प्रभात न्यूज़ 24:
दहेज उत्पीड़न और दूसरी शादी का आरोप: न्याय की गुहार लेकर थाने पहुंची पीड़िता
बलौदाबाजार। (छत्तीसगढ़)
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के गिधपुरी थाना क्षेत्र से महिला उत्पीड़न का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने क्षेत्र में व्यापक चर्चा को जन्म दे दिया है। एक विवाहिता ने अपने पति पर दहेज की मांग को लेकर मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना देने तथा पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करने का आरोप लगाते हुए थाना गिधपुरी में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर न्याय की गुहार लगाई है।
विवाह के कुछ माह बाद ही बिगड़ने लगे हालात
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गिधपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम खेजवारी (टेमरी) निवासी युवक का विवाह 7 मई 2025 को ग्राम पिसीद की युवती से हिंदू रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ था। विवाह के प्रारंभिक दिनों में सब कुछ सामान्य बताया जा रहा है, किंतु विवाहिता के आरोपों के अनुसार मात्र दो माह के भीतर ही उसके साथ व्यवहार में परिवर्तन आ गया।
पीड़िता का कहना है कि ससुराल पक्ष की ओर से अतिरिक्त दहेज की मांग की जाने लगी। मांग पूरी न होने पर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया तथा कई बार मारपीट भी की गई। विवाहिता ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि उसे लगातार अपमानित किया जाता था और परिवार में उसका सम्मान नहीं रखा गया।
रक्षाबंधन पर मायके आई तो मिली दूसरी शादी की जानकारी
बताया जा रहा है कि रक्षाबंधन के अवसर पर विवाहिता अपने मायके आई हुई थी। इसी दौरान उसने अपनी सास से हालचाल जानने के लिए फोन किया। आरोप है कि बातचीत के दौरान उसे जानकारी मिली कि उसके पति ने साहू समाज की एक अन्य युवती से दूसरी शादी कर ली है।
इस सूचना से स्तब्ध विवाहिता अपने पिता के साथ ससुराल पहुंची, जहां कथित रूप से उसके ससुर ने यह कहकर वापस भेज दिया कि “जब बेटा घर आएगा, तब आना।” इसके बाद से पति की ओर से न तो कोई संपर्क किया गया और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया गया।
छह माह से अधिक समय बीतने पर भी नहीं हुआ समाधान
घटना को लगभग छह माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद मामले में कोई स्पष्ट पहल सामने नहीं आई है। पीड़िता का आरोप है कि उसे जानबूझकर त्याग दिया गया है और बिना विधिक प्रक्रिया के दूसरी शादी कर ली गई है।
यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं तो यह मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए (दहेज प्रताड़ना) एवं धारा 494 (पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी) के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आता है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाती है।
महिला परिवार परामर्श केंद्र की रिपोर्ट
महिला अपराध एवं पारिवारिक प्रकरण होने के कारण मामला महिला परिवार परामर्श केंद्र, बलौदाबाजार को भी प्रेषित किया गया। जानकारी के अनुसार 5 फरवरी को परामर्श केंद्र द्वारा रिपोर्ट तैयार कर संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
गिधपुरी थाना प्रभारी संदीप बंजारे ने आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, महिला परिवार परामर्श केंद्र के प्रभारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन बार-बार फोन करने पर भी संपर्क स्थापित नहीं हो सका।
त्वरित कार्रवाई न होने से बढ़ी चिंता
पीड़िता और उसके परिजनों का कहना है कि अब तक पति के विरुद्ध ठोस कार्रवाई न होने से उसका मनोबल बढ़ा हुआ है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो पीड़िता को न्याय मिलने में और विलंब हो सकता है।
समाज में फिर उठे दहेज प्रथा पर सवाल
यह मामला एक बार फिर समाज में दहेज प्रथा और महिलाओं के प्रति बढ़ते अत्याचारों की समस्या को उजागर करता है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित, निष्पक्ष और संवेदनशील जांच आवश्यक है, ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके और दोषियों को कानून के तहत दंडित किया जा सके।
विशेषज्ञों का मत है कि दहेज जैसी कुप्रथा के विरुद्ध जागरूकता अभियान, कड़े कानूनी प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन और सामाजिक सहयोग ही ऐसे अपराधों पर अंकुश लगा सकते हैं।
फिलहाल, पूरे मामले में पुलिस जांच जारी है। क्षेत्र में इस घटना को लेकर चर्चाओं का दौर बना हुआ है और सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।














