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**❗️हथबंध शराब दुकान खुलते ही अवैध कारोबार बेनकाब ❓कोच्चियों को थोक में शराब मिल कहां से रही है? ❗️छोटे सप्लायर पकड़ में, बड़े मगरमच्छ अब भी बाहर!**

क्राइम 02 February 2026 (208)

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प्रभात न्यूज़ 24: 

**❗️हथबंध शराब दुकान खुलते ही अवैध कारोबार बेनकाब

❓कोच्चियों को थोक में शराब मिल कहां से रही है?

❗️छोटे सप्लायर पकड़ में, बड़े मगरमच्छ अब भी बाहर!**



उड़ेला / हथबंध।

ग्राम हथबंध स्थित शराब दुकान खुले अभी महज़ एक दिन ही बीता था कि अवैध शराब के कारोबार ने प्रशासन की पोल खोल दी। छपोरा ग्राम और सोनबरसा क्षेत्र में अवैध बिक्री के लिए शराब ले जाते हुए पुलिस ने नेवधा के पास एक सोल्ड एक्सेस स्कूटी को पकड़ा, जिस पर तीन आरोपी सवार थे।

पुलिस ने मौके से 91 पाव देशी मदिरा मसाला जब्त करते हुए

कुलेश्वर चतुर्वेदी, हर्ष चतुर्वेदी और भानु महिलांग को गिरफ्तार किया। तीनों पर आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई एसआई हरिप सोना एवं उनकी टीम द्वारा की गई।

???? लेकिन असली सवाल यहीं से शुरू होता है…

**❓91 पाव शराब आई कहां से?

❓किसने दी थोक में शराब?

❓कौन कर रहा है सप्लाई?

❓कहां हो रही है मैन्युफैक्चरिंग?**

हर बार की तरह इस बार भी कोच्ची यानी छोटे सप्लायर पकड़ लिए गए।

लेकिन सवाल यह है कि —

ये शराब खुद-ब-खुद तो पैदा नहीं हुई

इतनी मात्रा में शराब एक दुकान से कैसे निकल गई?

अगर नियम 4–5 पाव का है, तो 91 पाव एक साथ कैसे बाहर पहुंचे?

आबकारी ADO का बयान — लेकिन क्या इससे जवाब मिलते हैं?

इस विषय पर आबकारी ADO जलेश कुमार सिंह ने कहा कि

“नियमों में एक व्यक्ति को 24 पाव तक देने का प्रावधान है, लेकिन विभागीय तौर पर 4–5 पाव ही देने के निर्देश हैं। इससे अधिक देने पर कार्रवाई होगी।”



???? पर सवाल यह है कि —

अगर निर्देश 4–5 पाव के हैं, तो 91 पाव कैसे निकल गए?

क्या दुकान में बैठे लोग नियम से ऊपर हैं?

या फिर नियम सिर्फ कागज़ों में हैं?

**❗️पूरे जिले में अवैध शराब का जाल

लेकिन जड़ तक क्यों नहीं पहुंच रहा विभाग?**

आज पूरे जिले में अवैध शराब बेचने वालों की भरमार है।

कार्रवाई होती है — लेकिन सिर्फ —

✔️ गरीब कोच्ची

✔️ छोटे सप्लायर

❌ थोक सप्लायर

❌ मैन्युफैक्चरर

❌ अंदरूनी मिलीभगत

???? हर बार वही सवाल दबा दिया जाता है —

“शराब आई कहां से?”

**❓क्या जिले में चल रही है अवैध शराब फैक्ट्री?

❓या फिर विभाग के अंदरूनी लोग हैं शामिल?**

क्या कहीं अवैध शराब निर्माण इकाई सक्रिय है?

क्या सरकारी शराब को ही घुमा-फिराकर अवैध बना दिया जाता है?

क्या हर कोच्ची के पीछे एक बड़ा मगरमच्छ खड़ा है?



???? अगर हर गिरफ्तार कोच्ची से

“शराब किससे ली?”

और

“किसने सप्लाई की?”

का जवाब निकाला जाए,

तो पूरा नेटवर्क सामने आ सकता है।

❗️जिम्मेदारी किसकी?

आबकारी विभाग

शराब दुकान संचालक

थोक सप्लायर

प्रशासन



???? क्या यह विभाग की जिम्मेदारी नहीं कि

हर कोच्ची से लेकर हर सप्लायर तक की जांच हो?

????जनता पूछ रही है — जवाब कब?

आज जिले के हर नागरिक के मन में यही सवाल गूंज रहा है —

“अवैध शराब आखिर आ कहां से रही है?”

कोच्ची पकड़े जा रहे हैं,

लेकिन सिस्टम अब भी सुरक्षित क्यों है?


???? अब देखना यह होगा कि

विभाग सिर्फ कार्रवाई का दिखावा करता है

या फिर अवैध शराब के पूरे नेटवर्क को बेनकाब करता है।


जवाब चाहिए… और जवाबदेही भी।





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