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प्रभार नहीं सौंपने पर सचिव को कारण बताओ नोटिस, 13 अप्रैल तक कार्रवाई के निर्देश प्रशासन सख्त, आदेश की अवहेलना पर अनुशासनात्मक कार्रवाई तय

देश / दुनिया 13 April 2026 (129)

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प्रभात न्यूज़ 24: 

प्रभार नहीं सौंपने पर सचिव को कारण बताओ नोटिस, 13 अप्रैल तक कार्रवाई के निर्देश

प्रशासन सख्त, आदेश की अवहेलना पर अनुशासनात्मक कार्रवाई तय



उड़ेला/सिमगा।

जनपद पंचायत सिमगा अंतर्गत ग्राम पंचायत हथबंध में सचिव प्रभार हस्तांतरण को लेकर लापरवाही का मामला सामने आया है, जिस पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे सचिव विनोद दास वैष्णव द्वारा स्थानांतरित सचिव हीरालाल यादव को अब तक प्रभार नहीं सौंपे जाने को गंभीर प्रशासनिक त्रुटि मानते हुए 13 अप्रैल 2026 तक हर हाल में प्रभार हस्तांतरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला पंचायत बलौदाबाजार-भाटापारा एवं जनपद पंचायत सिमगा द्वारा पूर्व में जारी आदेश में हीरालाल यादव को ग्राम पंचायत हथबंध का नियमित सचिव नियुक्त किया गया था। 


आदेश में स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया था कि पूर्व सचिव या अतिरिक्त प्रभार में कार्यरत सचिव तत्काल प्रभाव से समस्त अभिलेख, रजिस्टर, वित्तीय दस्तावेज एवं कार्यभार नव नियुक्त सचिव को हस्तांतरित करें। बावजूद इसके, निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी प्रभार नहीं सौंपा गया, जिससे पंचायत के नियमित कार्यों में व्यवधान उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है।



नोटिस में क्या कहा गया

मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत सिमगा द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस में उल्लेख किया गया है कि संबंधित सचिव 13 अप्रैल तक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें तथा प्रभार हस्तांतरण की प्रक्रिया पूर्ण करें। नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय-सीमा में आदेश का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु प्रकरण उच्च कार्यालय को प्रेषित किया जाएगा।



प्रशासन की सख्ती और जवाबदेही

इस पूरे मामले में प्रशासन की सख्ती साफ तौर पर नजर आ रही है। अधिकारियों का कहना है कि शासन के आदेशों की अवहेलना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पंचायत स्तर पर कार्यों की पारदर्शिता और सुचारू संचालन के लिए समय पर प्रभार हस्तांतरण अत्यंत आवश्यक है। ऐसे मामलों में लापरवाही न केवल प्रशासनिक अनुशासन को प्रभावित करती है, बल्कि विकास कार्यों की गति भी बाधित होती है।



स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय

ग्राम पंचायत हथबंध में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का मानना है कि समय पर प्रभार हस्तांतरण न होने से योजनाओं के क्रियान्वयन, भुगतान प्रक्रिया और जनहित के कार्यों पर असर पड़ सकता है। कई लोगों ने प्रशासन के इस कदम को उचित बताते हुए कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन समयबद्ध तरीके से करना चाहिए।



अधिकारियों को भी निर्देश

प्रशासन ने केवल संबंधित सचिव को ही नहीं, बल्कि अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि वे प्रभार हस्तांतरण की प्रक्रिया पर निगरानी रखें और निर्धारित समय-सीमा के भीतर इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इससे यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन इस मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।



आगे क्या हो सकता है

यदि 13 अप्रैल तक प्रभार हस्तांतरण नहीं होता है, तो संबंधित सचिव के खिलाफ विभागीय जांच, निलंबन या अन्य कठोर कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस तरह के मामलों में सेवा नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।



निष्कर्ष

ग्राम पंचायत स्तर पर प्रशासनिक जिम्मेदारियों का समय पर निर्वहन बेहद जरूरी है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि संबंधित सचिव निर्धारित समय-सीमा के भीतर आदेशों का पालन करते हैं या नहीं। फिलहाल, प्रशासन के कड़े तेवर यह संकेत दे रहे हैं कि लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।

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