प्रभात न्यूज़ 24:
पलारी में सर्व आदिवासी समाज के सामुदायिक भवन का भूमिपूजन, 50 लाख रुपये की लागत से होगा निर्माण
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा को मिला धरातल, वार्ड क्रमांक 15 में सामाजिक भवन निर्माण की शुरुआत
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल बोले—सामाजिक भवन से आदिवासी समाज की एकता, संस्कृति और सामुदायिक गतिविधियों को मिलेगी नई दिशा।
पलारी।
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के नगर पंचायत पलारी में सर्व आदिवासी समाज के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तहत 50 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन का भूमिपूजन समारोह शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। नगर पंचायत पलारी के वार्ड क्रमांक 15 में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासी समाज की पारंपरिक आस्था के प्रतीक बड़ादेव की पूजा-अर्चना से हुई। भूमिपूजन के साथ ही समाज को एक स्थायी सामुदायिक केंद्र उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
यह भवन आदिवासी समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक, पारंपरिक और सामुदायिक आयोजनों के लिए उपयोगी साबित होगा। भवन निर्माण से समाज के लोगों को एक साझा स्थान उपलब्ध होगा, जहां सामाजिक बैठकें, पारंपरिक कार्यक्रम, सांस्कृतिक गतिविधियां, सामूहिक विचार-विमर्श तथा समाज के विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद निर्माण की दिशा में बढ़ा कदम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 22 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बलौदाबाजार जिले के प्रवास के दौरान ग्राम ओडान में आयोजित आदिवासी समाज के कार्यक्रम में इस सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की गई थी। इसी घोषणा के अनुरूप नगर पंचायत पलारी के वार्ड क्रमांक 15 में भवन निर्माण के लिए भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
सामुदायिक भवन निर्माण की यह पहल सर्व आदिवासी समाज, ब्लॉक इकाई पलारी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लंबे समय से समाज की गतिविधियों के लिए एक व्यवस्थित एवं सुविधायुक्त स्थान की आवश्यकता को देखते हुए इस प्रकार का भवन सामाजिक आयोजनों को बेहतर स्वरूप देने में सहायक हो सकता है।
भवन का निर्माण पूर्ण होने के बाद समाज के विभिन्न वर्गों को एक साथ बैठने, आपसी संवाद स्थापित करने और सामाजिक हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही आने वाली पीढ़ियों को अपनी परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए भी यह स्थान उपयोगी बन सकता है।
गौरीशंकर अग्रवाल ने आदिवासी समाज की परंपराओं और संस्कृति को बताया महत्वपूर्ण
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने अपने संबोधन में आदिवासी समाज की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज प्राचीन काल से इस धरती पर निवास करता आया है। समाज अपनी विशिष्ट परंपराओं, रीति-रिवाजों और प्रकृति के प्रति सम्मान के लिए जाना जाता है।
उन्होंने आदिवासी समाज की प्रकृति से जुड़ी आस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि नदी, पेड़ और पहाड़ों की पूजा-अर्चना समाज की सांस्कृतिक परंपराओं का अभिन्न हिस्सा रही है। ऐसी परंपराएं समाज की विशिष्ट पहचान को दर्शाती हैं और हमारी सांस्कृतिक विविधता को समृद्ध बनाती हैं।
अग्रवाल ने कहा कि सामुदायिक भवन का निर्माण केवल एक भवन तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज की सामूहिक गतिविधियों को व्यवस्थित करने और सामाजिक एकजुटता को मजबूत बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। इस भवन में समाज के विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकेगा, जिससे सामाजिक संवाद, संगठन और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि भवन का उपयोग समाज के व्यापक हित में किया जाएगा और यह आने वाले समय में सामाजिक विकास, सांस्कृतिक संरक्षण तथा सामुदायिक सहभागिता का प्रमुख केंद्र बनेगा।
सामाजिक एकता और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
आदिवासी समाज की परंपराएं, लोक संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान और सामुदायिक जीवनशैली छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में समाज के लिए स्थायी सामुदायिक भवन की उपलब्धता सामाजिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ पारंपरिक विरासत के संरक्षण में भी सहायक हो सकती है।
सामाजिक भवन में विभिन्न अवसरों पर समाज की बैठकें आयोजित की जा सकेंगी। सामाजिक समस्याओं पर चर्चा, युवाओं के लिए मार्गदर्शन, महिला प्रभाग की गतिविधियां, पारंपरिक रीति-रिवाजों से जुड़े आयोजन और सामूहिक कार्यक्रमों को भी यहां स्थान मिल सकेगा।
इसके अतिरिक्त, समाज के वरिष्ठजनों के अनुभवों और नई पीढ़ी की भागीदारी के बीच संवाद स्थापित करने के लिए भी यह भवन एक उपयोगी मंच बन सकता है। समाज के लोगों को एक स्थान पर एकत्रित होने की सुविधा मिलने से आपसी सहयोग, सामाजिक समरसता और संगठनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
जनप्रतिनिधियों और समाज के पदाधिकारियों की रही सहभागिता
भूमिपूजन समारोह में विभिन्न जनप्रतिनिधियों, भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों, सामाजिक प्रतिनिधियों और सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारियों की सहभागिता रही। कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ विधानसभा गौरीशंकर अग्रवाल, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित के पूर्व अध्यक्ष योगेश चंद्राकर, जनपद पंचायत पलारी की अध्यक्ष श्रीमती सविता भीम यादव तथा नगर पंचायत पलारी के अध्यक्ष गोपी साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इसके साथ ही भाजपा मंडल पलारी के अध्यक्ष पवन वर्मा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष नंद वर्मा, पूर्व किसान महामंत्री ओमप्रकाश चंद्रवंशी, मंडल पदाधिकारी केजूराम साहू, तुलसी डहरिया, श्रीमती बृजबाई वर्मा, संकेत वर्मा, भाजयुमो अध्यक्ष प्रमोद देवांगन, भाजयुमो महामंत्री रवि श्रीवास्तव, योगेश योगी वर्मा, जनपद सदस्य रामबाबू पटेल, महिला मोर्चा की जिला महामंत्री श्रीमती निर्मला रजक तथा पलारी महिला मोर्चा की अध्यक्ष श्रीमती संतोषी मानिकपुरी की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक पदाधिकारियों की मौजूदगी ने आयोजन को सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाया। विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने समाज की गतिविधियों और सामुदायिक भवन की उपयोगिता से जुड़े विषयों पर सहभागिता की।
सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारियों की रही प्रमुख भूमिका
सर्व आदिवासी समाज, ब्लॉक इकाई पलारी की ओर से ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. भान सिंह ध्रुव, उपाध्यक्ष श्री यू.के. नागवंशी, संरक्षक गजानंद ताराम, सचिव छन्नू लाल ध्रुव, प्रदेश उपाध्यक्ष कमलेश ध्रुव, जिलाध्यक्ष भूपेंद्र ध्रुवंशी, लवन-तुरतुरिया महासभा अध्यक्ष शिव नेताम तथा जिला उपाध्यक्ष भानू ध्रुव सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल रहे।
इसके अलावा मनोहर मंडावी, थानु ध्रुव, महिला प्रभाग की ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती प्रेमीन ध्रुव, अनित ध्रुव, कोषाध्यक्ष अभय लाल ध्रुव, सहसचिव दशरथ ध्रुव, भूमका पुजारी रोहित छेदइया, केशव कुंजाम, राजकुमार ध्रुव, समाजसेवी दयाराम ध्रुव, हेमलाल नायक, रामजी ध्रुव, तीज राम ध्रुव, श्यामबाबू ध्रुव, कृष्णा ध्रुव, कुबेर सिंह पैकरा और जितेंद्र ध्रुव सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में जनपद सदस्य पुरुषोत्तम ध्रुव, टॉप लाल ध्रुव, महिला प्रभाग से श्रीमती दुर्गेशनंदनी ध्रुव एवं श्रीमती जानकी नेताम सहित समाज के विभिन्न पदाधिकारियों, चक अध्यक्षों और महासभाओं के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।
इसके साथ ही भोजराम नेताम, छत्रसिंह ध्रुव, दशरू राम, नेमीचंद ध्रुव, हेमलाल नेताम, पुरुषोत्तम ध्रुव, महासचिव जनकराम, जयराम ध्रुव, महासभा से जुड़े दाऊलाल ध्रुव, तिरिथराम ध्रुव, प्रभुदयाल, ललित नेताम, पुरुषोत्तम दीवान, संत राम ध्रुव, मनोज ध्रुव, चंदन ध्रुव, चंद्रेश ध्रुव, कृष ध्रुव, बृजभूषण दीवान तथा प्रेमशंकर दीवान सहित अन्य सामाजिक बंधुओं की सहभागिता रही।
समाज के विभिन्न प्रभागों, महासभाओं और स्थानीय इकाइयों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस आयोजन के सामुदायिक स्वरूप को रेखांकित किया।
युवा और महिला प्रभाग के लिए भी उपयोगी होगा भवन
सामुदायिक भवन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को गतिविधियों के लिए साझा मंच उपलब्ध कराना है। विशेष रूप से युवा प्रभाग और महिला प्रभाग के लिए यह भवन सामाजिक संवाद, जागरूकता कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों के आयोजन में सहायक हो सकता है।
युवाओं को सामाजिक नेतृत्व, शिक्षा, रोजगार, सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक जिम्मेदारियों से जोड़ने वाले कार्यक्रमों के आयोजन के लिए भी यह स्थान उपयोगी साबित हो सकता है। वहीं महिला प्रभाग के माध्यम से महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, सामाजिक विषयों पर चर्चा करने तथा सामुदायिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की संभावनाएं भी रहेंगी।
समाज के वरिष्ठजनों के अनुभव और युवाओं की सक्रियता के समन्वय से इस भवन को सामाजिक विकास के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।
समाज के विकास को मिलेगी नई दिशा
सामुदायिक भवन किसी भी समाज के लिए केवल बैठकों और आयोजनों का स्थान नहीं होता, बल्कि यह सामाजिक सहभागिता, सहयोग और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया को मजबूत करने का माध्यम भी बन सकता है। पलारी में बनने वाला यह भवन सर्व आदिवासी समाज के लोगों को एक साझा मंच प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
समाज की विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित करने, सामाजिक विषयों पर विचार-विमर्श करने और परंपरागत सांस्कृतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में इसकी उपयोगिता रहेगी। साथ ही सामाजिक आयोजनों के लिए व्यवस्थित स्थान उपलब्ध होने से समाज की संगठनात्मक गतिविधियों को भी सुविधा मिल सकती है।
अब भवन निर्माण की आगामी प्रक्रिया के पूर्ण होने के साथ समाज को इस सुविधा का लाभ मिलने की उम्मीद है। भवन निर्माण की गुणवत्ता, निर्धारित सुविधाओं और समयबद्ध पूर्णता पर ध्यान दिया जाना भी महत्वपूर्ण रहेगा, ताकि 50 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित यह परियोजना समाज की वास्तविक आवश्यकताओं को पूरा कर सके।
सामाजिक सहभागिता और सामूहिक विकास का संदेश
नगर पंचायत पलारी के वार्ड क्रमांक 15 में आयोजित भूमिपूजन समारोह ने सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और सामुदायिक विकास की आवश्यकता को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ओर से घोषित 50 लाख रुपये की राशि से बनने वाला यह भवन सर्व आदिवासी समाज के लिए एक महत्वपूर्ण सामुदायिक संसाधन साबित हो सकता है।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल के संबोधन में आदिवासी समाज की परंपराओं और प्रकृति के प्रति आस्था का उल्लेख कार्यक्रम का प्रमुख पक्ष रहा। वहीं समाज के विभिन्न पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता ने इस पहल के प्रति सामूहिक रुचि को सामने रखा।
भवन निर्माण पूर्ण होने के बाद इसका प्रभावी उपयोग समाज की एकता, संगठनात्मक गतिविधियों, सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों को सामाजिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
निष्कर्ष:-पलारी में 50 लाख रुपये की लागत से सर्व आदिवासी समाज के सामुदायिक भवन का भूमिपूजन सामाजिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब इस परियोजना के निर्माण कार्य को निर्धारित गुणवत्ता और समयसीमा के अनुरूप पूरा करना तथा भवन का उपयोग समाज के सभी वर्गों के हित में सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा।
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