प्रभात न्यूज़ 24:
गणेश विसर्जन झांकी में कथित लाठीचार्ज के विरोध में सिमगा में उबाल, सर्वदलीय धरने पर बैठे जनप्रतिनिधि
एसडीओपी, थाना प्रभारी और संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग; विरोध में सिमगा बंद, कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
सिमगा।
गणेश विसर्जन के दौरान पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज किए जाने के मामले ने सिमगा में तूल पकड़ लिया है। शनिवार की रात हुई घटना के विरोध में रविवार सुबह नगर में व्यापक नाराजगी देखने को मिली। कांग्रेस, भाजपा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक एकजुट होकर जय स्तंभ चौक पर धरने पर बैठ गए।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध जताते हुए संबंधित अधिकारियों और घटना में शामिल पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित करने की मांग की है।
घटना के विरोध में रविवार को सिमगा बंद का आह्वान किया गया, जिसका असर सुबह से ही नगर के बाजारों में दिखाई दिया। दुकानें बंद रहीं और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुईं। दूसरी ओर जय स्तंभ चौक पर धरना प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग जुटे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।
गणेश विसर्जन की रात हुई घटना, सुबह सड़कों पर उतरे लोग
जानकारी के अनुसार, शनिवार की रात सिमगा में गणेश विसर्जन के अवसर पर झांकी निकाली गई थी।
इसी दौरान पुलिस द्वारा कथित रूप से लाठीचार्ज किए जाने का आरोप सामने आया। घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों में नाराजगी फैल गई।
रविवार सुबह इस विरोध ने व्यापक रूप ले लिया। विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और नागरिक जय स्तंभ चौक पर एकत्रित हुए और धरना शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने घटना को गंभीर बताते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए तथा मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।
कांग्रेस-भाजपा सहित विभिन्न दल एक मंच पर
इस विरोध प्रदर्शन की खास बात यह रही कि कांग्रेस और भाजपा सहित अन्य राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि एक साथ धरने पर बैठे। अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं ने इस मामले में संयुक्त रूप से विरोध दर्ज कराया।
धरने में शामिल लोगों ने कहा कि गणेश विसर्जन झांकी के दौरान हुई घटना की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष पड़ताल कर यह निर्धारित किया जाए कि किन परिस्थितियों में पुलिस की कार्रवाई हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
जनप्रतिनिधियों ने मामले में तत्काल प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि घटना के संबंध में स्पष्ट कार्रवाई सामने आनी चाहिए।
एसडीओपी और थाना प्रभारी के निलंबन की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी
धरना दे रहे जनप्रतिनिधियों ने सिमगा एसडीओपी, थाना प्रभारी और कथित लाठीचार्ज में शामिल पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित करने की मांग उठाई है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि घटना को लेकर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में एसडीओपी और थाना प्रभारी का निलंबन, घटना में शामिल पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच शामिल है।
सिमगा बंद का असर, सुबह से बाजार रहे बंद
घटना के विरोध में किए गए सिमगा बंद के आह्वान का असर रविवार सुबह से ही नजर आया। नगर की दुकानें नहीं खुलीं और बाजार में सामान्य दिनों की तरह चहल-पहल नहीं रही।
एक ओर व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे, वहीं दूसरी ओर जय स्तंभ चौक पर धरना प्रदर्शन जारी रहा। बंद और धरने के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया।
नगर में बंद के चलते जनजीवन और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुईं। वहीं, प्रदर्शन में लोगों की भागीदारी के कारण यह मामला पूरे नगर में चर्चा का विषय बना रहा।
जय स्तंभ चौक पर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी
रविवार सुबह से जय स्तंभ चौक पर जारी धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की मौजूदगी के बीच संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग लगातार उठाई जाती रही।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मामले को केवल आश्वासन देकर समाप्त नहीं किया जाना चाहिए। उनकी मांग है कि प्रशासन आरोपों की जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करे।
धरने में शामिल जनप्रतिनिधियों ने दोहराया कि जब तक एसडीओपी, थाना प्रभारी और संबंधित पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
निष्पक्ष जांच और प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार
शनिवार रात हुई घटना के बाद रविवार को धरना और बंद के रूप में सामने आया विरोध अब प्रशासन के अगले कदम पर केंद्रित है। प्रदर्शनकारी जहां संबंधित पुलिस अधिकारियों के निलंबन की मांग कर रहे हैं, वहीं पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच भी महत्वपूर्ण है।
फिलहाल घटना के संबंध में पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। लाठीचार्ज किन परिस्थितियों में हुआ, पुलिस की कार्रवाई के पीछे क्या कारण थे और पूरे घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका रही, इन सवालों का जवाब जांच और आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
कार्रवाई तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
सिमगा में रविवार सुबह से शुरू हुआ सर्वदलीय धरना फिलहाल जारी है। कांग्रेस, भाजपा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि और नागरिक जय स्तंभ चौक पर एकत्रित होकर विरोध दर्ज करा रहे हैं। वहीं, बंद के चलते नगर की दुकानें भी नहीं खुलीं।
प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि उनकी मांगों पर कार्रवाई होने तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। अब यह देखना होगा कि जिला एवं पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और आंदोलन को समाप्त कराने के लिए किस तरह की पहल की जाती है।
सिमगा में गणेश विसर्जन झांकी के दौरान कथित लाठीचार्ज का मामला अब सर्वदलीय विरोध का रूप ले चुका है। नगर में बंद और जय स्तंभ चौक पर जारी धरने के बीच प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।











