प्रभात न्यूज़ 24:
नन्हे हाथों से बने रंग-बिरंगे दीयों ने कलेक्टर कार्यालय में बिखेरी दीपावली की खुशियां, शाश्वत लिटिल स्टार स्कूल के बच्चों ने कलेक्टर को भेंट किए दीप
बच्चों की रचनात्मकता और भारतीय संस्कृति के प्रति लगाव ने जीता कलेक्टर का दिल, स्वदेशी एवं पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
बलौदाबाजार।
दीपावली का पर्व केवल रोशनी और खुशियों का त्योहार ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा, आपसी प्रेम, सद्भाव और आत्मीयता का प्रतीक भी है। इसी सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत करते हुए शाश्वत लिटिल स्टार इंग्लिश मीडियम स्कूल, बलौदाबाजार के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने इस दीपावली पर एक अनूठी और प्रेरणादायक पहल की। विद्यालय के बच्चों ने अपने नन्हे हाथों से तैयार किए गए सुंदर, आकर्षक एवं रंग-बिरंगे मिट्टी के दीये जिला कलेक्टर महोदय को सप्रेम भेंट कर दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
बच्चों की इस आत्मीय पहल ने कलेक्टर कार्यालय में दीपावली के उत्सव को और भी खास बना दिया। अपने हाथों से तैयार किए गए दीयों को लेकर जब नन्हे विद्यार्थी कलेक्टर महोदय से मिलने पहुंचे, तो उनके चेहरों पर उत्साह, उमंग और खुशी साफ झलक रही थी। बच्चों ने पूरे आदर और आत्मीयता के साथ अपने द्वारा बनाए गए मिट्टी के दीये कलेक्टर महोदय को उपहार स्वरूप भेंट किए तथा उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर कलेक्टर महोदय ने बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा, मेहनत और सुंदर कलाकृतियों की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने बच्चों के साथ आत्मीयतापूर्वक समय बिताया और उनके द्वारा बनाए गए रंग-बिरंगे दीयों को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अपने माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करने और जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मिट्टी के दीयों के माध्यम से दिया स्वदेशी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
विद्यालय द्वारा आयोजित इस रचनात्मक गतिविधि का उद्देश्य केवल दीपावली की शुभकामनाएं देना ही नहीं था, बल्कि बच्चों को भारतीय संस्कृति, पारंपरिक त्योहारों और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से भी परिचित कराना था। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार बच्चों को मिट्टी के दीये तैयार करने के लिए प्रेरित करने के पीछे स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देना, स्थानीय कुम्हारों की पारंपरिक कला के महत्व को समझना तथा पर्यावरण के अनुकूल तरीके से त्योहार मनाने की भावना विकसित करना प्रमुख उद्देश्य रहा।
आज के आधुनिक दौर में जहां त्योहारों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, वहीं बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। मिट्टी के दीये भारतीय सभ्यता और परंपरा की पहचान रहे हैं। इन दीयों के माध्यम से बच्चों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि दीपावली का वास्तविक आनंद अपनी परंपराओं को अपनाने, दूसरों के चेहरों पर मुस्कान लाने और प्रकृति के प्रति संवेदनशील रहने में है।
पढ़ाई के साथ रचनात्मक गतिविधियों पर भी विद्यालय का जोर
शाश्वत लिटिल स्टार इंग्लिश मीडियम स्कूल की इस पहल से यह भी संदेश मिलता है कि बच्चों की शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए। विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानना, उन्हें नई गतिविधियों से जोड़ना और सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूक बनाना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
अपने हाथों से दीये तैयार करने की गतिविधि के माध्यम से बच्चों को कला, कल्पनाशीलता, मेहनत, धैर्य और आत्मनिर्भरता का अनुभव प्राप्त हुआ। वहीं जिला कलेक्टर जैसे प्रशासनिक प्रमुख से मुलाकात कर अपने हाथों से तैयार की गई कलाकृति भेंट करने का अवसर बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला साबित हुआ।
इस तरह की गतिविधियां बच्चों को समाज के विभिन्न वर्गों और प्रशासनिक व्यवस्था से परिचित कराने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व विकास में भी सहायक होती हैं। बच्चों ने अपनी छोटी-सी पहल से यह साबित किया कि खुशियां बांटने के लिए किसी बड़े उपहार की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि प्रेम और आत्मीयता से दिया गया छोटा-सा उपहार भी लोगों के दिलों में विशेष स्थान बना सकता है।
कलेक्टर ने बच्चों एवं विद्यालय परिवार को दी दीपावली की शुभकामनाएं
कार्यक्रम के समापन अवसर पर कलेक्टर महोदय ने सभी बच्चों और विद्यालय परिवार को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शिक्षा, संस्कार और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण एवं प्रशासनिक सदस्य भी उपस्थित रहे। सभी ने बच्चों की इस सुंदर पहल की सराहना की और इसे भारतीय संस्कृति, सामाजिक सद्भाव तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता से जोड़ने वाला सराहनीय प्रयास बताया।
नन्हे हाथों से बने मिट्टी के दीयों के माध्यम से शाश्वत लिटिल स्टार इंग्लिश मीडियम स्कूल के बच्चों ने यह खूबसूरत संदेश दिया कि दीपावली की असली रोशनी केवल घरों में जलने वाले दीपों से नहीं, बल्कि हमारे संस्कारों, हमारी संस्कृति, हमारी रचनात्मकता और दूसरों के प्रति सम्मान एवं प्रेम की भावना से भी फैलती है। बच्चों की इस पहल ने साबित किया कि छोटी उम्र में किए गए अच्छे प्रयास भी समाज में सकारात्मक संदेश देने की बड़ी ताकत रखते हैं।





















