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शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, पौसरी में गणतंत्र दिवस समारोह का भव्य आयोजन

देश भक्ति 26 January 2025 (161)

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प्रभात न्यूज़ 24: 

शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, पौसरी में गणतंत्र दिवस समारोह का भव्य आयोजन


संवाददाता - विजय शंकर तिवारी


बिल्हा 


बिल्हा विकासखंड के अंतर्गत स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, पौसरी में 26 जनवरी को 74वें गणतंत्र दिवस का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास और उमंग के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन स्कूल के प्रांगण में हुआ, जहां सभी वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का आरंभ मां शारदे की वंदना से हुआ, जिसे विद्यालय के बच्चों ने अपनी मधुर और सुमधुर आवाज़ में प्रस्तुत किया।


अद्भुत नृत्य और लोक संस्कृति की छटा


विद्यालय के छात्रों ने अपनी कला और नृत्य के माध्यम से एक ऐसी प्रस्तुति दी जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। "देश रंगीला रंगीला" गाने पर प्रस्तुत नृत्य ने दर्शकों का दिल जीत लिया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को उजागर करने वाले सुवा गीत, देवार गीत, लोरी, चंदैनी, बस्तरिहा गीत और कर्मा गीत की प्रस्तुति ने पूरे माहौल को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया।


छात्रों ने एकल और सामूहिक रूप से लोक गीत और नृत्य प्रस्तुत किए, जिसने गांव के बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों को झूमने पर मजबूर कर दिया। यह सांस्कृतिक आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा और उसकी विविधता को दर्शाने में पूरी तरह से सफल रहा।


जनसमूह उमड़ा, एसएमसी और रसोइयों ने निभाई अहम भूमिका


कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों, बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का हुजूम उमड़ पड़ा। विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के सदस्य और मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना के तहत सभी रसोइयों ने इस आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।


शिक्षकों और समन्वयकों का योगदान


शैक्षणिक समन्वयक कांति वर्मा और शिक्षक लक्ष्मीचंद श्याम ने कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष योगदान दिया। मंच संचालन की जिम्मेदारी विद्यालय के प्रधानपाठक डॉ. चंद्रशेखर यादव ने संभाली। उनकी स्पष्ट और प्रभावशाली वाणी ने पूरे कार्यक्रम को खूबसूरती से संचालित किया।


समापन और संदेश


कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. यादव ने गणतंत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन हमें देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान की विशेषताओं की याद दिलाता है। उन्होंने छात्रों को देशभक्ति और अनुशासन के साथ जीवन जीने की प्रेरणा दी।


गणतंत्र दिवस का यह आयोजन न केवल बच्चों के लिए सीखने का एक माध्यम बना, बल्कि यह गांव के लोगों के लिए मनोरंजन और प्रेरणा का स्रोत भी रहा। यह कार्यक्रम पौसरी के इतिहास में यादगार बन गया।

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