प्रभात न्यूज़ 24:
किराया विवाद ने बढ़ाया तनाव, प्रशासन की पहल से टली टकराव की स्थिति — कोतवाली में शांति समिति की अहम बैठक
बलौदाबाजार।
जिला मुख्यालय के व्यस्ततम सदर रोड स्थित मस्जिद परिसर के व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स में किरायेदारों और मस्जिद कमेटी के बीच उपजे विवाद ने सोमवार को अचानक तूल पकड़ लिया। दुकानों को खाली कराने के मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा। स्थिति को नियंत्रण में रखने और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचाव हेतु सिटी कोतवाली में शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों सहित सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, सदर रोड स्थित मस्जिद परिसर में वर्षों से संचालित व्यवसायिक दुकानों के किरायेदारों और मस्जिद कमेटी के बीच दुकानों के स्वामित्व और किरायेदारी को लेकर मतभेद सामने आए हैं। यहां के दुकानदारों का कहना है कि वे पिछले तीन दशकों से अधिक समय, यानी वर्ष 1990 से लगातार व्यवसाय कर रहे हैं और नियमित रूप से किराया जमा करते आ रहे हैं।
दुकानदारों के अनुसार, समय-समय पर किरायानामा का नवीनीकरण भी होता रहा है और पूर्व की मस्जिद कमेटियों के साथ कभी किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न नहीं हुआ।
किरायेदारों के आरोप
किरायेदारों ने आरोप लगाया है कि हाल ही में नियुक्त मस्जिद कमेटी के मुल्तालवी द्वारा अचानक दुकानों को खाली कराने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि बिना स्पष्ट कानूनी प्रक्रिया अपनाए उन्हें बेदखल करने की कोशिश की जा रही है, जिससे व्यापारी वर्ग में असंतोष और चिंता का माहौल है।
इसी को लेकर किरायेदारों ने रविवार को सिटी कोतवाली पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बावजूद सोमवार सुबह फिर से विवाद की स्थिति बनने लगी, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया।
प्रशासन हुआ सक्रिय
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। थाना सिटी कोतवाली के प्रभारी ने स्थिति को संभालते हुए दोनों पक्षों को थाने में बुलाया और शांति समिति की बैठक आयोजित की।
बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी विवाद का समाधान कानून के दायरे में रहकर ही किया जाएगा और किसी भी पक्ष को एकतरफा कार्रवाई की अनुमति नहीं दी जाएगी।
शांति समिति की बैठक में बनी सहमति
बैठक के दौरान दोनों पक्षों को अपनी-अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया गया। लंबी चर्चा और संवाद के बाद दोनों पक्षों ने आपसी सौहार्द बनाए रखने और किसी भी प्रकार के टकराव से बचने का आश्वासन दिया।
प्रशासन ने भी सभी को यह भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित समाधान निकाला जाएगा। साथ ही यह भी कहा गया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में रहे प्रमुख लोग उपस्थित
इस अहम बैठक में थाना प्रभारी, तहसीलदार, नगर पालिका अध्यक्ष, चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि, विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, मस्जिद कमेटी के सदस्य, व्यापारी वर्ग तथा हिंदू-मुस्लिम समाज के वरिष्ठ नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सामाजिक सौहार्द बना रहा प्राथमिकता
इस पूरे घटनाक्रम में राहत की बात यह रही कि समय रहते प्रशासन और समाज के जिम्मेदार लोगों के हस्तक्षेप से संभावित विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से संभाल लिया गया।
स्थानीय नागरिकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि संवाद और समझदारी से ही ऐसे संवेदनशील मामलों का समाधान संभव है।
आगे क्या?
अब यह मामला प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा। किरायेदारी, अनुबंध और स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य बनी हुई है, लेकिन प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।











