प्रभात न्यूज़ 24:
अवैध रेत माफियाओं पर प्रशासन का बड़ा प्रहार : दो ट्रैक्टर जब्त, अवैध रैम्प ध्वस्त, खनिज विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई से मचा हड़कंप
बलौदाबाजार।
जिले में लगातार बढ़ रहे अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर जिला प्रशासन अब पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई कर रहा है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर खनिज विभाग द्वारा रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए शिवनाथ नदी से अवैध रूप से रेत उत्खनन कर परिवहन कर रहे दो वाहनों को जब्त किया गया। साथ ही अवैध उत्खनन में उपयोग किए जा रहे नदी पहुंच मार्ग (रैम्प) को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर बंद कर दिया गया।
प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय अवैध रेत कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है।
जानकारी के अनुसार खनिज विभाग की टीम ने रविवार को तहसील लवन अंतर्गत ग्राम सरखोर स्थित शिवनाथ नदी क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान टीम ने मौके पर अवैध रूप से रेत उत्खनन करते हुए एक ट्रैक्टर-ट्रॉली तथा एक अन्य ट्रॉली को पकड़ा। जब्त वाहनों के क्रमांक क्रमशः CG22 G 9371 एवं CG22 AB 9957 बताए गए हैं। दोनों वाहनों में बड़ी मात्रा में खनिज रेत भरी हुई थी।
खनिज विभाग के अधिकारियों द्वारा वाहन चालकों एवं संबंधित उत्खननकर्ताओं से वैध खनिज अनुमति, रॉयल्टी पर्ची तथा अभिवहन पारपत्र की मांग की गई, लेकिन वे कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। दस्तावेजों के अभाव में टीम ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21(4), छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71 तथा छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन एवं भंडारण) नियम 2009 के नियम 4(3) के तहत दोनों वाहनों को जब्त कर लिया।
जब्त किए गए वाहनों को आगे की वैधानिक कार्रवाई हेतु थाना लवन में सुरक्षार्थ सुपुर्द किया गया है। साथ ही अवैध रेत उत्खनन का प्रकरण भी पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ कर दी गई है। बताया जा रहा है कि प्रशासन अब अवैध रेत उत्खनन में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की तैयारी में है।
कार्रवाई के दौरान खनिज विभाग की टीम ने केवल वाहन जब्ती तक ही सीमित न रहते हुए अवैध उत्खनन को पूरी तरह रोकने के उद्देश्य से नदी तक पहुंचने वाले अवैध मार्ग को भी जेसीबी मशीन की सहायता से काटकर अवरुद्ध कर दिया। प्रशासन का मानना है कि रैम्प ध्वस्त किए जाने से अवैध रेत परिवहन पर तत्काल प्रभाव पड़ेगा और माफियाओं की गतिविधियों पर अंकुश लगेगा।
गौरतलब है कि जिले में लंबे समय से शिवनाथ नदी सहित विभिन्न नदी क्षेत्रों में अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। ग्रामीणों द्वारा कई बार रात के अंधेरे में भारी मशीनों और ट्रैक्टरों से रेत निकासी किए जाने की शिकायत प्रशासन तक पहुंचाई गई थी।
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाते हुए खनिज विभाग को नियमित जांच एवं कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन से न केवल शासन को राजस्व की क्षति होती है, बल्कि पर्यावरण संतुलन पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ने से जलस्तर प्रभावित होता है और आसपास के गांवों में भू-क्षरण जैसी समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं। इसी कारण अवैध उत्खनन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यदि इसी प्रकार नियमित कार्रवाई जारी रही तो अवैध रेत कारोबार पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि नदी क्षेत्रों में रात्रिकालीन गश्त बढ़ाई जाए ताकि चोरी-छिपे होने वाले उत्खनन पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि कहीं भी अवैध रेत उत्खनन या परिवहन की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।












