प्रभात न्यूज़ 24:
आबकारी अधिनियम में ऐतिहासिक फैसला: जलेश सिंह की सशक्त विवेचना से आरोपी को 2 साल की सजा
बलौदाबाजार।
जिले में आबकारी विभाग की सख्त कार्यवाही का असर अब न्यायालय में भी साफ दिखने लगा है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कसडोल ने धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के प्रकरण में आरोपी चिंताराम पटेल और अभियुक्ता निर्मला साहू को 2 वर्ष के कठोर कारावास और 25-25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मामले में सहायक जिला आबकारी अधिकारी जलेश सिंह की उत्कृष्ट विवेचना निर्णायक साबित हुई, जिसकी हर स्तर पर सराहना हो रही है।
बड़ी मात्रा में अवैध शराब व लाहन बरामद
दिनांक 30 अक्टूबर 2025 को आबकारी विभाग की टीम ने ग्राम चांदन, थाना राजादेवरी में छापेमारी कर चिंताराम पटेल (43 वर्ष) और निर्मला साहू (30 वर्ष) के कब्जे से 120 बल्क लीटर कच्ची महुआ शराब, 60 बल्क लीटर अवैध मदिरा, तथा करीब 2600 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया था। मौके से दो गैस सिलेंडर और शराब बनाने के उपकरण भी बरामद किए गए थे।
जलेश सिंह की विवेचना बनी मजबूत आधार
इस प्रकरण में सहायक जिला आबकारी अधिकारी जलेश सिंह ने साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से संकलन, गवाहों के बयान, जब्ती पंचनामा और केस डायरी को इतनी मजबूती से तैयार किया कि अदालत में आरोपियों के बचाव के तर्क टिक नहीं पाए।
अदालत ने सभी साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद त्वरित निर्णय देते हुए दोनों आरोपियों को सजा सुनाई।
जिले में पहली बार इतनी कड़ी सजा
आबकारी अधिनियम के तहत यह पहला मामला माना जा रहा है, जिसमें न्यायालय ने आरोपी को सीधे 2 वर्ष की सजा और भारी जुर्माना सुनाया है। इस फैसले को अवैध शराब के कारोबार पर बड़ी चोट माना जा रहा है।
टीम की भी सराहना
इस पूरी कार्यवाही में सहायक जिला आबकारी अधिकारी जलेश सिंह के साथ आबकारी उपनिरीक्षक मनराखन नेताम, दिनेश साहू, पी. माधवराव साहू, मुख्य आरक्षक राधा गिरी गोस्वामी और नगर सैनिक राजकुमारी पैकरा का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
अवैध शराब माफियाओं को सख्त संदेश
इस सजा से साफ संदेश गया है कि आबकारी विभाग की कड़ी निगरानी और मजबूत विवेचना के सामने अवैध शराब का कारोबार ज्यादा दिन टिक नहीं पाएगा।
जलेश सिंह की सख्त और पेशेवर कार्यप्रणाली को जिले में कानून व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में एक बड़ीSub Title उपलब्धि माना जा रहा है।





















