प्रभात न्यूज़ 24:
जनभागीदारी से जल समृद्धि की ओर बढ़ता बलौदाबाजार
“मोर गाँव मोर पानी” अभियान बना मिसाल, 45 हजार से अधिक जल संरचनाएं तैयार
बलौदाबाजार।
जिले को जल संकट से मुक्त कर जल समृद्ध बनाने की दिशा में एक बड़ा जनांदोलन आकार लेता जा रहा है। “मोर गाँव मोर पानी” अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण और जन जागरूकता को लेकर जिला प्रशासन ने मिशन मोड में कार्य प्रारंभ कर दिया है। इसी कड़ी में जिला ऑडिटोरियम में व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिले की सभी ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, जनप्रतिनिधि, महिला समूहों और स्कूली बच्चों की सक्रिय भागीदारी रही।
कार्यक्रम के दौरान आगामी 50 दिनों के लिए ठोस कार्ययोजना (एक्शन प्लान) तैयार की गई, जिसमें जल संरक्षण के स्थायी उपायों को प्राथमिकता दी गई है।
“जल समृद्धि ही असली समृद्धि” – कलेक्टर कुलदीप शर्मा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण केवल आवश्यकता नहीं, बल्कि अनिवार्यता बन चुका है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “पानी के बिना जीवन की कल्पना भी संभव नहीं है, इसलिए जल समृद्धि ही वास्तविक समृद्धि है।”
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि हर स्तर पर जल संचयन को अपनाया जाए—
घर का पानी घर में
मोहल्ले का पानी मोहल्ले में
खेत का पानी खेत में
गाँव का पानी गाँव में ही संरक्षित हो
कलेक्टर ने बताया कि पिछले वर्ष जिले में 35 हजार से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण किया गया था, जिसके लिए भारत सरकार द्वारा जिले को सम्मानित भी किया गया।
इस वर्ष “मोर गाँव मोर पानी अभियान 2.0” के तहत केवल 15 दिनों में ही 45 हजार से अधिक संरचनाएं तैयार कर ली गई हैं, जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
देश में 6वां स्थान, जनभागीदारी बनी ताकत
जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के चलते बलौदाबाजार जिला देशभर में 6वें स्थान पर पहुंच गया है। इस उपलब्धि के पीछे प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, जल संचयन दीदियों, विभागीय अमले और आम नागरिकों का सामूहिक प्रयास रहा है।
कार्यक्रम में सभी उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण और संचयन की शपथ लेकर इस अभियान को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लिया।
वाटर हीरो ने सिखाए पानी बचाने के अनोखे तरीके
कार्यक्रम में विशेष रूप से मध्यप्रदेश के पांडुना से आए “वाटर हीरो” नीरज वानखेड़े ने भाग लिया। उन्होंने रोचक “वाटर गेम्स” के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को जल संरक्षण के व्यवहारिक और सरल उपाय सिखाए। उनके संवादात्मक तरीके ने उपस्थित लोगों को प्रेरित किया और जल बचाने के प्रति जागरूक किया।
महिलाओं और ग्रामीणों की पहल से बदली तस्वीर
कार्यक्रम में लाहौद ग्राम पंचायत की जल संचयन दीदी स्वाति साहू और भाटापारा की अनुसुइया साहू ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे जनभागीदारी से सोखता गड्ढा (Soak Pit) और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे कार्यों को गति मिली और गांवों में जल संकट को काफी हद तक कम किया जा सका।
बच्चों ने दिया जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने नुक्कड़ नाटक, रंगोली और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश दिया। बच्चों की प्रस्तुति ने सभी को भावुक और प्रेरित किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि आने वाली पीढ़ी भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रही है।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान
जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले जनप्रतिनिधियों, जल संचयन दीदियों और विभागीय कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इससे अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिली और अभियान को नई ऊर्जा प्राप्त हुई।
प्रशासनिक अमले की सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ सुश्री दिव्या अग्रवाल, एसडीएम आर.आर. दुबे, विभिन्न विभागों के अधिकारी, सरपंच, महिला समूहों की सदस्याएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
जल संरक्षण बना जन आंदोलन
“मोर गाँव मोर पानी” अभियान ने यह साबित कर दिया है कि यदि प्रशासन और जनता मिलकर काम करें तो किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। बलौदाबाजार जिला आज जल संरक्षण के क्षेत्र में एक मॉडल बनकर उभर रहा है।












