प्रभात न्यूज़ 24:
विजयादशमी पर मां आदिशक्ति के समक्ष विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल ने किया शस्त्र पूजन, गूंजा 'जय श्रीराम' का उद्घोष
संवाददाता - विजय शंकर तिवारी
बलौदाबाजार, छत्तीसगढ़।
विजयादशमी के पावन अवसर पर संपूर्ण बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में धर्म, शक्ति और संस्कृति का अद्वितीय संगम देखने को मिला। विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जिले के नगर, प्रखंडों तथा ग्रामों में पारंपरिक आस्था के साथ मां आदिशक्ति भवानी की आराधना करते हुए शस्त्र पूजन का भव्य आयोजन किया। इस अवसर पर मां दुर्गा के शक्ति स्वरूप का ध्यान करते हुए पूजा-अर्चना, आरती तथा शस्त्र पूजन संपन्न हुआ। पूजन के उपरांत कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र कल्याण, गौसंरक्षण, और हिंदू समाज की रक्षा के संकल्प के साथ मां भवानी से आशीर्वाद प्राप्त किया।
धार्मिकता और राष्ट्रवाद का समन्वय
बलौदाबाजार नगर के प्रसिद्ध षष्ठी माता मंदिर प्रांगण में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी शस्त्र पूजन का आयोजन बड़े ही श्रद्धा भाव और उत्साह के साथ किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, बच्चों और गणमान्यजनों की उपस्थिति ने इसे विशेष बना दिया। मां षष्ठी के मंदिर में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई, तत्पश्चात परंपरागत रूप से अस्त्र-शस्त्रों की पूजा की गई। इस दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने "जय श्रीराम", "वंदे मातरम्" और "भारत माता की जय" के नारे लगाए, जिससे वातावरण भक्तिमय और ऊर्जावान हो गया।
जिला अध्यक्ष अभिषेक तिवारी ने दी शुभकामनाएं
विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष अभिषेक तिवारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समस्त हिंदू समाज को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा,
> “यह पर्व बुराई पर अच्छाई, अन्याय पर न्याय और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। यही वह दिन है जब भगवान श्रीराम ने मां चंडी की पूजा कर रावण रूपी अधर्म का अंत किया था। आज भी उसी परंपरा को निभाते हुए हम अपने शस्त्रों की पूजा करते हैं ताकि धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा हेतु सदैव तत्पर रहें।”
उन्होंने यह भी कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ की परंपरा नहीं है, यह जीवन पद्धति है जिसमें प्रकृति से लेकर शस्त्रों तक का सम्मान निहित है। आज जब विश्व में सनातन संस्कृति पर बार-बार आघात हो रहे हैं, तब युवाओं को चाहिए कि वे धर्म और राष्ट्र के लिए जागरूक बनें और शास्त्रों के साथ-साथ शस्त्रों में भी पारंगत हों।
गौसंरक्षण एवं हिंदू हितों की रक्षा का लिया संकल्प
शस्त्र पूजन के अवसर पर विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गौवंश की सेवा-सुरक्षा, समाज में हो रहे हिंदू समाज के अधिकारों के हनन के विरुद्ध संघर्ष, तथा भारत को फिर से विश्वगुरु बनाने के संकल्प को दोहराया। युवाओं को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में इस आयोजन को एक प्रेरणास्रोत माना गया।
विशिष्ट उपस्थिति एवं उत्साहपूर्ण वातावरण
इस धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। हेमंत वर्मा, लक्ष्मेंद्र अग्रवाल, शिवप्रकाश तिवारी, वासुदेव ठाकुर, विनय गुप्ता, राजेश साहू, रवि यादव, आयुष बरनवाल, सुबीर विश्वास, शिवम ठाकुर, बंटी सेन, नितेश साहू, सागर यादव, युगलकिशोर यादव, गौरीशंकर, पुष्पम साहू, अविनाश ध्रुव, मयंक सोनी, पृथ्वीराज सहित कई सक्रिय कार्यकर्ता इस आयोजन में सम्मिलित रहे।
सभी ने मिलकर एक स्वर में राष्ट्र रक्षा, संस्कृति संरक्षण और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। आयोजन में महिलाओं और बच्चों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे यह आयोजन एक सामाजिक उत्सव का स्वरूप ले चुका था।
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निष्कर्ष:
विजयादशमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की विजयगाथा है। बलौदाबाजार में आयोजित यह शस्त्र पूजन न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक चेतना, राष्ट्रभक्ति और युवा जागरण का संदेश भी देता है। ऐसे आयोजनों से यह स्पष्ट होता है कि भारतवर्ष का युवा वर्ग अपनी जड़ों से जुड़ा है और धर्म व राष्ट्र के लिए समर्पित भाव से कार्य करने को तैयार है।















