प्रभात न्यूज़ 24:
राजनीतिक दबाव में पलटा आदेश? हथबंध पंचायत में सचिव की वापसी से मचा बवाल
महिला बाहुल्य पंचायत में सचिव पर नियमों की अनदेखी, वित्तीय जानकारी छुपाने और अनियमित उपस्थिति के आरोप
बलौदाबाजार।
ग्राम पंचायत हथबंध में पंचायत सचिव की पुनः पदस्थापना को लेकर विवाद गहरा गया है। पंचायत के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव का कार्य व्यवहार लंबे समय से विवादों में रहा है, फिर भी उन्हें दोबारा उसी पंचायत में पदस्थ कर दिया गया है।
पंचायत के उपसरपंच और पंचों का कहना है कि सचिव द्वारा पंचायत में चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी जनप्रतिनिधियों से साझा नहीं की जा रही थी। योजनाओं में आवंटित राशि और खर्च का पूरा विवरण भी उपलब्ध नहीं कराया गया। इससे पंचायत में वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जनप्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया है कि पंचायत महिला बाहुल्य होने के बावजूद सचिव का व्यवहार महिला प्रतिनिधियों के प्रति सम्मानजनक नहीं रहा। कई बार बैठक और योजनाओं से संबंधित जानकारी भी समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई।
सबसे गंभीर आरोप सचिव की अनियमित उपस्थिति को लेकर है। ग्रामीणों का कहना है कि सचिव पंचायत मुख्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते थे। वे महीने में सीमित दिनों के लिए ही कार्यालय आते थे, जिससे आम नागरिकों के कामकाज प्रभावित हो रहे थे और प्रशासनिक प्रक्रियाएं बाधित हो रही थीं।
इन आरोपों से नाराज़ होकर उपसरपंच और पंचों ने सामूहिक रूप से जिला पंचायत सीईओ को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के बाद सचिव का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण आदेश जारी किया गया था।
हालांकि, कुछ ही समय बाद कथित राजनीतिक दबाव के चलते उसी आदेश को शिथिल कर सचिव को फिर से हथबंध पंचायत में पदस्थ कर दिया गया। इस फैसले के बाद पंचायत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि अनियमितताओं के कारण सचिव को हटाया गया था, तो फिर उनकी वापसी क्यों कर दी गई। महिला प्रतिनिधियों की शिकायतों को भी नजरअंदाज किए जाने की बात सामने आ रही है।
इस पूरे मामले को लेकर पंचायत में असंतोष का माहौल है और ग्रामीण निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
अब सबकी नजर जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है कि क्या मामले की पारदर्शी जांच कर उचित निर्णय लिया जाएगा या विवाद यूं ही बना रहेगा।
जिला सीईओ का पक्ष
इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ से फोन पर चर्चा करने पर उन्होंने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मामले की पूरी जानकारी बाद में साझा की जाएगी। उन्होंने कहा, “इस विषय में बाद में आपसे विस्तार से बात करूंगा।”
सीईओ के इस बयान के बाद अब पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।

























