प्रभात न्यूज़ 24:
तालाब से 4 भैंसों की चोरी का खुलासा: नागपुर तक पहुंचा चोरी का नेटवर्क, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
सिमगा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मवेशी चोरी और पशु तस्करी पर कसा शिकंजा
बलौदाबाजार-भाटापारा।
जिले में लगातार सामने आ रही मवेशी चोरी की घटनाओं के बीच सिमगा पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए ग्राम किरवई के तालाब से चोरी हुई चार भैंसों के मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। जांच में यह भी सामने आया कि चोरी की गई भैंसों को महाराष्ट्र के नागपुर ले जाकर बेच दिया गया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बिक्री की राशि का शेष हिस्सा भी बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई जिले में मवेशी चोरी और अवैध पशु तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में लगातार निगरानी और तकनीकी जांच के जरिए पुलिस ने इस मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
तालाब से गायब हुई थीं चार भैंसें
जानकारी के अनुसार सिमगा थाना क्षेत्र के चौरेगा निवासी तोरण साहू ने मई 2026 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी चार भैंसें ग्राम किरवई स्थित तालाब के पास से अज्ञात लोगों द्वारा चोरी कर ली गई हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि चोरी की गई भैंसों को एक पिकअप वाहन में भरकर महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था। इस दौरान राजनांदगांव जिले के लालबाग थाना पुलिस ने वाहन को पकड़ लिया था। उस कार्रवाई में पशु क्रूरता से संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए मवेशियों को जब्त कर गौशाला भेजा गया था। बाद में न्यायालय के आदेश पर सभी भैंसें उनके वास्तविक मालिक को वापस सौंप दी गई थीं।
जेल में बंद आरोपी के बयान से खुला नया राज
सिमगा पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए नागपुर से जुड़े आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की। इसी दौरान जेल में बंद एक आरोपी के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ग्राम किरवई निवासी राकेश का नाम सामने आया।
इसके बाद पुलिस ने राकेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर तालाब से चार भैंसों की चोरी की थी और कुछ दिनों बाद उन्हें नागपुर ले जाकर लगभग 80 हजार रुपये में बेच दिया था।
बिक्री की रकम भी हुई बरामद
पुलिस के अनुसार आरोपी के बयान के आधार पर बिक्री से बची हुई दो हजार रुपये की नकदी बरामद की गई। जांच अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है और नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
तकनीकी जांच बनी सफलता की बड़ी वजह
पुलिस का कहना है कि इस मामले के खुलासे में तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल, पूछताछ और विभिन्न जिलों की पुलिस के बीच समन्वय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अलग-अलग स्थानों से मिली जानकारियों को जोड़कर पुलिस मुख्य आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।
न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी
आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले की विवेचना अभी जारी है और पुलिस अन्य संभावित आरोपियों तथा पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
मवेशी चोरी पर लगातार सख्ती
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में मवेशी चोरी और अवैध पशु तस्करी के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। ऐसे अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और संगठित गिरोहों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।














