प्रभात न्यूज़ 24:
वर्षों से जमे कर्मचारियों पर फूटा जनप्रतिनिधियों का गुस्सा, अवैध शराब और शिक्षकों की कमी को लेकर सुशासन शिविर में गरजी सभापति नीलिमा कोसले
गिधपुरी।
क्षेत्र में आयोजित सुशासन शिविर उस समय पूरी तरह जनसमस्याओं के केंद्र में आ गया, जब जनपद पंचायत सभापति नीलिमा चरण दास कोसले ने प्रशासनिक व्यवस्था, अवैध शराब बिक्री और शिक्षा व्यवस्था को लेकर खुलकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने विभिन्न विभागों में वर्षों से जमे कर्मचारियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और तत्काल कार्रवाई की मांग की। सभापति के तीखे तेवरों से शिविर में मौजूद अधिकारी भी गंभीर नजर आए, वहीं बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने भी उनकी मांगों का समर्थन किया।
सभापति नीलिमा कोसले ने अपने आवेदन में कहा कि जनपद पंचायत, स्वास्थ्य विभाग और तहसील कार्यालय में कई कर्मचारी करीब 10 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं। लंबे समय तक एक ही जगह टिके रहने से विभागीय कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है तथा पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा सुशासन स्थापित करने की है, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ विभागों में वर्षों से जमे कर्मचारियों के कारण आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ कर्मचारियों की सूची तैयार कर उनका तत्काल स्थानांतरण किया जाए, ताकि विभागों में जवाबदेही और पारदर्शिता बनी रहे। सभापति ने कहा कि नियमित स्थानांतरण नीति लागू होने से कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और लोगों को समय पर न्याय व सुविधाएं मिल सकेंगी।
अवैध शराब बिक्री पर जताई कड़ी नाराजगी
सुशासन शिविर में सबसे गंभीर मुद्दा अवैध शराब बिक्री का भी उठा। सभापति ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में खुलेआम अवैध शराब का कारोबार चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा। उन्होंने कहा कि गांवों और आसपास के क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री से सामाजिक वातावरण बिगड़ रहा है और युवा पीढ़ी तेजी से नशे की गिरफ्त में जा रही है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं और सामाजिक संगठनों द्वारा लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। सभापति ने प्रशासन से मांग की कि अवैध शराब कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा आबकारी विभाग की भूमिका की भी जांच कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हाई स्कूल चरौदा में शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित
सभापति नीलिमा कोसले ने हाई स्कूल चरौदा में शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में कई आवश्यक विषयों के शिक्षक नहीं हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। नियमित कक्षाएं नहीं लग पाने के कारण छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने शिक्षा विभाग से रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने की मांग करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी बेहतर शिक्षा का अधिकार है और शिक्षकों की कमी को जल्द दूर किया जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने भी किया समर्थन
सुशासन शिविर में मौजूद ग्रामीणों ने भी सभापति की मांगों का समर्थन करते हुए प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार, अवैध शराब पर रोक और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी है। लोगों ने कहा कि यदि समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ तो आने वाले समय में व्यापक जनआंदोलन भी किया जा सकता है।
शिविर में मौजूद अधिकारियों ने आवेदन प्राप्त कर समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया। हालांकि अब क्षेत्रवासियों की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि प्रशासन इन मांगों पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है। गिधपुरी क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को लेकर उठी यह आवाज अब जनचर्चा का बड़ा विषय बन चुकी है।















