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रामायण जीवन मूल्यों की अमर पाठशाला, नई पीढ़ी के लिए सांस्कृतिक सेतु – विधायक इन्द्र साव श्रीलंका और असम के कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां, राष्ट्रीय रामायण मेला हर्षोल्लास के साथ संपन्न

भक्ति 19 January 2026 (59)

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प्रभात न्यूज़ 24: 

रामायण जीवन मूल्यों की अमर पाठशाला, नई पीढ़ी के लिए सांस्कृतिक सेतु – विधायक इन्द्र साव

श्रीलंका और असम के कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां, राष्ट्रीय रामायण मेला हर्षोल्लास के साथ संपन्न


भाटापारा।

राष्ट्रीय रामायण मेला केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। यह मेला हमारी पहचान, संस्कृति, परंपरा और संस्कारों को जीवंत बनाए रखने का कार्य करता है। आधुनिकता के इस दौर में तकनीक के साथ आगे बढ़ना आवश्यक है, लेकिन अपनी संस्कृति और नैतिक मूल्यों को कभी नहीं भूलना चाहिए। रामायण को केवल पढ़ने तक सीमित न रखें, बल्कि उसके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का प्रयास करें।


उक्त विचार राष्ट्रीय रामायण मेला के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विधायक इन्द्र साव ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि रामायण कोई साधारण ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है, जो मानव को सत्य, धर्म, मर्यादा, त्याग, करुणा और कर्तव्य के मार्ग पर चलना सिखाती है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जीवन यह संदेश देता है कि सत्ता सेवा के लिए होती है, शक्ति संयम के लिए और धर्म पूरे समाज के कल्याण के लिए होता है, न कि किसी एक व्यक्ति या वर्ग के लिए।


विधायक इन्द्र साव ने अपने संबोधन में कहा कि माता सीता का त्याग, लक्ष्मण का समर्पण, हनुमान जी की निष्ठा और भरत का अनुकरणीय भाईचारा आज भी हमारे सामाजिक और पारिवारिक जीवन को दिशा देने की क्षमता रखते हैं। इन आदर्शों को आत्मसात कर ही हम एक सशक्त, संस्कारवान और समरस समाज का निर्माण कर सकते हैं।


पंचदिवसीय राष्ट्रीय रामायण मेला के दूसरे वर्ष का आयोजन अत्यंत भव्यता और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान श्रीलंका और असम सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकारों, रामायणी मंडलियों, कथा वाचकों और मानस मर्मज्ञों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। विशेष रूप से श्रीलंका एवं असम की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा और तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।


समापन अवसर पर विधायक इन्द्र साव ने शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर बाहर से आए कलाकारों, रामायण पाठकों, कथा वाचकों तथा आयोजन समिति के सदस्यों को सम्मानित किया। उन्होंने सफल आयोजन के लिए समिति के संयोजक ललित सिंह ठाकुर, अध्यक्ष बिहारी लाल अग्रवाल सहित भंवर सिंह साहू, मोहन केसरवानी, कल्याण सिंह ठाकुर, रमेश वर्मा, सत्यनारायण पटेल, डॉ. वीणा साहू, अरुण छाबड़ा, गौरी भृगु, सीमा मल, नीरा साहू, सती साहू, विनोद गुप्ता एवं स्थानीय रामलीला मंडली के सदस्यों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से ईश्वर सिंह ठाकुर, राजकुमार शर्मा, रोशन हबलानी, दिवाकर मिश्रा, वैभव केसरवानी, मुकेश साहू, मोहन निषाद, संजय केसरवानी, विमल शर्मा, जीत नारायण साव, रानू बरवाड़ सहित बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।


राष्ट्रीय रामायण मेला का यह आयोजन न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने वाला रहा, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों, आपसी सौहार्द और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने का संदेश भी देकर गया। आयोजन के सफल समापन पर नगरवासियों ने भविष्य में इसे और अधिक व्यापक स्वरूप में आयोजित करने की अपेक्षा व्यक्त





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