प्रभात न्यूज़ 24:
बारनवापारा अभ्यारण्य क्षेत्र में दंतैल हाथी का आतंक
ग्रामीण की दर्दनाक मौत के बाद वन विभाग अलर्ट मोड पर, कई गांवों में हाई अलर्ट जारी
बलौदाबाजार।
छत्तीसगढ़ के बारनवापारा अभ्यारण्य क्षेत्र में एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की दर्दनाक घटना सामने आई है। दंतैल हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। घटना के बाद वन विभाग ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए प्रभावित गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है तथा लगातार हाथी की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को मुनादी और अलर्ट सिस्टम के माध्यम से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
जानकारी के अनुसार यह घटना 24 मई 2026 की रात लगभग 8:30 से 9:00 बजे के बीच बारनवापारा अभ्यारण्य अंतर्गत ग्राम दोंद में हुई। बताया जा रहा है कि ग्राम निवासी जहरु राम नेताम (लगभग 55 वर्ष) रात के समय गांव के बाहरी क्षेत्र की ओर गए हुए थे, तभी अचानक वहां विचरण कर रहे एक दंतैल हाथी ने उन पर हमला कर दिया। हाथी के हमले में ग्रामीण की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग भयभीत होकर घरों में दुबक गए।
सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अभियान शुरू किया। विभागीय अधिकारियों, हाथी मित्र दल तथा स्थानीय ग्रामीणों की मदद से हाथी की गतिविधियों को ट्रैक किया गया।
काफी मशक्कत के बाद हाथी को आबादी क्षेत्र से जंगल की ओर खदेड़ा गया। बताया जा रहा है कि हाथी बाद में खलिहानों के रास्ते पहाड़ी इलाके की ओर बढ़ गया, जहां वन विभाग की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है।
वन विभाग के अनुसार उक्त दंतैल हाथी पिछले कई दिनों से मुरुमडीह क्षेत्र के आसपास विचरण कर रहा था। खेत-खलिहानों और गांवों के समीप उसकी लगातार आवाजाही देखी जा रही थी। ग्रामीणों द्वारा हाथी की मौजूदगी की सूचना विभाग को दी जा रही थी, जिसके बाद विभागीय टीम अलर्ट मोड में थी। रविवार को हाथी अचानक दोंद क्षेत्र की ओर पहुंच गया और यह दुखद घटना घटित हो गई।
घटना के बाद वन विभाग द्वारा मृतक के परिजनों को तात्कालिक सहायता राशि के रूप में 25 हजार रुपए प्रदान किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि शासन के नियमानुसार आगे की क्षतिपूर्ति राशि भी नियमानुसार उपलब्ध कराई जाएगी।
हाथी की संभावित गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने मुड़पार, दोंद, सुरबाय, पांडादाह, गुढ़ागढ़, भिभौरी, बफरा, बार, हरदी सहित आसपास के कई सीमावर्ती गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
विभागीय टीम लगातार ग्रामीणों को सतर्क रहने की समझाइश दे रही है। हाथी मित्र दल द्वारा गांव-गांव में मुनादी कर लोगों को रात के समय अकेले बाहर नहीं निकलने और जंगल या खेतों की ओर जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में बारनवापारा अभ्यारण्य और आसपास के क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ी है। कई बार हाथियों के झुंड फसलों को नुकसान पहुंचा चुके हैं, जबकि कुछ मामलों में ग्रामीणों पर हमले की घटनाएं भी सामने आई हैं। इससे लोगों में भय और असुरक्षा की भावना लगातार बढ़ रही है। किसानों का कहना है कि रात के समय खेतों की रखवाली करना अब जोखिम भरा हो गया है।
वनमण्डलाधिकारी बलौदाबाजार धम्मशील गणवीर ने बताया कि वन विभाग और हाथी मित्र दल पूरी तरह सक्रिय है तथा हाथियों की गतिविधियों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि कहीं भी हाथी दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें। किसी भी स्थिति में हाथी को उकसाने, उसके करीब जाने या भीड़ इकट्ठा करने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन और ग्रामीणों के बीच समन्वय बेहद जरूरी है।
वन विभाग ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा है कि रात के समय अकेले बाहर न निकलें, टॉर्च का उपयोग करें तथा समूह में ही आवाजाही करें। ग्रामीणों से खेतों और जंगल की ओर जाते समय सतर्क रहने तथा विभागीय निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
इस दुखद घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए स्थायी समाधान और सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।















