प्रभात न्यूज़ 24:
भाटापारा में तीन दिवसीय रंगीला रास गरबा महोत्सव का भव्य समापन, भक्ति और संस्कृति के रंग में रंगा रावण भाटा
विधायक इन्द्र साव बोले— रास गरबा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा, ऐसे आयोजन सामाजिक एकता और भाईचारे को करते हैं मजबूत
भाटापारा।
नवरात्रि और दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर भाटापारा के रावण भाटा में आयोजित तीन दिवसीय रंगीला रास गरबा महोत्सव का उत्साह, उमंग, श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण के बीच भव्य समापन हुआ। तीन दिनों तक चले इस सांस्कृतिक आयोजन में मां दुर्गा की आराधना के साथ पारंपरिक गरबा और डांडिया की मनमोहक प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चों, युवाओं और अन्य प्रतिभागियों ने पारंपरिक संगीत की धुनों पर गरबा प्रस्तुत कर पूरे आयोजन स्थल को उत्सवमय बना दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों, श्रद्धालुओं और गरबा प्रेमियों की सहभागिता देखने को मिली।
हिन्द युवा श्री दुर्गा पूजा उत्सव समिति द्वारा विधायक इन्द्र साव के मार्गदर्शन में आयोजित इस तीन दिवसीय रंगीला रास गरबा महोत्सव की विशेषता यह रही कि इसे विगत वर्षों की परंपरा के अनुसार निःशुल्क रखा गया। आयोजन का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों के लोगों, विशेषकर बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और पारंपरिक लोकनृत्य से जोड़ना रहा। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। आयोजन के माध्यम से धार्मिक श्रद्धा के साथ सामाजिक मेल-मिलाप, आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का संदेश भी दिया गया।
मां दुर्गा की आराधना के साथ शुरू हुआ सांस्कृतिक उत्सव
रास गरबा महोत्सव के प्रथम दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ अखिल भारतीय कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक गिरीश देवांगन के मुख्य आतिथ्य तथा भाटापारा विधायक इन्द्र साव की अध्यक्षता में हुआ। कार्यक्रम में राम गिड़लानी, सुशील शर्मा, सतीश अग्रवाल, आलोक मिश्रा, सुकृत साहू और त्रिलोक सलूजा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अतिथियों की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में मां दुर्गा की आराधना और नवरात्रि के आध्यात्मिक महत्व को प्रमुखता दी गई। इसके बाद पारंपरिक गरबा और डांडिया की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। प्रतिभागियों ने अपनी वेशभूषा, नृत्य शैली और सामूहिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
तीन दिनों तक आयोजित इस महोत्सव में उत्सव और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। गरबा की पारंपरिक धुनों पर प्रतिभागियों की सामूहिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को यादगार बनाया। बच्चों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने यह भी दर्शाया कि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति रुचि रखती है और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित है।
गिरीश देवांगन ने आयोजन को बताया संस्कृति और सामाजिक एकता का माध्यम
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल गिरीश देवांगन ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि नवरात्रि का पर्व शक्ति, भक्ति और साधना का प्रतीक है। यह पर्व हमें मां दुर्गा की आराधना के साथ जीवन में सकारात्मकता, साहस और सदाचार अपनाने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि रास गरबा केवल नृत्य या मनोरंजन तक सीमित आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को एक मंच पर लाते हैं और उनके बीच आपसी मेल-मिलाप, सहयोग तथा भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करते हैं।
गिरीश देवांगन के अनुसार, आधुनिक समय में अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना और नई पीढ़ी को उससे परिचित कराना बेहद जरूरी है। रास गरबा जैसे आयोजन बच्चों और युवाओं को अपनी परंपराओं से जोड़ते हैं। जब युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति को समझती है और उसमें भागीदारी करती है, तो परंपराएं केवल पुस्तकों या इतिहास तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि समाज के दैनिक जीवन का हिस्सा बनी रहती हैं।
उन्होंने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए ऐसे कार्यक्रमों को सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। इस तरह के आयोजनों से लोगों को धार्मिक आस्था के साथ सामूहिक उत्सव मनाने का अवसर मिलता है और समाज में सकारात्मक वातावरण निर्मित होता है।
इन्द्र साव बोले— रास गरबा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा
भाटापारा विधायक इन्द्र साव ने रास गरबा महोत्सव को भारतीय संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि रास गरबा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। जब समाज के सभी वर्गों के लोग एक साथ मिलकर मां दुर्गा की भक्ति में सहभागी बनते हैं, तो आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना और अधिक मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि नवरात्रि केवल धार्मिक अनुष्ठान का अवसर नहीं है, बल्कि यह आत्मचिंतन, सकारात्मक सोच और समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझने का भी पर्व है। मां दुर्गा की आराधना हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, सत्य के मार्ग पर चलने और समाज में सकारात्मकता लाने की प्रेरणा देती है।
विधायक साव ने कहा कि नवरात्रि का संदेश है कि प्रत्येक व्यक्ति अपने भीतर की नकारात्मकता को दूर करे और प्रेम, सद्भाव, सहयोग तथा भाईचारे को बढ़ावा दे। समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता में निहित है। जब लोग आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर सामूहिक रूप से किसी सकारात्मक उद्देश्य के लिए आगे आते हैं, तो समाज अधिक सशक्त बनता है। रास गरबा जैसे सांस्कृतिक आयोजन इसी भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति और परंपराएं हमारी पहचान हैं। इन्हें संरक्षित करना, इनका सम्मान करना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं और उन्हें भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।
सभी वर्गों की भागीदारी से मजबूत होती है सामाजिक समरसता
विधायक इन्द्र साव ने कहा कि किसी भी सांस्कृतिक आयोजन की वास्तविक सफलता तब होती है, जब उसमें समाज के सभी वर्गों को समान रूप से भागीदारी का अवसर मिले। हिन्द युवा श्री दुर्गा पूजा उत्सव समिति द्वारा रास गरबा महोत्सव को निःशुल्क आयोजित किए जाने से बच्चों और अन्य प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज को जोड़ने का काम करते हैं। ऐसे आयोजनों में लोग एक-दूसरे के साथ मिलकर उत्सव मनाते हैं, जिससे आपसी परिचय, सहयोग और सद्भाव को बढ़ावा मिलता है। सामूहिक भागीदारी से सामाजिक रिश्ते मजबूत होते हैं और क्षेत्र में सांस्कृतिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलती है।
विधायक साव ने आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों, सहयोगियों और प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस उत्साह, श्रद्धा और समर्पण के साथ समिति ने तीन दिवसीय महोत्सव का आयोजन किया, वह प्रशंसनीय है।
उन्होंने मां दुर्गा से प्रार्थना करते हुए कहा कि सभी को शक्ति, साहस और सद्बुद्धि प्राप्त हो, ताकि समाज के विकास, गरीबों की सेवा, महिलाओं के सम्मान और क्षेत्र की खुशहाली के लिए मिलकर काम किया जा सके। उन्होंने कामना की कि मां दुर्गा का आशीर्वाद सभी पर बना रहे और समाज में प्रेम, सद्भाव तथा एकता की ज्योति सदैव प्रज्वलित होती रहे।
तीन दिनों तक छाया रहा भक्ति और उत्साह का माहौल
रावण भाटा में आयोजित इस महोत्सव के दौरान धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक उल्लास का वातावरण बना रहा। मां दुर्गा की भक्ति से जुड़े इस आयोजन में प्रतिभागियों ने पारंपरिक गरबा और डांडिया के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया। संगीत, नृत्य और रंग-बिरंगे परिधानों से सजे आयोजन स्थल पर उत्सव की रौनक देखते ही बनती थी।
रास गरबा के दौरान सामूहिक नृत्य की प्रस्तुतियों ने लोगों को आकर्षित किया। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। बच्चों और युवाओं की भागीदारी ने आयोजन को विशेष स्वरूप दिया। धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक परंपराओं का यह संगम लोगों के लिए मनोरंजन के साथ अपनी विरासत को करीब से अनुभव करने का अवसर भी बना।
आयोजन की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि इसमें प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और सार्वजनिक मंच पर अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर मिला। ऐसे मंच बच्चों और युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रति रुचि विकसित करने में सहायक होते हैं।
तीन दिवसीय आयोजन के समापन पर आयोजक समिति और प्रतिभागियों में खासा उत्साह दिखाई दिया। पूरे महोत्सव के दौरान भक्तिमय वातावरण और सांस्कृतिक गतिविधियों ने लोगों को एक सूत्र में बांधे रखा।
प्रतिभागियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर किया गया सम्मानित
महोत्सव के समापन अवसर पर प्रतिभागियों के उत्साह और उनकी सहभागिता को प्रोत्साहित करने के लिए मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। वहीं, विभिन्न श्रेणियों में विशेष स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को विभिन्न संस्थाओं की ओर से आकर्षक पुरस्कार भी दिए गए।
सम्मान समारोह के माध्यम से प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की गई। इस पहल ने आयोजन में शामिल बच्चों और युवाओं का उत्साह बढ़ाया। सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के लिए सम्मान और प्रोत्साहन का यह अवसर विशेष रहा।
आयोजन समिति की ओर से किए गए प्रयासों के कारण प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने के साथ-साथ अपनी उपलब्धियों के लिए सम्मान प्राप्त करने का अवसर मिला। इस तरह का प्रोत्साहन भविष्य में भी बच्चों और युवाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित कर सकता है।
आयोजन समिति और सहयोगियों के प्रयासों की हुई सराहना
हिन्द युवा श्री दुर्गा पूजा उत्सव समिति द्वारा विधायक इन्द्र साव के मार्गदर्शन में आयोजित इस महोत्सव ने धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक सहभागिता को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया। निःशुल्क आयोजन के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को सहभागी बनने का अवसर मिला।
कार्यक्रम की सफलता में आयोजन समिति के सदस्यों, सहयोगियों, प्रतिभागियों और उपस्थित नागरिकों की सहभागिता महत्वपूर्ण रही। आयोजन के दौरान अतिथियों ने भी सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और समाज में आपसी सद्भाव बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
रास गरबा जैसे आयोजन स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से परिचित कराने का माध्यम बनते हैं। इससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलती है और लोगों को सामूहिक रूप से धार्मिक पर्व मनाने का अवसर प्राप्त होता है।
बड़ी संख्या में नागरिक और गणमान्यजन रहे उपस्थित
तीन दिवसीय रंगीला रास गरबा महोत्सव में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर दिवाकर मिश्रा, अमर मंडावी, रेवा पारप्यानी, राजू गुप्ता, मुकेश साहू, चंद्रशेखर चक्रधारी, जीतू शर्मा, पार्षद गेंदु साहू, आबिद खान, मनहरन वर्मा, सुंदर साहू, दीपक वर्मा, सादाब जालियावाला, गौरी भृगु, डॉ. वीणा साहू, डॉ. ममता गुप्ता, बिमलेश्वरी ध्रुव, सीता साहू, दाऊ संतोष अग्रवाल, विक्की ठाकुर, सत्यजीत शेंडे, विवेक यदु, नरेंद्र ब्राम्हनकर, शशांक बंजारे, ओमप्रकाश यदु, पुनीत दास मानिकपुरी, रंगीला साहू, अमृत साहू, जीत साव और तेजेश्वर साहू सहित आयोजन समिति से जुड़े सदस्य तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने रास गरबा महोत्सव के आयोजन को सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। तीन दिनों तक चले इस उत्सव ने भाटापारा में नवरात्रि के माहौल को और अधिक उत्साहपूर्ण बनाया।
सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का संदेश देकर संपन्न हुआ महोत्सव
रावण भाटा में आयोजित तीन दिवसीय रंगीला रास गरबा महोत्सव का समापन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का समापन नहीं, बल्कि भारतीय परंपराओं, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता के संदेश के साथ हुआ। मां दुर्गा की आराधना, पारंपरिक नृत्य, प्रतिभागियों का सम्मान और नागरिकों की सहभागिता इस आयोजन के प्रमुख आकर्षण रहे।
विधायक इन्द्र साव के मार्गदर्शन में हिन्द युवा श्री दुर्गा पूजा उत्सव समिति द्वारा आयोजित इस महोत्सव ने यह संदेश दिया कि सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी आवश्यक है। जब बच्चे, युवा और बड़े एक साथ मिलकर अपनी संस्कृति का उत्सव मनाते हैं, तो परंपराएं अगली पीढ़ी तक सहज रूप से पहुंचती हैं।
भक्ति, उत्साह और सामाजिक सद्भाव के वातावरण में संपन्न हुए इस महोत्सव ने उपस्थित लोगों के बीच सकारात्मक संदेश छोड़ा। आयोजन के माध्यम से मां दुर्गा की आराधना के साथ प्रेम, सहयोग, भाईचारे और सांस्कृतिक गौरव की भावना को प्रोत्साहित किया गया।



















