प्रभात न्यूज़ 24:
1 अक्टूबर से छत्तीसगढ़ की 49 प्रीमियम विदेशी मदिरा दुकानें होंगी पूरी तरह कैशलेस
CSMCL ने जारी किया आदेश, डिजिटल भुगतान को मिलेगा बढ़ावा; शराब खरीदी के लिए नकद लेन-देन की व्यवस्था होगी समाप्त
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में प्रीमियम विदेशी मदिरा दुकानों पर शराब खरीदने के दौरान नकद भुगतान की व्यवस्था जल्द समाप्त होने जा रही है। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) द्वारा जारी एक महत्वपूर्ण आदेश के अनुसार राज्य की सभी 49 प्रीमियम विदेशी मदिरा दुकानों को 1 अक्टूबर 2026 से पूर्णतः कैशलेस किया जाएगा। इसके बाद इन दुकानों पर निर्धारित डिजिटल माध्यमों से ही भुगतान किया जा सकेगा।
CSMCL की ओर से जारी आदेश में इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। आदेश क्रमांक सी.एस.एम.सी.एल./बैंकिंग/2026-27/5439, दिनांक 8 सितंबर 2026 के माध्यम से राज्य की समस्त प्रीमियम विदेशी मदिरा दुकानों को कैशलेस किए जाने की प्रक्रिया लागू करने का निर्देश दिया गया है।
संचालक मंडल की बैठक के निर्देश के बाद लिया गया निर्णय
जारी आदेश के मुताबिक यह निर्णय छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड के संचालक मंडल की 27वीं बैठक, जो 7 अगस्त 2026 को आयोजित हुई थी, के एजेण्डा क्रमांक 27/3 के बिंदु क्रमांक 04 में दिए गए निर्देशों के तारतम्य में लिया गया है।
इसके साथ ही छत्तीसगढ़ शासन के पत्र क्रमांक GENCOR 3500/1650/2023/Excise, दिनांक 27 जून 2025 में दिए गए निर्देशों को भी आधार बनाया गया है। इन निर्देशों के अनुपालन में अब राज्य की सभी प्रीमियम विदेशी मदिरा दुकानों को कैशलेस व्यवस्था के अंतर्गत लाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
1 अक्टूबर से लागू होगी नई व्यवस्था
CSMCL के आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 1 अक्टूबर 2026 से राज्य की कुल 49 प्रीमियम विदेशी मदिरा दुकानों को पूर्णतः कैशलेस किया जाना आदेशित है।
इसका सीधा अर्थ यह होगा कि प्रीमियम विदेशी मदिरा दुकानों में खरीदारी करने वाले ग्राहकों को भुगतान के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करना होगा। नकद राशि देकर खरीदारी करने की मौजूदा व्यवस्था इन दुकानों में समाप्त की जाएगी।
यह कदम प्रदेश में सरकारी मदिरा दुकानों की भुगतान व्यवस्था को अधिक डिजिटल, पारदर्शी और रिकॉर्ड आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
डिजिटल भुगतान से लेन-देन का बनेगा रिकॉर्ड
कैशलेस व्यवस्था लागू होने के बाद प्रत्येक भुगतान डिजिटल माध्यम से होने के कारण लेन-देन का इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इससे बिक्री और भुगतान की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से मॉनिटर करने में मदद मिल सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी सरकारी या अधिकृत व्यावसायिक प्रतिष्ठान में डिजिटल भुगतान की व्यवस्था बढ़ने से नकदी के प्रबंधन से जुड़ी कई व्यवहारिक समस्याएं कम की जा सकती हैं। साथ ही लेन-देन का रिकॉर्ड उपलब्ध होने से वित्तीय निगरानी और हिसाब-किताब की प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित हो सकती है।
ग्राहकों के लिए भी बदल जाएगा भुगतान का तरीका
अब तक प्रीमियम विदेशी मदिरा दुकानों पर ग्राहक अपनी सुविधा के अनुसार नकद राशि देकर खरीदारी कर सकते थे। लेकिन 1 अक्टूबर से लागू होने वाली व्यवस्था के बाद ग्राहकों को भुगतान के लिए डिजिटल विकल्पों का सहारा लेना होगा।
ऐसे में ग्राहकों के लिए यह जरूरी होगा कि वे दुकान पर खरीदारी के समय अपने मोबाइल फोन में आवश्यक डिजिटल भुगतान सुविधा उपलब्ध रखें। भुगतान के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी समस्या उत्पन्न होने की स्थिति में दुकान स्तर पर क्या वैकल्पिक व्यवस्था होगी, इसकी जानकारी संबंधित विभाग द्वारा ग्राहकों को उपलब्ध कराई जा सकती है।
49 दुकानों को किया गया है कैशलेस व्यवस्था में शामिल
CSMCL के आदेश में राज्य की प्रीमियम विदेशी मदिरा दुकानों की संख्या 49 बताई गई है। आदेश के अनुसार इन सभी दुकानों और उनके संबंधित शॉप कोड का विवरण विभागीय स्तर पर निर्धारित किया गया है।
इससे यह स्पष्ट है कि कैशलेस व्यवस्था केवल चुनिंदा प्रीमियम दुकानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राज्य की सभी 49 प्रीमियम विदेशी मदिरा दुकानों पर एक समान रूप से लागू की जाएगी।
नकद से डिजिटल व्यवस्था की ओर बढ़ता कदम
छत्तीसगढ़ में विभिन्न सरकारी सेवाओं और व्यावसायिक गतिविधियों में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रीमियम विदेशी मदिरा दुकानों को पूर्णतः कैशलेस किया जाना भी डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने वाला कदम माना जा रहा है।
कैशलेस व्यवस्था के पीछे एक महत्वपूर्ण उद्देश्य लेन-देन को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दर्ज करना और नकदी के इस्तेमाल को कम करना भी हो सकता है। इससे बिक्री और भुगतान के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में विभाग को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
दुकानों में भुगतान व्यवस्था को लेकर बढ़ेगी जिम्मेदारी
कैशलेस व्यवस्था लागू होने के बाद संबंधित दुकानों के संचालन में डिजिटल भुगतान प्रणाली की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाएगी। दुकान संचालकों और संबंधित कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि ग्राहकों को भुगतान के लिए उपलब्ध डिजिटल माध्यम सुचारू रूप से काम करें।
साथ ही भुगतान से संबंधित तकनीकी समस्याओं, नेटवर्क संबंधी दिक्कतों अथवा अन्य परिस्थितियों के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण होगा, ताकि ग्राहकों को खरीदारी के दौरान अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
आदेश के बाद विभागीय अमले की तैयारियां शुरू होने की संभावना
8 सितंबर 2026 को जारी आदेश के बाद 1 अक्टूबर की निर्धारित समय-सीमा को देखते हुए संबंधित विभागीय अमले और प्रीमियम मदिरा दुकानों में कैशलेस भुगतान व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज होने की संभावना है।
दुकानों में डिजिटल भुगतान से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच, कर्मचारियों को प्रक्रिया की जानकारी देना तथा ग्राहकों को नई भुगतान प्रणाली के बारे में जागरूक करना इस बदलाव का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।
ग्राहकों को पहले से जागरूक करना होगा जरूरी
नई व्यवस्था लागू होने से पहले ग्राहकों को इसकी जानकारी देना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि किसी ग्राहक को यह जानकारी नहीं होगी कि 1 अक्टूबर से नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा, तो दुकान पर पहुंचने के बाद उसे परेशानी हो सकती है।
इसलिए प्रीमियम मदिरा दुकानों पर स्पष्ट सूचना प्रदर्शित करने, डिजिटल भुगतान के विकल्पों की जानकारी देने और कैशलेस व्यवस्था की तारीख को प्रमुखता से बताने की आवश्यकता होगी।
पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
सरकारी स्तर पर होने वाले वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता और रिकॉर्ड-आधारित व्यवस्था को महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रीमियम विदेशी मदिरा दुकानों को पूर्णतः कैशलेस करने से बिक्री से जुड़े भुगतान डिजिटल रूप में दर्ज होंगे।
हालांकि इस व्यवस्था का वास्तविक प्रभाव इसके सुचारू क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
डिजिटल भुगतान की सुविधा, नेटवर्क, तकनीकी सहायता और ग्राहकों को पर्याप्त जानकारी उपलब्ध कराना इसके सफल संचालन के लिए अहम रहेगा।
1 अक्टूबर के बाद क्या बदलेगा?
1 अक्टूबर 2026 से:
राज्य की सभी 49 प्रीमियम विदेशी मदिरा दुकानें पूर्णतः कैशलेस होंगी।
नकद भुगतान की जगह डिजिटल भुगतान व्यवस्था लागू होगी।
भुगतान का इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।
दुकानों पर डिजिटल लेन-देन की व्यवस्था को सुचारू रखना आवश्यक होगा।
ग्राहकों को नई व्यवस्था के अनुसार भुगतान करना होगा।
संबंधित दुकानों को कैशलेस व्यवस्था के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी करनी होंगी।
CSMCL के आदेश से स्पष्ट हुआ बदलाव
CSMCL द्वारा जारी आदेश में संचालक मंडल की बैठक में दिए गए निर्देश तथा छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व निर्देशों का उल्लेख करते हुए 1 अक्टूबर 2026 से राज्य की सभी 49 प्रीमियम विदेशी मदिरा दुकानों को पूर्णतः कैशलेस करने का निर्णय स्पष्ट किया गया है।
अब देखना होगा कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद दुकानों पर डिजिटल भुगतान प्रणाली कितनी सहजता से संचालित होती है और ग्राहकों को इसका कितना लाभ मिलता है। फिलहाल विभाग के इस आदेश के बाद प्रदेश की प्रीमियम विदेशी Sub Titleमदिरा दुकानों में भुगतान व्यवस्था का स्वरूप पूरी तरह बदलने जा रहा है।














