प्रभात न्यूज़ 24:
ग्राम पंचायत सकरी में धूमधाम से मनाई गई “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ
पंचायत भवन एवं हाई स्कूल परिसर में राष्ट्रभावना से ओतप्रोत कार्यक्रम का आयोजन
संवाददाता- विजय शंकर तिवारी
बलौदा बाजार,
भारत के राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” की रचना को आज 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पूरे देश में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला। शासन के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य के प्रत्येक पंचायत, शासकीय कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान एवं सामाजिक संगठनों में “वंदे मातरम्” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत सकरी में भी आज 7 नवम्बर 2025 को पंचायत भवन एवं हाई स्कूल परिसर में राष्ट्रभक्ति से परिपूर्ण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
जनपद पंचायत बलौदाबाजार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी फकीरचरण पटेल के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के पदाधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” के सामूहिक गायन से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को देशभक्ति से सराबोर कर दिया।
ग्राम पंचायत सचिव हरिकिशन वर्मा ने इस अवसर पर बताया कि शासन के आदेश के तहत “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ का आयोजन चार चरणों में किया जाएगा।
प्रथम चरण : 7 नवम्बर से 14 नवम्बर 2025 तक,
द्वितीय चरण : 19 जनवरी से 26 जनवरी 2026 तक,
तृतीय चरण : 7 अगस्त से 15 अगस्त 2026 तक “हर घर तिरंगा” अभियान के साथ,
चतुर्थ एवं अंतिम चरण : 1 नवम्बर से 7 नवम्बर 2026 तक समापन समारोह के रूप में मनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यह उत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय भावना को सशक्त करने का प्रतीक है।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत सकरी के सरपंच हरीश कुमार फेकर ने कहा कि —
> “वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। यह गीत मातृभूमि की आराधना करता है और हमें अपने कर्तव्यों के प्रति सजग होने की प्रेरणा देता है।”
कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने राष्ट्रगीत गाकर देशप्रेम की भावना का परिचय दिया। हाई स्कूल सकरी के प्राचार्य श्री ऑस्कर एक्का ने विद्यार्थियों को “वंदे मातरम्” के ऐतिहासिक महत्व और स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 1875 में बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा रचित यह गीत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की धड़कन बन गया था, जिसे 1896 में पहली बार रवींद्रनाथ टैगोर ने सार्वजनिक रूप से गाया था।
कार्यक्रम में पंचायत सचिव हरिकिशन वर्मा, सरपंच हरीश कुमार फेकर, मुकेश वर्मा, मोटू वर्मा, दीपक साहू, नितेश साहू, वेदप्रकाश सेन, पुरुषोत्तम सेन, कविता वर्मा, खूबी राम टंडन, विद्या चरण वर्मा, बलराम ध्रुव, विनीता टोप्पो, पिंकी चंद्राकर, विकास चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, छात्र-छात्राएं एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
ग्राम पंचायत सकरी का यह आयोजन न केवल प्रशासनिक निर्देशों के पालन का प्रतीक बना, बल्कि यह स्थानीय स्तर पर राष्ट्रीय एकता, जनजागरण और सांस्कृतिक चेतना को पुनर्जीवित करने का माध्यम भी साबित हुआ। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने मिलकर “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के जयघोष के साथ देशभक्ति का वातावरण गुंजायमान कर दिया।















