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श्री महावीर देव मंदिर में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव आधी रात तक चढ़ा भक्ति संगीत का खुमार, श्रीकृष्ण जन्म के साथ गूंजे जयकारे

भक्ति 05 September 2026 (67)

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प्रभात न्यूज़ 24: 

श्री महावीर देव मंदिर में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव

आधी रात तक चढ़ा भक्ति संगीत का खुमार, श्रीकृष्ण जन्म के साथ गूंजे जयकारे



बलौदाबाजार। 

जिला मुख्यालय के बजरंग चौक स्थित प्रसिद्ध श्री महावीर देव मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व इस वर्ष भी पूरे श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। 



भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। देर शाम से शुरू हुआ भजन-कीर्तन और भक्तिमय गीत-संगीत का सिलसिला आधी रात के बाद तक चलता रहा। कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लगातार आवाजाही बनी रही और पूरा वातावरण भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में सराबोर नजर आया।

जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। 



शाम होते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन और जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचे। जैसे-जैसे रात आगे बढ़ती गई, वैसे-वैसे भक्ति का रंग और गहरा होता गया।



भक्ति गीतों से देर रात तक गूंजता रहा मंदिर परिसर

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित विशेष भक्ति संगीत कार्यक्रम में ग्राम जुड़ा की संगीत टोली, द्वारिका वर्मा एवं उनके साथी कलाकारों ने अपनी भक्तिमय प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। इसके साथ ही बलौदाबाजार की भजन मंडली, लक्खू जायसवाल एवं साथी कलाकारों ने भी एक से बढ़कर एक भक्ति गीत और भजन प्रस्तुत किए।



रात्रि करीब 8 बजे से प्रारंभ हुआ भजन-कीर्तन और गीत-संगीत का कार्यक्रम लगातार अर्द्धरात्रि के बाद करीब 1 बजे तक चलता रहा। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु भी भक्ति में झूमते नजर आए। मंदिर परिसर में कहीं तालियों की गूंज सुनाई दी तो कहीं श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के भजनों पर भाव-विभोर होकर प्रभु का स्मरण करते दिखाई दिए।



भक्ति संगीत के दौरान श्रीकृष्ण के जीवन, उनकी बाल लीलाओं और भगवान के प्रति समर्पण से जुड़े भजनों की प्रस्तुतियों ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर आयु वर्ग के श्रद्धालुओं में जन्माष्टमी को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया।




रात 12 बजते ही हुआ भगवान श्रीकृष्ण का जन्म

जन्माष्टमी उत्सव का सबसे महत्वपूर्ण क्षण रात्रि 12 बजे आया। जैसे ही घड़ी की सुइयां मध्यरात्रि पर पहुंचीं, मंदिर परिसर ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारों से गूंज उठा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए और प्रभु की स्तुति की।



मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के प्रतीकात्मक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं उत्साह के साथ भगवान का स्मरण किया। मंदिर परिसर में मौजूद भक्तों ने जन्मोत्सव के इस पावन क्षण को आध्यात्मिक आनंद के साथ मनाया। वातावरण में घंटियों की ध्वनि, जयकारों और भक्ति गीतों की गूंज ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया।



श्रद्धालुओं की लगातार बनी रही आवाजाही

जन्माष्टमी कार्यक्रम के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी रही। बड़ी संख्या में लोग परिवार सहित मंदिर पहुंचे और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। महिलाओं, युवाओं और बच्चों में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।



कई श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में शामिल होकर परिवार की सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण के साथ सामाजिक सहभागिता भी देखने को मिली।



वर्षों से धार्मिक आयोजनों की परंपरा

मंदिर के सर्वराकार पं. अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि श्री महावीर देव मंदिर में पिछले कई वर्षों से परिवार की ओर से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन श्रद्धा और परंपरा के साथ किया जाता रहा है। इन आयोजनों में क्षेत्र के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होते हैं।

उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों को सफल बनाने में श्रद्धालुओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। भक्त अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार तन, मन और धन से स्वेच्छापूर्वक सहयोग करते हैं। यही सामूहिक सहभागिता मंदिर में आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों को विशेष स्वरूप प्रदान करती है।



पं. तिवारी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जैसे धार्मिक पर्व समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करते हैं। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।



बुधवार को होगा भगवान श्रीकृष्ण का छठ्ठी कार्यक्रम

जन्माष्टमी उत्सव के बाद मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की छठ्ठी का विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। पं. अशोक कुमार तिवारी के अनुसार बुधवार की संध्या करीब 4 बजे महिलाओं द्वारा छठ्ठी का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।



इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से शामिल होने का आग्रह किया गया है। मंदिर प्रबंधन की ओर से भक्तों से अपील की गई है कि वे परिवार सहित कार्यक्रम में उपस्थित होकर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त करें और धार्मिक आयोजन को सफल बनाएं।



भक्ति और आस्था का केंद्र बना मंदिर

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर श्री महावीर देव मंदिर में आयोजित यह कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि श्रद्धा, संगीत और सामूहिक सहभागिता का सुंदर संगम बन गया। देर रात तक चले भजन-कीर्तन ने मंदिर परिसर को भक्ति के रंग में रंग दिया।

मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ श्रद्धालुओं के बीच जो उत्साह और उल्लास देखने को मिला, वह पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा। जयकारों के बीच भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की।



इस तरह बजरंग चौक स्थित श्री महावीर देव मंदिर में मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास से परिपूर्ण रहा। आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं ने भगवाPost Detailsन श्रीकृष्ण की आराधना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

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