प्रभात न्यूज़ 24:
जिलेभर में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन: छात्रों के समर्थन और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में सभी ब्लॉकों में गूंजे प्रदर्शन, लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की उठी मांग
बलौदाबाजार-भाटापारा।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में गुरुवार को व्यापक स्तर पर ब्लॉक स्तरीय विरोध-प्रदर्शन आयोजित किए गए। जिले के सभी प्रमुख ब्लॉकों में कांग्रेस नेताओं, पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया तथा छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान के तहत बलौदाबाजार शहर, बलौदाबाजार ग्रामीण, सुहेला, भाटापारा शहर, भाटापारा ग्रामीण, सिमगा, लवन, कसडोल, पलारी और सोनाखान सहित जिले के सभी ब्लॉकों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैलियां, प्रदर्शन और सभा आयोजित कर अपनी मांगों को बुलंद किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। ऐसे में नई दिल्ली में छात्रों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं मानी जा सकती। प्रदर्शनकारियों ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए संबंधित मामलों की निष्पक्ष समीक्षा की मांग उठाई।
प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग
विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं तो इसका सीधा असर लाखों युवाओं के भविष्य पर पड़ता है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि युवाओं का विश्वास बहाल हो सके।
प्रदर्शन के दौरान यह भी मांग की गई कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संसद में व्यापक चर्चा कराई जाए तथा परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और प्रकरण वापस लेने की मांग
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई। साथ ही नई दिल्ली में छात्रों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर तथा अन्य आपराधिक प्रकरणों को वापस लेने की मांग की गई। नेताओं का कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति व्यक्त करना अपराध नहीं माना जाना चाहिए और शांतिपूर्ण आंदोलन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई उचित नहीं है।
जिले के सभी ब्लॉकों में दिखी संगठन की सक्रियता
जिले के विभिन्न ब्लॉकों में आयोजित कार्यक्रमों में कांग्रेस संगठन के सभी प्रमुख मोर्चों और प्रकोष्ठों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस, सेवादल सहित विभिन्न इकाइयों के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में शामिल होकर विरोध-प्रदर्शन को समर्थन दिया। कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर नारे लगाए और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन भी प्रशासन के माध्यम से शासन तक पहुंचाने की बात कही।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जिले के सभी ब्लॉकों में एक साथ कार्यक्रम आयोजित कर कांग्रेस ने संगठनात्मक एकजुटता का संदेश देने का प्रयास किया है। स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी को आगामी राजनीतिक गतिविधियों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जिला अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं का जताया आभार
जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सुश्री सुमित्रा धृतलहरे ने जिलेभर में सफल आयोजन के लिए सभी ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र, संविधान और छात्रों-युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। उनके अनुसार जनता से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाना कांग्रेस की प्राथमिकता है और भविष्य में भी जनहित से जुड़े विषयों पर आवाज बुलंद की जाती रहेगी।
लोकतांत्रिक अधिकारों पर केंद्रित रहा प्रदर्शन
पूरे जिले में हुए विरोध-प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा, छात्रों के हितों की सुरक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग रही। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है तथा जनता की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से सुना जाना चाहिए।
जिलेभर में आयोजित इन कार्यक्रमों के साथ कांग्रेस ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि छात्र-युवा, लोकतांत्रिक अधिकार और संविधान से जुड़े मुद्दों पर पार्टी अपनी राजनीतिक लड़ाई आगे भी जारी रखेगी।













