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हरदी पंचायत में 10 लाख के खेल का आरोप! सचिव-सरपंच पर फर्जी बिलों से राशि आहरण का संगीन मामला, कलेक्टर से हटाने की मांग

क्राइम 06 March 2026 (679)

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प्रभात न्यूज़ 24: 

हरदी पंचायत में 10 लाख के खेल का आरोप! सचिव-सरपंच पर फर्जी बिलों से राशि आहरण का संगीन मामला, कलेक्टर से हटाने की मांग



बलौदाबाजार।

जनपद पंचायत बलौदाबाजार के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत हरदी (जवन) में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। पंचायत के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर पंचायत सचिव को तत्काल हटाने की मांग की है। शिकायत में सचिव और सरपंच पर विकास कार्यों के नाम पर फर्जी बिल-वाउचर लगाकर लाखों रुपये की राशि निकालने का गंभीर आरोप लगाया गया है।



ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में बिना किसी वैध प्रस्ताव और बिना पंचायत प्रतिनिधियों की सहमति के ही विभिन्न मदों की राशि आहरित की जा रही है। शिकायत में बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 10 लाख रुपये तक की राशि निकाली जा चुकी है, लेकिन जमीनी स्तर पर गांव में कोई ठोस विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहा। इससे ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है।



“पंचायत पर सचिव के पति का दबदबा”

शिकायत में एक और चौंकाने वाला आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि के पति जो लवन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आरएचओ पद पर कार्यरत हैं, पंचायत के कामकाज में खुलेआम हस्तक्षेप करते हैं। आरोप है कि वे पंचायत के निर्णयों और कार्यवाहियों में दखल देते हैं, जो शासन के नियमों के पूरी तरह विपरीत है। इससे पंचायत की स्वायत्तता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।



प्रमाण पत्रों के नाम पर वसूली का आरोप

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि पंचायत स्तर पर जारी होने वाले विभिन्न प्रमाण पत्रों के लिए अनावश्यक रूप से मोटी रकम वसूली की जाती है। गरीब ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए भी भटकना पड़ता है, जिससे लोगों में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है।



महीने में 2-3 दिन ही पंचायत में उपस्थिति!

ग्रामीणों के अनुसार पंचायत सचिव महीने में सिर्फ 2-3 दिन ही पंचायत में दिखाई देती हैं, जिससे ग्रामीणों के जरूरी कार्य लंबित पड़े रहते हैं। लोगों का कहना है कि पंचायत कार्यालय की कार्यप्रणाली लगभग ठप हो चुकी है।



जनपद पंचायत की भूमिका पर भी उठे सवाल

ग्राम पंचायत में फर्जी बिल-वाउचर और लाखों की राशि आहरण के आरोप सामने आने के बाद जनपद पंचायत की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इतने बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी हो रही है तो जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।



ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर सचिव को तत्काल हटाया जाए तथा पंचायत में लगाए गए फर्जी बिल-वाउचर और आहरित राशि की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।



ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जनपद पंचायत और कलेक्टोरेट का घेराव कर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर सख्त कदम उठाएगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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