Breaking

भाटापारा में आस्था का महाकुंभ: 100 से अधिक रामधुन मंडलियों ने नगर को किया राममय अखंड रामनाम सप्ताह के समापन पर निकली भव्य शोभायात्रा, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा विधायक इंद्र साव ने रथ में विराजमान प्रभु श्रीराम की पूजा-अर्चना कर लिया आशीर्वाद, जय श्रीराम के जयघोष से गूंजता रहा पूरा शहर

भक्ति 06 September 2026 (32)

post

प्रभात न्यूज़ 24: 

भाटापारा में आस्था का महाकुंभ: 100 से अधिक रामधुन मंडलियों ने नगर को किया राममय

अखंड रामनाम सप्ताह के समापन पर निकली भव्य शोभायात्रा, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा

विधायक इंद्र साव ने रथ में विराजमान प्रभु श्रीराम की पूजा-अर्चना कर लिया आशीर्वाद, जय श्रीराम के जयघोष से गूंजता रहा पूरा शहर



भाटापारा।

 धर्म, आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए अपनी अलग पहचान रखने वाले भाटापारा नगर में रविवार का दिन भक्ति और श्रद्धा से सराबोर रहा। वर्षों से चली आ रही श्री अखंड रामनाम सप्ताह की धार्मिक परंपरा के समापन अवसर पर नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। 



शोभायात्रा में भाटापारा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और विभिन्न स्थानों से पहुंची 100 से अधिक रामधुन एवं भजन मंडलियों ने हिस्सा लिया।



शोभायात्रा में शामिल रामधुन मंडलियों के भजन, ढोल-मंजीरों की मधुर ध्वनि और श्रद्धालुओं के जय श्रीराम के जयघोष से नगर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। शहर के प्रमुख मार्गों से जब शोभायात्रा गुजरी तो जगह-जगह लोगों ने श्रद्धालुओं और रामधुन मंडलियों का स्वागत किया। बड़ी संख्या में नागरिक शोभायात्रा को देखने और प्रभु श्रीराम के दर्शन करने के लिए सड़कों के किनारे मौजूद रहे।



अखंड रामनाम सप्ताह की 88 वर्ष पुरानी परंपरा

भाटापारा में आयोजित होने वाला अखंड रामनाम सप्ताह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि नगर की वर्षों पुरानी सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक माना जाता है। बताया गया कि यह परंपरा लगभग 88 वर्षों से अनवरत चली आ रही है।

हर वर्ष इस धार्मिक आयोजन के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों से रामधुन मंडलियां भाटापारा पहुंचती हैं और सामूहिक रूप से रामनाम संकीर्तन में भाग लेती हैं। समापन अवसर पर निकलने वाली शोभायात्रा इस पूरे आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहती है।



इस वर्ष भी शोभायात्रा में बड़ी संख्या में रामधुन मंडलियों की सहभागिता रही। मंडलियों द्वारा प्रस्तुत भजनों और रामनाम संकीर्तन ने वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।



श्री अखंड रामनाम मंडप से शुरू हुई शोभायात्रा

रविवार दोपहर श्री अखंड रामनाम मंडप से भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। शोभायात्रा निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ते हुए रामसप्ताह चौक, सदर बाजार, महासती मार्ग, हटरी बाजार सहित नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों से होकर गुजरी।

शोभायात्रा के आगे-आगे रामधुन मंडलियां भजन-कीर्तन करते हुए चल रही थीं, वहीं उनके पीछे श्रद्धालुओं का हुजूम नजर आया। रथ में विराजमान प्रभु श्रीराम की झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही।



दोपहर से शुरू हुआ यह धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन देर रात तक जारी रहा और अंत में शोभायात्रा वापस रामनाम मंडप पहुंची, जहां आयोजन का समापन हुआ।



रामधुन मंडलियों की प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र

शोभायात्रा में शामिल रामधुन मंडलियों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ रामनाम संकीर्तन और भजनों की प्रस्तुति दी। मंडलियों की भक्ति प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

भाटापारा के अलावा सिमगा, मुंगेली, मारो तथा आसपास के ग्रामीण अंचलों से भी मंडलियां पहुंचीं। विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं और मंडलियों के एक साथ शामिल होने से शोभायात्रा ने व्यापक स्वरूप ले लिया।



सड़कों के दोनों ओर खड़े लोगों ने रामधुन मंडलियों का उत्साह बढ़ाया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। पूरा नगर घंटों तक रामनाम की धुन और जयकारों से गूंजता रहा।



विधायक इंद्र साव ने की प्रभु श्रीराम की पूजा-अर्चना

शोभायात्रा के दौरान जब प्रभु श्रीराम की झांकी से सुसज्जित रथ कांग्रेस मंडप के समीप पहुंचा, तब भाटापारा विधायक इंद्र साव ने रथ में विराजमान प्रभु श्रीराम की विधिवत पूजा-अर्चना की।

विधायक ने प्रभु श्रीराम के दर्शन कर पूजा की और उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान कांग्रेस के स्थानीय नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

विधायक इंद्र साव के साथ कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने शोभायात्रा में शामिल रामधुन मंडलियों तथा रामभक्तों का स्वागत किया। इस दौरान कांग्रेस मंडप के आसपास भी धार्मिक उत्साह का माहौल नजर आया।

रामधुन मंडलियों के गुजरने के दौरान जय श्रीराम के जयघोष से वातावरण गूंजता रहा। कांग्रेस मंडप पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं का स्वागत कर धार्मिक आयोजन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।



धार्मिक आयोजन सामाजिक एकता का भी संदेश

अखंड रामनाम सप्ताह के समापन पर निकली शोभायात्रा में अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक पृष्ठभूमि से आए लोगों की सहभागिता देखने को मिली। बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष, युवा और बुजुर्ग इस धार्मिक आयोजन का हिस्सा बने।



आयोजन के दौरान सामूहिक रूप से रामनाम संकीर्तन करते श्रद्धालुओं ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश भी दिया। अलग-अलग स्थानों से आई रामधुन मंडलियों का एक साथ नगर भ्रमण करना इस आयोजन की विशेष पहचान रहा।

स्थानीय लोगों का कहना रहा कि ऐसी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं समाज को एकजुट करने तथा नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।



प्रमुख मार्गों पर उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

शोभायात्रा जैसे-जैसे शहर के प्रमुख बाजारों और मार्गों से आगे बढ़ती गई, श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती गई। सदर बाजार और हटरी बाजार सहित कई प्रमुख स्थानों पर लोगों की भीड़ नजर आई।



रथ में विराजमान प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। लोगों ने हाथ जोड़कर भगवान श्रीराम का नमन किया और धार्मिक जयघोष लगाए।



कई स्थानों पर स्थानीय नागरिकों एवं व्यापारियों द्वारा शोभायात्रा में शामिल लोगों के स्वागत की व्यवस्था भी की गई। भक्ति गीतों और रामधुन के बीच पूरा नगर धार्मिक उत्सव के रंग में रंगा नजर आया।



प्रशासन और पुलिस की रही सुरक्षा व्यवस्था

शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन एवं पुलिस की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के इंतजाम किए गए थे।



शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। शोभायात्रा के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस बल की मौजूदगी रही।

बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी के बावजूद शोभायात्रा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।



भाटापारा की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा

अखंड रामनाम सप्ताह की वर्षों पुरानी परंपरा आज भाटापारा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। हर वर्ष इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।

आयोजन की खास बात यह है कि इसमें केवल भाटापारा ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और अन्य स्थानों से भी रामधुन मंडलियां पहुंचती हैं। इससे यह धार्मिक आयोजन स्थानीय सीमाओं से आगे बढ़कर व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप लेता है।

समापन अवसर पर निकली शोभायात्रा ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि धार्मिक परंपराएं समाज में आपसी जुड़ाव और सामूहिक सहभागिता का माध्यम भी बन सकती हैं।



कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की रही मौजूदगी

शोभायात्रा के दौरान विधायक इंद्र साव के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें ईश्वर सिंह ठाकुर, रमेश यदु, सतीश अग्रवाल, सुशील शर्मा, आलोक मिश्रा, बसंत भृगु, सुनील साहू, कुलदीप सलूजा, कुबेर यदु, अरुण यादव, सुकृत साहू, सुधेराम वर्मा, घनाराम साहू, सीरिज जांगड़े, गौरी भृगु, चंद्रशेखर चक्रधारी, नरेंद्र यदु, पप्पू साहू, त्रिलोक सलूजा, देवनारायण बांधे, संजय केशरवानी, रामरतन डांडेकर, बिमलेश्वरी ध्रुव, भरत वर्मा, सुंदर साहू, मानधाता साहू, मदन ठाकुर, शेषनारायण यदु, दाऊ संतोष अग्रवाल, उदय साहू, हीरमत बाई साहू, पूर्णिमा श्रीवास, दानी भाट, कृष्णा टंडन, रानू चौहान, जीतु शर्मा, वैभव केशरवानी, मुकेश हेंवार, सत्यजीत शेंडे, कृष्णा केशरवानी सहित अन्य कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।




रामनाम की गूंज के साथ हुआ समापन

देर शाम तक जारी रही शोभायात्रा जब वापस श्री अखंड रामनाम मंडप पहुंची तो धार्मिक आयोजन अपने अंतिम चरण में पहुंचा। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा।



88 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा एक बार फिर भाटापारा की धार्मिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक सहभागिता का बड़ा उदाहरण बनी। 100 से अधिक रामधुन मंडलियों और हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी ने आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया।



भाटापारा में रविवार को निकली यह शोभायात्रा सिर्फ एक धार्मिक जुलूस नहीं रही, बल्कि पूरे नगर को एक सूत्र में बांधने वाला आस्था, भक्ति और सामाजिक एकता का जीवंत उत्सव बन गई। दिनभर गूंजते रहे रामनाम और जय श्रीराम के जयघोष ने शहर को पूरी तरह राममय कर दिया।

You might also like!


RAIPUR WEATHER