रेस कार्यकर्ता शहर के प्रत्येक वार्ड और मोहल्ले में पहुंचकर स्मार्ट मीटर और बिजली बिल से संबंधित शिकायतें दर्ज करेंगे। लोगों से फॉर्म भरवाए जाएंगे तथा उनके माध्यम से जनमत तैयार कर सरकार तक पहुंचाया जाएगा। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह
बैठक में कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अभियान को जनआंदोलन का रूप दें और अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचें। इस दौरान संगठन को मजबूत करने, जनता के बीच लगातार संवाद बनाए रखने तथा बिजली से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाने पर भी चर्चा हुई।
बैठक को सतीश अग्रवाल, सुशील शर्मा, शहर कांग्रेस प्रभारी जितेंद्र नवरत्न, आलोक मिश्रा, रोशन हबलानी, अजीत बाजपेयी, अजय ठाकुर, डॉ. बसंत भृगु, चंद्रशेखर चक्रधारी सहित अनेक नेताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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