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“रेत का काला साम्राज्य”: तिल्दा में दिनदहाड़े महानदी की लूट, रोज़ 500 ट्रैक्टरों का काफिला, सिस्टम मौन!

क्राइम 13 February 2026 (170)

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प्रभात न्यूज़ 24: 

“रेत का काला साम्राज्य”: तिल्दा में दिनदहाड़े महानदी की लूट, रोज़ 500 ट्रैक्टरों का काफिला, सिस्टम मौन!



बलौदाबाजार।

लवन क्षेत्र की ग्राम पंचायत तिल्दा इन दिनों अवैध रेत खनन के ऐसे खेल का केंद्र बन चुकी है, जिसने पूरे इलाके में भय, आक्रोश और सवालों का माहौल खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां रेत माफिया का ऐसा ‘साम्राज्य’ खड़ा हो चुका है, जहां कानून की पहुंच कमजोर और पैसों की ताकत हावी दिखाई देती है।

बताया जा रहा है कि तिल्दा ग्राम पंचायत से ही रोजाना करीब 400 से 500 ट्रैक्टर रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है। यदि पूरे लवन क्षेत्र का अनुमान लगाया जाए, तो यह आंकड़ा कई गुना अधिक हो सकता है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि इस अवैध कारोबार से सरकार को रोजाना कितने लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा होगा।



सुबह होते ही सड़कों पर ‘रेत की बारात’

जैसे ही सुबह की पहली किरण फैलती है, लवन की सड़कों पर रेत से भरे ट्रैक्टरों का काफिला निकल पड़ता है। गांव से लेकर मुख्य मार्ग तक हर ओर रेत से लदे वाहन नजर आते हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि

कई ट्रैक्टरों पर नंबर प्लेट तक नहीं होती

रॉयल्टी रसीद का कोई अता-पता नहीं

और सबसे चौंकाने वाली बात—कई ट्रैक्टरों की स्टेरिंग नाबालिग बच्चों के हाथों में होती है

यह नजारा न सिर्फ कानून की धज्जियां उड़ाता है, बल्कि हर पल किसी बड़े हादसे का खतरा भी पैदा करता है।




जेल से लौटे, ‘धंधा’ हुआ और तेज!

ग्रामीणों के मुताबिक, अवैध खनन से जुड़े कुछ लोगों को पिछले साल 20 नवंबर को जेल भेजा गया था। मामला अब भी न्यायालय में लंबित है, लेकिन जेल से बाहर आते ही कथित तौर पर उनका कारोबार पहले से ज्यादा रफ्तार पकड़ चुका है।

लोगों का कहना है कि यह हालात ऐसे दिखते हैं, मानो जेल जाना भी इस अवैध कारोबार का हिस्सा भर बनकर रह गया हो।



चौपाल से चाय दुकान तक एक ही चर्चा

गांवों में लोग खुलकर बोलने से डरते हैं, लेकिन दबी जुबान में हर जगह एक ही सवाल गूंज रहा है—

क्या महानदी का सीना ऐसे ही रोज छलनी होता रहेगा?

क्या इस अवैध कारोबार पर लगाम कसने वाला कोई नहीं है?

क्या सरकारी खजाने को हो रही इस भारी क्षति का हिसाब कोई लेगा?

कानून के हिसाब से बड़ा अपराध

कानूनी प्रावधानों के अनुसार बिना वैध अनुमति के रेत उत्खनन और परिवहन

खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957

पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986

राज्य खनिज नियमों

के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इसमें वाहन जब्ती, भारी जुर्माना और कारावास तक का प्रावधान है।

वहीं नाबालिगों से ट्रैक्टर चलवाना मोटर वाहन अधिनियम के तहत भी कठोर दंडनीय अपराध माना जाता है।



अब नजर प्रशासन पर

तिल्दा और लवन क्षेत्र में फैलते इस कथित ‘रेत साम्राज्य’ ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों की मांग है कि

संयुक्त अभियान चलाकर अवैध खनन पर रोक लगाई जाए

बिना रॉयल्टी वाले वाहनों की तत्काल जब्ती हो

नाबालिग ड्राइविंग पर सख्त कार्रवाई की जाए



अब पूरे क्षेत्र की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं—

क्या इस काले कारोबार पर कड़ी कार्रवाई होगी, या महानदी की रेत यूं ही ट्रैक्टरों में भरकर हर सुबह लूटी जाती रहेगी?


(इस मुद्दे पर हमारा विशेष अभियान जारी रहेगा, जल्द ही और खुलासे…)



थाना प्रभारी का पक्ष

इस संबंध में लवन थाना प्रभारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, किंतु उनसे फोन पर संपर्क नहीं हो सका। थाना प्रभारी का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।





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