प्रभात न्यूज़ 24:
तिरंगे की छांव में गूंजा लोकतंत्र का स्वर
बलौदाबाजार प्रेस क्लब ने राष्ट्रभक्ति और पत्रकारिता के संकल्प के साथ मनाया 77 वां गणतंत्र दिवस
बलौदाबाजार।
जब तिरंगा शान से लहराता है और राष्ट्रगान की स्वर लहरियां वातावरण में गूंजती हैं, तब हर हृदय में देशभक्ति का सैलाब उमड़ पड़ता है। ऐसा ही भावनात्मक और गौरवपूर्ण दृश्य 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर बलौदाबाजार प्रेस क्लब परिसर में देखने को मिला, जहां पत्रकारिता, संविधान और राष्ट्रभक्ति एक सूत्र में बंधकर जीवंत हो उठे।
प्रेस क्लब परिसर में सुबह देशभक्ति से ओत-प्रोत वातावरण के बीच ध्वजारोहण किया गया। तिरंगे को नमन करते हुए उपस्थित पत्रकारों और पदाधिकारियों ने संविधान की मर्यादा, लोकतंत्र की मजबूती और पत्रकारिता की निष्पक्ष भूमिका को सदैव निभाने का संकल्प लिया।
लोकतंत्र की रक्षा में पत्रकारों की भूमिका अमिट – नरेश गनशानी
ध्वजारोहण पश्चात अध्यक्ष नरेश गनशानी ने भावुक शब्दों में कहा—
“26 जनवरी केवल एक तारीख नहीं, बल्कि हमारे संघर्ष, बलिदान और संविधान की आत्मा का प्रतीक है। पत्रकार लोकतंत्र की वह मशाल हैं, जो अंधकार में भी सत्य का प्रकाश फैलाती है। जब तक कलम ईमानदार है, तब तक लोकतंत्र सुरक्षित है।”
उन्होंने कहा कि प्रेस क्लब सदैव राष्ट्रहित और जनहित को सर्वोपरि रखकर कार्य करता रहेगा।
संविधान हमारा गौरव, कर्तव्य हमारी पहचान – दलजित चावला
प्रेस क्लब सचिव दलजित चावला ने कहा—
“हमारा संविधान हमें बोलने की आज़ादी देता है, लेकिन उसी के साथ जिम्मेदारी भी सौंपता है। पत्रकारों को न केवल अधिकारों का उपयोग करना चाहिए, बल्कि कर्तव्यों का निर्वहन भी पूरी निष्ठा से करना चाहिए।”
उन्होंने एकजुट होकर समाज के हर वर्ग की आवाज बनने का आह्वान किया।
कानून, संविधान और पत्रकारिता—तीनों का संगम जरूरी – सतीश चंद्र श्रीवास्तव
विधि सलाहकार एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा—
“संविधान ही देश की आत्मा है और कानून उसकी रक्षा कवच। पत्रकार जब संविधान की समझ के साथ कार्य करता है, तब वह न केवल खबर देता है, बल्कि समाज को दिशा भी देता है।”
उन्होंने पत्रकारों को संवैधानिक मूल्यों का प्रहरी बताया।
संगठन की मजबूती से ही आवाज बनती है प्रभावशाली – राजेश्वर गिरी
कोषाध्यक्ष राजेश्वर गिरी ने कहा—
“एक मजबूत संगठन ही पत्रकारों को निर्भीक बनाता है। पारदर्शिता, विश्वास और सहयोग से ही प्रेस क्लब निरंतर सशक्त होता रहेगा।”
नई पीढ़ी में राष्ट्रभाव जगाना आवश्यक – विजय शंकर तिवारी
सह सचिव विजय शंकर तिवारी ने भावनात्मक अंदाज में कहा—
“आज आवश्यकता है कि युवा पत्रकारों के भीतर राष्ट्रभक्ति, संविधान के प्रति सम्मान और समाज के प्रति संवेदना विकसित हो। यही सच्ची पत्रकारिता की पहचान है।”
कलम जब जागती है, समाज सोता नहीं – राघवेंद्र सिंह
सलाहकार राघवेंद्र सिंह ने कहा—
“पत्रकार समाज की चेतना है। गणतंत्र दिवस हमें याद दिलाता है कि हमारी कलम कभी थकनी नहीं चाहिए।”
पत्रकारिता सेवा है, समझौता नहीं – पुष्पकांत मेजर
पुष्पकांत मेजर ने कहा—
“पत्रकारिता त्याग, संघर्ष और सेवा का मार्ग है। सत्य के लिए खड़ा होना ही सबसे बड़ी देशसेवा है।”
संवेदनशीलता ही लोकतंत्र को मानवीय बनाती है – संतोष यादव
संतोष यादव ने कहा—
“जब पत्रकार समाज की पीड़ा को महसूस करता है, तभी खबर जनआंदोलन बनती है।”
मीडिया मजबूत तो लोकतंत्र अडिग – मोहित मरकाम
मोहित मरकाम ने कहा—
“स्वतंत्र और सशक्त मीडिया ही लोकतंत्र की असली ताकत है।”
कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन कर राष्ट्र की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया।
देशभक्ति, आत्ममंथन और पत्रकारिता की प्रतिबद्धता के साथ गणतंत्र दिवस समारोह एक अविस्मरणीय संदेश छोड़ गया—
“कलम जब राष्ट्रहित में चलती है, तब तिरंगा और ऊंचा लहराता है।”

























