प्रभात न्यूज़ 24:
रक्षाबंधन पर शाश्वत स्कूल के बच्चों ने सैनिकों के नाम भेजा स्नेह का संदेश, अपने हाथों से बनाई सैकड़ों राखियां
देश की सीमाओं पर तैनात वीर जवानों के सम्मान में अनूठी पहल, बीईओ को सौंपी राखियां; बच्चों ने कहा—"आप हैं तो हम सुरक्षित हैं"
बलौदाबाजार।
रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का पर्व नहीं है, बल्कि यह उन सभी रिश्तों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी है जो समाज और राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़े हैं। इसी भावना को साकार करते हुए बलौदाबाजार स्थित शाश्वत स्कूल के विद्यार्थियों ने एक प्रेरणादायक पहल की। विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों से लेकर वरिष्ठ कक्षाओं के विद्यार्थियों तक सभी ने मिलकर देश की सीमाओं पर तैनात भारतीय सैनिकों के लिए अपने हाथों से सुंदर एवं आकर्षक राखियां तैयार कीं और उन्हें शिक्षा विभाग के माध्यम से सैनिकों तक पहुंचाने के लिए बीईओ को सौंप दिया।
विद्यालय परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य केवल राखियां बनाना नहीं था, बल्कि बच्चों के मन में देशभक्ति, सेवा, सम्मान और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी था। कार्यक्रम के दौरान पूरे विद्यालय का वातावरण देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
छात्र-छात्राओं के उत्साह, शिक्षकों के मार्गदर्शन और विद्यालय परिवार की सहभागिता ने इस आयोजन को विशेष बना दिया।
राखियां तैयार करने के लिए बच्चों ने विभिन्न रंगों के धागों, तिरंगे की थीम, मोतियों, फूलों, सजावटी सामग्री और हस्तनिर्मित कलात्मक डिजाइनों का उपयोग किया। प्रत्येक राखी में बच्चों की रचनात्मकता के साथ-साथ सैनिकों के प्रति उनका सम्मान स्पष्ट दिखाई दे रहा था। कई विद्यार्थियों ने राखियों के साथ छोटे-छोटे संदेश भी लिखे, जिनमें "जय हिंद", "आप सुरक्षित तो देश सुरक्षित", "भारत मां के वीर सपूतों को सलाम", "हम आपके साहस को नमन करते हैं" और "देश की रक्षा करने वाले हर सैनिक को हमारा प्रणाम" जैसे भावपूर्ण शब्द शामिल थे।
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि देश की सीमाओं पर तैनात सैनिक अपने परिवारों से दूर रहकर दिन-रात राष्ट्र की सुरक्षा करते हैं। ऐसे में समाज का प्रत्येक नागरिक उनके प्रति सम्मान व्यक्त करे और नई पीढ़ी को भी उनके त्याग एवं बलिदान की जानकारी मिले, यही इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को रक्षाबंधन के सांस्कृतिक महत्व के साथ-साथ भारतीय सेना के योगदान के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। बच्चों ने बड़ी रुचि के साथ सैनिकों के जीवन, उनके संघर्ष और देश सेवा के महत्व को समझा। कई विद्यार्थियों ने कहा कि वे बड़े होकर सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहते हैं।
इस अवसर पर उपस्थित बीईओ ने बच्चों की इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि जब सीमा पर ड्यूटी कर रहे जवानों तक देश के बच्चों का स्नेह और सम्मान पहुंचता है, तो यह उनके मनोबल को और अधिक मजबूत करता है। बच्चों द्वारा तैयार की गई राखियां केवल धागे नहीं हैं, बल्कि उनमें पूरे देश का विश्वास, सम्मान और प्रेम जुड़ा हुआ है।
उन्होंने विद्यालय परिवार की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के रचनात्मक एवं संस्कारपरक आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों का विकास करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी विद्यालय इसी प्रकार समाज और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।
राखियों को सुरक्षित रूप से संग्रहित कर सैनिकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई। इस दौरान बच्चों के चेहरों पर अपने सैनिक भाइयों के लिए कुछ विशेष करने का उत्साह साफ दिखाई दे रहा था।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, समस्त छात्र-छात्राएं तथा विद्यालय परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान "भारत माता की जय", "वंदे मातरम्", "जय हिंद" और "भारतीय सेना अमर रहे" जैसे नारों से विद्यालय परिसर गूंज उठा। देशभक्ति गीतों और उत्साहपूर्ण वातावरण ने सभी उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया।
रक्षाबंधन के अवसर पर शाश्वत स्कूल की यह पहल केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को यह संदेश देने का प्रयास है कि देश की सुरक्षा में लगे सैनिक केवल सीमा पर खड़े जवान नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के परिवार का हिस्सा हैं। बच्चों द्वारा प्रेम, सम्मान और विश्वास के प्रतीक के रूप में भेजी गई ये राखियां निश्चित रूप से उन वीर सैनिकों तक देशवासियों की भावनाएं पहुंचाने का माध्यम बनेंगी और नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम की भावना को और अधिक मजबूत करेंगी।













