प्रभात न्यूज़ 24:
फाइलेरिया उन्मूलन के लिए प्रदेशव्यापी अभियान शुरू, 18 जिलों में 1.58 करोड़ लोगों को दवा देने का लक्ष्य
बलौदाबाजार।
फाइलेरिया (हाथीपांव) जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन के लिए राज्य सरकार द्वारा 10 फरवरी से प्रदेशव्यापी सामूहिक दवा सेवन (एमडीए) अभियान की शुरुआत कर दी गई है। इस अभियान के तहत प्रदेश के 18 जिलों में 1 करोड़ 58 लाख से अधिक लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। विशेष रूप से फाइलेरिया प्रभावित 65 विकासखंडों में इस अभियान पर अधिक फोकस किया जा रहा है।
पलारी अंचल के भवानीपुर, चरोदा, रीवाडीह, खपरी सहित समस्त स्वास्थ्य केंद्रों में अभियान की शुरुआत उत्साहपूर्वक की गई। इस दौरान मितानिन, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, एमडीए प्रोग्रामर, एएनएम एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के सहयोग से घर-घर पहुंचकर नागरिकों को फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कराया गया। साथ ही आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष बूथ बनाकर भी दवा वितरण किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फाइलेरिया, जिसे आम भाषा में हाथीपांव कहा जाता है, संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलने वाली बीमारी है। यह बीमारी शरीर के लसीका तंत्र को प्रभावित करती है और समय के साथ व्यक्ति को स्थायी दिव्यांगता तक पहुंचा सकती है। इसकी एक बड़ी चुनौती यह है कि इसके लक्षण कई वर्षों बाद सामने आते हैं और एक बार बीमारी हो जाने पर इसका पूर्ण उपचार संभव नहीं होता।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि फाइलेरिया से बचाव पूरी तरह संभव है और इसी उद्देश्य से यह सामूहिक दवा सेवन अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर तथा निर्धारित बूथों पर लोगों को अपने सामने निशुल्क और सुरक्षित फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन करा रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे बिना किसी डर या भ्रांति के दवा का सेवन करें और अभियान को सफल बनाने में सहयोग दें।
चरोदा के आरोग्य मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जनपद सदस्य नीलिमा कोसले, सरपंच लखेश्वरी जायसवाल तथा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी मीना ध्रुव की उपस्थिति में लोगों को दवा का सेवन कराया गया और जागरूकता संदेश दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि यह अभियान निर्धारित अवधि तक लगातार चलाया जाएगा, जिसमें छूटे हुए लोगों को भी चिन्हित कर दवा दी जाएगी। अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त बनाना है, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस गंभीर बीमारी से पीड़ित न हो।
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि जब स्वास्थ्य कर्मी घर आएं तो उन्हें सहयोग दें, दवा अवश्य लें और अपने परिवार के सभी सदस्यों को भी दवा सेवन के लिए प्रेरित करें। सामूहिक प्रयास से ही फाइलेरिया जैसी बीमारी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।


























