प्रभात न्यूज़ 24:
बंधपत्र की शर्तों का उल्लंघन पड़ा भारी, ₹10 हजार का बॉन्ड डाउन; बलौदाबाजार में ऋषि शुक्ला और आशीष शुक्ला पर ₹1-1 लाख के बॉन्ड की प्रक्रिया
पलारी में बाउंड ओवर की शर्तों के उल्लंघन पर SDM न्यायालय की कार्रवाई, राशि जमा नहीं करने पर भू-राजस्व की तरह वसूली का प्रावधान; बलौदाबाजार शहर के दोनों मामलों में अंतिम आदेश होना बाकी
बलौदाबाजार।
जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस और प्रशासन द्वारा असामाजिक एवं उपद्रवी गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए प्रतिबंधात्मक कार्रवाई लगातार की जा रही है। इसी क्रम में पलारी थाना क्षेत्र में बंधपत्र की शर्तों का उल्लंघन किए जाने के मामले में ₹10,000 के बॉन्ड को डाउन करने की कार्रवाई सामने आई है। वहीं, बलौदाबाजार शहर में ऋषि शुक्ला और आशीष शुक्ला के विरुद्ध ₹1-1 लाख के बॉन्ड/बंधपत्र की कार्रवाई की प्रक्रिया कार्यपालिक दंडाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पलारी के मामले में बंधपत्र की शर्तों के उल्लंघन के बाद सक्षम न्यायालय द्वारा आदेश जारी किया जा चुका है, जबकि बलौदाबाजार शहर से जुड़े दोनों मामलों में अंतिम आदेश संबंधित कार्यपालिक दंडाधिकारी द्वारा पारित किया जाना बाकी बताया गया है।
पलारी में ₹10 हजार का बॉन्ड हुआ डाउन
पुलिस के अनुसार, थाना पलारी के इस्तगासा क्रमांक 170/2026 के आधार पर न्यायालय अनुविभागीय दंडाधिकारी पलारी द्वारा 25 मई 2026 को ग्राम खम्हरिया निवासी सत्यप्रकाश घृतलहरे, पिता कृष्ण कुमार, उम्र 23 वर्ष के विरुद्ध शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से BNSS की धारा 126 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई थी।
इस कार्रवाई के तहत संबंधित व्यक्ति से ₹10,000 का बंधपत्र निष्पादित कराया गया था। बंधपत्र का उद्देश्य निर्धारित अवधि के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना तथा ऐसी गतिविधियों से दूर रहना था, जिनसे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
पुलिस के मुताबिक, बाद में बंधपत्र में निर्धारित शर्तों के उल्लंघन की जानकारी सामने आई। इसके बाद थाना पलारी द्वारा संबंधित तथ्य और पुलिस प्रतिवेदन न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
कारण बताओ नोटिस के बाद न्यायालय ने लिया निर्णय
प्रकरण में न्यायालय की ओर से संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। बताया गया है कि नोटिस के जवाब को न्यायालय द्वारा संतोषजनक नहीं पाया गया।
इसके बाद उपलब्ध रिकॉर्ड और पुलिस द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर BNSS की धारा 135(3) के तहत ₹10,000 के बंधपत्र को जप्त अर्थात Bond Down करने का आदेश जारी किया गया।
इस कार्रवाई के बाद बंधपत्र की निर्धारित राशि संबंधित व्यक्ति के लिए देय हो गई है। बंधपत्र की शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में कानून में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई का प्रावधान है।
राशि जमा नहीं करने पर भू-राजस्व की तरह वसूली
पुलिस के अनुसार, यदि बंधपत्र जप्ती की राशि जमा नहीं की जाती है तो BNSS की धारा 491(2) के तहत उसकी वसूली भू-राजस्व की बकाया राशि की तरह किए जाने का प्रावधान है।
यानी न्यायालय द्वारा बंधपत्र की राशि जप्त किए जाने के बाद निर्धारित रकम को जमा नहीं करने पर प्रशासनिक स्तर पर उसकी वसूली की कार्रवाई आगे बढ़ सकती है।
शांति बंधपत्र के उल्लंघन पर गिरफ्तारी का भी प्रावधान
पुलिस के मुताबिक, शांति बंधपत्र के उल्लंघन के मामले में BNSS की धारा 141(1)(ख) के तहत पृथक कार्रवाई का प्रावधान भी है। लागू कानूनी प्रक्रिया और परिस्थितियों के अनुसार संबंधित व्यक्ति को गिरफ्तार कर बंधपत्र की शेष अवधि तक कारागार में निरुद्ध किए जाने की कार्रवाई की जा सकती है।
इस प्रावधान का उद्देश्य बंधपत्र की शर्तों का पालन सुनिश्चित करना और शांति व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर नियंत्रण रखना है।
क्या होता है बाउंड ओवर?
किसी व्यक्ति की गतिविधियों से शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका अथवा कानून-व्यवस्था से जुड़े संभावित विवाद को देखते हुए पुलिस द्वारा प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की जा सकती है। इसके बाद सक्षम कार्यपालिक दंडाधिकारी के समक्ष प्रकरण प्रस्तुत किया जाता है।
कानूनी प्रक्रिया के तहत संबंधित व्यक्ति से निर्धारित अवधि के लिए शांति बनाए रखने और बंधपत्र की शर्तों का पालन करने का बंधपत्र लिया जा सकता है। इसे सामान्य तौर पर बाउंड ओवर की कार्रवाई कहा जाता है।
यदि निर्धारित अवधि के दौरान बंधपत्र की शर्तों का उल्लंघन सामने आता है, तो पुलिस द्वारा संबंधित अधिकारी या न्यायालय के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सकती है और कानून में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बॉन्ड डाउन सहित अन्य कार्रवाई की जा सकती है।
बलौदाबाजार शहर में ऋषि शुक्ला और आशीष शुक्ला पर ₹1-1 लाख के बॉन्ड की प्रक्रिया
इधर, बलौदाबाजार शहर में भी ऋषि शुक्ला और आशीष शुक्ला के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिटी कोतवाली बलौदाबाजार द्वारा 19 अगस्त 2026 को दोनों के संबंध में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई। जानकारी के मुताबिक, दोनों के विरुद्ध ₹1-1 लाख के बॉन्ड/बंधपत्र की कार्रवाई के लिए BNSS की धारा 126 एवं 135 के तहत इस्तगासा कार्यपालिक दंडाधिकारी, तहसील बलौदाबाजार के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
बताया गया है कि पुलिस की ओर से प्रस्तुत इस्तगासे के आधार पर अब संबंधित प्रकरण में कार्यपालिक दंडाधिकारी के स्तर पर नियमानुसार प्रक्रिया आगे बढ़नी है।
अंतिम आदेश अभी बाकी
ऋषि शुक्ला और आशीष शुक्ला से जुड़े मामले में यह महत्वपूर्ण है कि अभी अंतिम आदेश पारित होना बाकी बताया गया है। इसलिए वर्तमान स्थिति को अंतिम दंडात्मक कार्रवाई के रूप में नहीं देखा जा सकता।
दोनों मामलों में संबंधित कार्यपालिक दंडाधिकारी द्वारा उपलब्ध दस्तावेज, पुलिस प्रतिवेदन, संबंधित पक्ष का पक्ष और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर आगे का आदेश पारित किया जाएगा।
इसलिए इन दोनों के संबंध में फिलहाल यह कहा जा रहा है कि ₹1-1 लाख के बॉन्ड की कार्रवाई की प्रक्रिया न्यायालय/कार्यपालिक दंडाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गई है, न कि यह कि बॉन्ड डाउन का अंतिम आदेश हो चुका है।
प्रतिबंधात्मक कार्रवाई पर पुलिस की नजर
जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा थाना स्तर पर ऐसे मामलों की निगरानी की जा रही है, जिनमें विवाद या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना हो सकती है। पुलिस का कहना है कि प्रतिबंधात्मक कार्रवाई का उद्देश्य किसी घटना के बाद कार्रवाई करने के साथ-साथ संभावित विवाद और शांति भंग की स्थिति को पहले से रोकना भी है।
अधिकारियों के अनुसार, किसी व्यक्ति के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया में संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है और अंतिम निर्णय सक्षम अधिकारी या न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होता है।
बंधपत्र की शर्तों को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी
पलारी के प्रकरण में ₹10,000 के बंधपत्र को डाउन किए जाने की कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि न्यायालय द्वारा निष्पादित शांति बंधपत्र की शर्तों का उल्लंघन होने पर उसके कानूनी परिणाम हो सकते हैं।
वहीं, बलौदाबाजार शहर में ऋषि शुक्ला और आशीष शुक्ला के संबंध में ₹1-1 लाख के बॉन्ड की प्रक्रिया शुरू होने से यह मामला भी प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया के दायरे में है। हालांकि, दोनों के मामलों में अंतिम आदेश आने के बाद ही कार्रवाई की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
पुलिस ने कहा—नियमानुसार जारी रहेगी कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों तथा बंधपत्र की शर्तों के उल्लंघन के मामलों में प्रचलित कानून और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस एवं प्रशासन की ओर से लोगों से भी अपील की जा रही है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें तथा किसी भी ऐसी गतिविधि से बचें जिससे क्षेत्र में विवाद, अशांति अथवा सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति उत्पन्न हो।
विशेष: ऋषि शुक्ला और आशीष शुक्ला से संबंधित भाग में उन्हें किसी अपराध का दोषी अथवा आरोपी घोषित नहीं किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनके विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया कार्यपालिक दंडाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गई है और अंतिम आदेश होना शेष है।













