प्रभात न्यूज़ 24:
अमर शहीदों का त्याग और बलिदान सदैव याद रहेगा – इंद्र साव
झीरम घाटी नरसंहार की 13वीं बरसी पर कांग्रेस भवन में भावुक श्रद्धांजलि सभा, शहीद नेताओं और जवानों को किया नमन
बलौदाबाजार/भाटापारा।
छत्तीसगढ़ के राजनीतिक इतिहास के सबसे दर्दनाक अध्यायों में शामिल झीरम घाटी नरसंहार की 13वीं बरसी पर रविवार को भाटापारा स्थित कांग्रेस भवन में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने झीरम घाटी हमले में शहीद हुए कांग्रेस नेताओं और सुरक्षाबलों के जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण गमगीन और भावुक दिखाई दिया। उपस्थित कांग्रेसजनों ने शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें नमन किया।
श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से विधायक इंद्र साव उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि 25 मई 2013 का दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे काला दिन था, जब झीरम घाटी में नक्सलियों ने लोकतंत्र और जनसेवा के लिए समर्पित नेताओं एवं जवानों पर कायराना हमला किया था। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों का त्याग और बलिदान सदैव याद रखा जाएगा।
विधायक इंद्र साव ने कहा कि झीरम घाटी में हुआ हमला केवल कांग्रेस पार्टी पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा पर हमला था। इस हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष स्वर्गीय नंदकुमार पटेल, वरिष्ठ नेता विद्याचरण शुक्ल, बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा, उदय मुदलियार, दिनेश पटेल, योगेंद्र शर्मा सहित अनेक कांग्रेस नेता और वीर जवान शहीद हुए थे।
उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने जनता की सेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनका संघर्ष और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
उन्होंने कहा कि आज भी झीरम की घटना लोगों के दिलों में गहरी पीड़ा छोड़ जाती है। यह केवल एक राजनीतिक हमला नहीं था, बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास था। विधायक श्री साव ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ समाज को एकजुट होकर लड़ाई लड़नी होगी। केवल सुरक्षा बलों के भरोसे इस समस्या का समाधान संभव नहीं है, बल्कि सामाजिक जागरूकता और जनसहभागिता से ही नक्सलवाद जैसी चुनौती को समाप्त किया जा सकता है।
अपने संबोधन में विधायक इंद्र साव ने प्रदेश सरकार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इतने बड़े हमले के वर्षों बाद भी घटना के जिम्मेदार नक्सलियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब लोकतंत्र को मजबूत किया जाए और प्रदेश में शांति एवं विकास का वातावरण स्थापित हो।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दिवाकर मिश्रा ने कहा कि झीरम घाटी की घटना कांग्रेस परिवार के लिए अत्यंत पीड़ादायक स्मृति है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेसजन हर वर्ष 25 मई को शहादत दिवस के रूप में मनाते हैं और शहीद नेताओं के आदर्शों को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि झीरम के शहीदों ने लोकतंत्र और जनसेवा की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए थे, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहीद नेताओं के जीवन संघर्ष और उनके योगदान को याद किया। सभा में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि झीरम घाटी के शहीदों ने छत्तीसगढ़ की राजनीति और समाज को नई दिशा देने का कार्य किया था। उनके विचार, संघर्ष और जनसेवा की भावना हमेशा लोगों के बीच जीवित रहेगी।
श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सुशील शर्मा, गणेश सिंह ध्रुव, आलोक मिश्रा, राजकुमार शर्मा, चंद्रशेखर चक्रधारी, धनंजय तिवारी, ठाकुर राम साहू, मुकेश साहू, संजय बघेल, शैलेन्द्र अहिरवार, सचिन्द शर्मा, नवीन बख्श, शेष नारायण यदु, ओमप्रकाश यदु, पुनीत मानिकपुरी, मनमोहन कुर्रे, शशांक बंजारे, विजय महिलांगे, रामरतन डांडेकर, कुंजू साहू, रवि कुमार यादव, गिरिराज चावड़ा, लाला जैन सहित अनेक कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने शहीद नेताओं एवं जवानों के आदर्शों पर चलने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहने का संकल्प लिया।
कांग्रेस भवन में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में शहीदों की याद में भावुक माहौल बना रहा और लोगों ने “अमर शहीद अमर रहें” के नारों के साथ उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।















