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बलौदाबाजार कांग्रेस भवन में श्रद्धा के साथ मनाया गया इंदिरा गांधी का बलिदान दिवस एवं सरदार पटेल की जयंती, कांग्रेसजनों ने किया नमन

राजनीति 31 October 2026 (35)

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प्रभात न्यूज़ 24: 

बलौदाबाजार कांग्रेस भवन में श्रद्धा के साथ मनाया गया इंदिरा गांधी का बलिदान दिवस एवं सरदार पटेल की जयंती, कांग्रेसजनों ने किया नमन


देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का लिया संकल्प, दोनों महान विभूतियों के योगदान को किया याद



बलौदाबाजार। 

जिला मुख्यालय स्थित स्थानीय कांग्रेस भवन में 31 अक्टूबर 2026 को भारत की पूर्व प्रधानमंत्री एवं देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी जी का बलिदान दिवस तथा भारत के लौह पुरुष, महान स्वतंत्रता सेनानी एवं देश की एकता और अखंडता के शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल जी की जयंती श्रद्धा, सम्मान और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों, वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं, विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दोनों महान राष्ट्रीय विभूतियों के छायाचित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम की शुरुआत दोनों महान नेताओं के छायाचित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन करने के साथ हुई। कांग्रेस भवन में उपस्थित नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने उनके जीवन, संघर्ष, राजनीतिक दूरदर्शिता, राष्ट्र के प्रति समर्पण और ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।



इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी जी भारतीय राजनीति की ऐसी सशक्त हस्ताक्षर थीं, जिन्होंने अपने नेतृत्व, दृढ़ निर्णय क्षमता और साहसिक कार्यशैली से देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की एक अलग पहचान स्थापित की। उनका संपूर्ण राजनीतिक जीवन अनेक चुनौतियों, संघर्षों और ऐतिहासिक घटनाओं से भरा रहा। उन्होंने देश की एकता, संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। देश के प्रति उनका समर्पण और सर्वोच्च बलिदान भारतीय इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा।



वक्ताओं ने कहा कि इंदिरा गांधी जी ने कठिन परिस्थितियों में भी मजबूत नेतृत्व का परिचय दिया। उनके कार्यकाल में भारत ने अनेक महत्वपूर्ण राजनीतिक, आर्थिक और सामरिक चुनौतियों का सामना किया। उन्होंने देश की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका साहस, राजनीतिक दृढ़ता और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

वहीं, सरदार वल्लभभाई पटेल जी की जयंती पर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सरदार पटेल भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख स्तंभों में से एक थे। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देशी रियासतों के एकीकरण में उनके ऐतिहासिक योगदान ने भारत को एक मजबूत और संगठित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी दूरदर्शिता, दृढ़ इच्छाशक्ति, प्रशासनिक क्षमता और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण के कारण ही उन्हें लौह पुरुष के नाम से जाना जाता है।



वक्ताओं ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने संकल्प और नेतृत्व क्षमता का परिचय देते हुए देश की एकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका मानना था कि राष्ट्र की मजबूती उसकी एकजुटता में निहित है। आज के दौर में भी उनके विचार, आदर्श और राष्ट्रीय एकता का संदेश अत्यंत प्रासंगिक हैं।



कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इंदिरा गांधी जी और सरदार वल्लभभाई पटेल जी भले ही अलग-अलग ऐतिहासिक परिस्थितियों और समय में देश की सेवा करते रहे, लेकिन दोनों के जीवन में राष्ट्रहित, मजबूत नेतृत्व, राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति समर्पण की भावना प्रमुख रही। उनके जीवन से यह सीख मिलती है कि सार्वजनिक जीवन में व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर देश और समाज के कल्याण को प्राथमिकता देना ही सच्ची राष्ट्रसेवा है।



इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र शर्मा, जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष परमेश्वर यदु, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सेन, ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष दीपक साहू, पूर्व जिला पंचायत सदस्य पद्मेश्वरी साहू, कालिंदी वर्मा, जिला अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ अध्यक्ष जितेन्द्र नवरत्न, जिला महामंत्री लखेश साहू, शहर महामंत्री नीरज बांधे, मोहन साहू, दिगंबर साहू, मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र जायसवाल, तिलक कन्नौजे, पार्षद सलमान शेख, पार्षद प्रतिनिधि रविंद्र नामदेव, सुखदेव साहू, नरेंद्र कुमार वर्मा, आयुष भट्ट पहरी, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष दीनदयाल साहू, त्रिलोचन सेन, मोहसिन चौहान, सचिन, शहर कांग्रेस से वरुण नेताम, पवन दास मानिकपुरी, जतिराम साहू सहित कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



कार्यक्रम में विभिन्न कांग्रेस संगठनों एवं प्रकोष्ठों से जुड़े पदाधिकारियों की सहभागिता भी रही। सभी उपस्थित कांग्रेसजनों ने दोनों महान विभूतियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके आदर्श केवल किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे देश के इतिहास, लोकतांत्रिक व्यवस्था और राष्ट्रीय एकता से जुड़े महत्वपूर्ण अध्याय हैं।



कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित कांग्रेसजनों ने देश की एकता एवं अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने, संविधान की भावना के अनुरूप कार्य करने तथा समाज में आपसी भाईचारे और सद्भाव को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।



इस प्रकार बलौदाबाजार कांग्रेस भवन में आयोजित यह श्रद्धांजलि एवं जयंती कार्यक्रम दोनों महान राष्ट्रीय विभूतियों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ उनके आदर्शों और राष्ट्रसेवा के संकल्प को दोहराने का अवसर बना।



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