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संत शिरोमणि साईं साधराम साहेब के देवलोकगमन से शोक की लहर भाटापारा के सतराम धाम में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, विधायक इन्द्र साव बोले — मानवता और आध्यात्मिक जगत ने खोया महान संत

देश / दुनिया 24 May 2026 (597)

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प्रभात न्यूज़ 24: 

संत शिरोमणि साईं साधराम साहेब के देवलोकगमन से शोक की लहर

भाटापारा के सतराम धाम में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, विधायक इन्द्र साव बोले — मानवता और आध्यात्मिक जगत ने खोया महान संत



भाटापारा।

पूरे सिंधी समाज सहित आध्यात्मिक जगत को गहरे शोक में डाल देने वाले संत शिरोमणि पूज्य साईं साधराम साहेब के देवलोकगमन पर भाटापारा स्थित सतराम धाम में भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। पूज्य सेन्ट्रल सिंधी पंचायत, पूज्य बिरादरी पंचायत एवं सिंधु सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में समाजजन, श्रद्धालु, गणमान्य नागरिक एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। पूरे सतराम धाम परिसर में श्रद्धा, भक्ति और भावुकता का वातावरण देखने को मिला। 



श्रद्धालुओं ने दिवंगत संत को पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

श्रद्धांजलि सभा में क्षेत्रीय विधायक इन्द्र साव विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने सतराम धाम पहुंचकर पूज्य साईं साधराम साहेब के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। इस दौरान विधायक श्री साव ने कहा कि साईं साधराम साहेब केवल एक संत नहीं थे, बल्कि वे मानवता, सेवा और प्रेम की जीवंत मिसाल थे। उनके देवलोकगमन से समाज और आध्यात्मिक जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची है, जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं हो सकेगी।

उन्होंने कहा कि साईं साधराम साहेब का पूरा जीवन मानव सेवा और समाज कल्याण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने सदैव लोगों को प्रेम, भाईचारे, करुणा और सद्भाव का संदेश दिया। उनके विचारों और शिक्षाओं ने लाखों-करोड़ों लोगों के जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान की। वे हमेशा यह कहते थे कि सच्ची पूजा किसी मंदिर या स्थान में नहीं, बल्कि मानव सेवा में है। जरूरतमंदों की सहायता करना, दुखियों के आंसू पोंछना और समाज में प्रेम बांटना ही सबसे बड़ा धर्म है।



विधायक इन्द्र साव ने कहा कि आज के दौर में जब समाज कई प्रकार की चुनौतियों से गुजर रहा है, तब साईं साधराम साहेब जैसे संतों के विचार और अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। उन्होंने समाज को एकता, शांति और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनका सरल स्वभाव, मधुर वाणी और हर व्यक्ति के प्रति अपनापन लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहेगा।



उन्होंने कहा कि साईं साधराम साहेब के आशीर्वाद और मार्गदर्शन से देश-दुनिया के करोड़ों लोगों के जीवन में नई रोशनी आई। उनके प्रवचनों और सेवा कार्यों ने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया। वे हमेशा गरीबों, असहायों और जरूरतमंदों के लिए आगे खड़े रहे। समाज सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।



श्रद्धांजलि सभा के दौरान कई वक्ताओं ने भी पूज्य साईं साधराम साहेब के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें युगपुरुष बताया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने अपने जीवनकाल में मानवता की सेवा को सर्वोच्च स्थान दिया और समाज को आध्यात्मिकता के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों का भी संदेश दिया। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही समाज को मजबूत और संस्कारित बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं की आंखें नम नजर आईं। कई लोगों ने साईं साधराम साहेब से जुड़ी स्मृतियों को साझा करते हुए बताया कि उनके आशीर्वाद से जीवन में नई दिशा मिली। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।



इस अवसर पर संत सतराम धाम के अध्यक्ष गोपीचंद परपियानी, निर्मल दवानी, योगेश मंघाणी, डॉ. वासुदेव ठाकुर, कैलाश बलानी, राजेश छाबड़िया, अनिल रोचलानी, रोशन हबलानी, अजीत थरानी, रितु बलानी, महेश चंदानी, बिरादरी पंचायत के अध्यक्ष महेश गुरयानी, राजकुमार शर्मा, शरद भृगु, नानू सोनी, सुरेश गोदवानी, पवन सबलानी, भारत कचवानी, रामचंद्र परपियानी, जयपाल ठाकुर, नंदू तनवानी, नरेंद्र पूसी, नितिन भोजवानी, अनिल जसवानी, राहुल वधवानी, देवेश सोभवानी, कमल मंधानी, रवि मंधन, विशाल बजाज, प्रताप ठाकुर, रुपेश किंगरानी, संजय सबलानी, मनोहर सबलानी सहित सैकड़ों की संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।



श्रद्धांजलि सभा का समापन सामूहिक प्रार्थना एवं संत शिरोमणि साईं साधराम साहेब के बताए मार्ग पर चलने के संकल्प के साथ हुआ। कार्यक्रम के दौरान पूरे वातावरण में श्रद्धा, भक्ति और सेवा भावना का अद्भुत संगम देखने को मिला।

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