प्रभात न्यूज़ 24:
बलौदाबाजार में कांग्रेस का प्रदर्शन: केंद्र सरकार की नीतियों, छात्रों पर कार्रवाई और परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता
बलौदाबाजार, 23 जुलाई। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर गुरुवार को बलौदाबाजार में शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में केंद्र सरकार की विभिन्न नीतियों, नई दिल्ली में छात्रों और कांग्रेस नेताओं पर हुई पुलिस कार्रवाई तथा परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं के विरोध में ब्लॉक स्तरीय प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रवीण सेन और ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक साहू ने किया।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, युवा कार्यकर्ता, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों से आए कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की।
लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का उठाया मुद्दा
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उनका आरोप था कि नई दिल्ली में छात्रों, कांग्रेस नेताओं और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध जिस प्रकार की कार्रवाई की गई, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि असहमति की आवाज को बलपूर्वक दबाने के बजाय सरकार को जनता की चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए।
नेताओं ने कहा कि देश का लोकतंत्र तभी मजबूत रहेगा, जब नागरिकों को बिना भय के अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए।
परीक्षा अनियमितताओं को लेकर सरकार को घेरा
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। नेताओं ने कहा कि देशभर के लाखों छात्र मेहनत और उम्मीद के साथ परीक्षाओं में शामिल होते हैं, ऐसे में यदि परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं तो इससे युवाओं का भविष्य और विश्वास दोनों प्रभावित होते हैं।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि परीक्षा संबंधी विवादों और अनियमितताओं पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए ताकि छात्रों का भरोसा कायम रह सके।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री की नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए उनके इस्तीफे की मांग भी दोहराई। नेताओं का कहना था कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर विवादों के बाद जवाबदेही तय होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवाओं और छात्रों के हित सर्वोपरि हैं तथा सरकार को इस दिशा में स्पष्ट और ठोस कदम उठाने चाहिए।
प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग
कांग्रेस नेताओं ने यह भी मांग की कि छात्रों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध दर्ज सभी एफआईआर एवं आपराधिक प्रकरण तत्काल वापस लिए जाएं। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने वाले लोगों पर दमनात्मक कार्रवाई उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और संवाद दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं तथा सरकार को संवाद के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए।
बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन में जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष राकेश वर्मा, परमेश्वर यदु, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष विक्रम पटेल, मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र जायसवाल, जिला प्रभारी महामंत्री छल्ला साहू, जिला महामंत्री लखेश साहू, जीतेन्द्र नवरत्न, पार्षद डिगेश्वरी रविंद्र नामदेव, सुभाष राव, कांग्रेस नेता धर्मेंद्र वर्मा, शहर महामंत्री नीरज बांधे, ग्रामीण महामंत्री भावेश वर्मा, मंडल अध्यक्ष ग्रामीण दीनदयाल साहू, नीलकंठ साहू, संतोष साहू, अभिषेक पटेल, आयुष भट्ट पहरी, दिगंबर साहू, सुखदेव साहू, राजेश साहू, टी.आर. वर्मा, देवक जांगड़े, गजेंद्र विश्वकर्मा, पवन दास मानिकपुरी, वरुण नेताम सहित शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी, विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस के सदस्य तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित रहे।
कांग्रेस ने संघर्ष जारी रखने का किया ऐलान
कार्यक्रम के समापन पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस लोकतंत्र, संविधान और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए जनहित के मुद्दों पर आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को दबाने के किसी भी प्रयास का विरोध किया जाएगा तथा युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाया जाता रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए संवाद, पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है तथा सरकार को जनता की चिंताओं का समाधान संवैधानिक और लोकतांत्रिSub Titleक तरीकों से करना चाहिए।













