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शिक्षक समाज के मार्गदर्शक और राष्ट्र निर्माण के शिल्पकार : विधायक इन्द्र साव शिक्षक समाज के मार्गदर्शक और राष्ट्र निर्माण के शिल्पकार : विधायक इन्द्र साव शिक्षक दिवस पर भाटापारा में सम्मान समारोह, पेंशनरों और शिक्षकों का हुआ अभिनंदन

देश / दुनिया 06 September 2026 (37)

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प्रभात न्यूज़ 24: 

समाज के मार्गदर्शक और राष्ट्र निर्माण के शिल्पकार : विधायक इन्द्र साव

शिक्षक समाज के मार्गदर्शक और राष्ट्र निर्माण के शिल्पकार : विधायक इन्द्र साव

शिक्षक दिवस पर भाटापारा में सम्मान समारोह, पेंशनरों और शिक्षकों का हुआ अभिनंदन



भाटापारा।

 शिक्षक केवल कक्षा में पाठ पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की भावी पीढ़ी को दिशा देने वाला मार्गदर्शक होता है। विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण से लेकर उन्हें संस्कार, अनुशासन और जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। यह बात भाटापारा के विधायक इन्द्र साव ने शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में कही।



भारत के महान दार्शनिक, शिक्षाविद और देश के पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस मनाया गया। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ पेंशनधारी कल्याण संघ, भाटापारा के तत्वावधान में तथा संघ के संस्थापक पेंशनर एवं सेवानिवृत्त प्रधान पाठक स्वर्गीय के.आर. साव की स्मृति में विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। 



कार्यक्रम मंडी रोड स्थित कुर्मी बोर्डिंग सभागार में आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में पेंशनर, सेवानिवृत्त शिक्षक, कार्यरत शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं नागरिक उपस्थित रहे।



कार्यक्रम में भाटापारा विधायक इन्द्र साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ कांग्रेस व्यापारी प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश वर्मा ने की। समारोह में पूर्व सदस्य भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल छत्तीसगढ़ शासन सतीश अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष कृषि उपज मंडी समिति भाटापारा सुशील शर्मा, पूर्व सदस्य सिंधी अकादमी रोशन हबलानी तथा पूर्व सदस्य श्रम कल्याण मंडल छत्तीसगढ़ शासन आलोक मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।



दीप प्रज्वलन एवं पूजन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

सम्मान समारोह की शुरुआत अतिथियों द्वारा मां शारदा, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन एवं स्वर्गीय के.आर. साव के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद अतिथियों और उपस्थितजनों ने शिक्षक समाज के योगदान को नमन किया।



आयोजकों की ओर से अतिथियों का स्वागत किया गया। समारोह में विशेष रूप से 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के पेंशनरों का सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि विधायक इन्द्र साव ने वरिष्ठ पेंशनरों को शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया।

इस दौरान समारोह में मौजूद लोगों ने वरिष्ठ पेंशनरों के अनुभव और उनके लंबे सेवाकाल को समाज की महत्वपूर्ण धरोहर बताया। वक्ताओं ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी शिक्षकों और कर्मचारियों का अनुभव समाज के लिए उपयोगी है तथा नई पीढ़ी को उनके अनुभवों से सीखने की आवश्यकता है।



केबीसी में 50 लाख रुपये जीतने वाले योगेश साहू का भी सम्मान

कार्यक्रम में विशेष रूप से आमंत्रित योगेश साहू भी आकर्षण का केंद्र रहे। योगेश साहू ने लोकप्रिय क्विज कार्यक्रम कौन बनेगा करोड़पति (KBC) में 50 लाख रुपये की राशि जीतकर टेहका-भाटापारा क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

योगेश साहू अपने पिता गयाराम साहू के साथ समारोह में पहुंचे। मंचासीन अतिथियों ने योगेश साहू और उनके पिता गयाराम साहू को शाल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने दोनों को बधाई देते हुए योगेश की उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया।



राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त व्याख्याता समेत शिक्षकों का सम्मान

समारोह के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। वर्ष 2025 में राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित व्याख्याता डॉ. जगदीश साहू के साथ प्रकाश तिवारी एवं खगेश्वर वर्मा का भी सम्मान किया गया।



शिक्षकों के सम्मान के दौरान सभागार में मौजूद लोगों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों ने इसे अपने लिए विशेष भावनात्मक क्षण बताते हुए आयोजकों एवं उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।



विधायक इन्द्र साव ने सुनाया पिता से मिले संस्कारों का प्रसंग

मुख्य अतिथि विधायक इन्द्र साव ने अपने संबोधन में शिक्षकों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके स्वर्गीय पिता भी शिक्षक रहे हैं। उन्होंने कहा कि बचपन में पिता के सानिध्य से मिले संस्कार और समाज के गुरुजनों से प्राप्त शिक्षा एवं आशीर्वाद ने उनके जीवन को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



विधायक ने कहा कि आज वे जिस रूप में समाज के बीच खड़े हैं, उसमें उनके माता-पिता के संस्कारों के साथ-साथ गुरुजनों के आशीर्वाद का भी महत्वपूर्ण योगदान है।

उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को सिर्फ विषय का ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन, नैतिकता और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं। एक शिक्षक की कही हुई अच्छी बात विद्यार्थी के जीवन में लंबे समय तक मार्गदर्शन का काम करती है।



"शिक्षक आने वाली पीढ़ी के निर्माता हैं"

विधायक इन्द्र साव ने कहा कि किसी भी देश की वास्तविक प्रगति केवल आर्थिक विकास से नहीं होती, बल्कि उस देश की नई पीढ़ी कितनी शिक्षित, संस्कारवान और जिम्मेदार है, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि बच्चों को ज्ञान देने के साथ उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। शिक्षक विद्यार्थियों को जीवन की कठिन परिस्थितियों से जूझने की क्षमता प्रदान करते हैं और उन्हें सही तथा गलत के बीच अंतर समझने की समझ विकसित करते हैं।



विधायक ने कहा कि समाज में शिक्षक का स्थान सदैव सम्मानजनक रहा है और आगे भी शिक्षकों के सम्मान की यह परंपरा जारी रहनी चाहिए। उन्होंने समारोह के आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भी अपने गुरुजनों और वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान की भावना रखने के लिए प्रेरित करते हैं।



सम्मान समारोह को और व्यापक रूप देने का आश्वासन

विधायक इन्द्र साव ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित यह सम्मान कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह गुरुजनों के प्रति समाज की कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है।

उन्होंने भविष्य में भी ऐसे सम्मान कार्यक्रमों को और व्यापक रूप देने की बात कही। विधायक ने कहा कि समाज के वरिष्ठ नागरिकों, पेंशनरों और शिक्षकों का सम्मान निरंतर होना चाहिए, क्योंकि इनके अनुभव और योगदान से समाज को दिशा मिलती है।



योगेश साहू ने जताया आभार

सम्मान प्राप्त करने के बाद योगेश साहू ने कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने अपने सम्मान के लिए विधायक इन्द्र साव तथा छत्तीसगढ़ पेंशनधारी कल्याण संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र में इस प्रकार का आत्मीय सम्मान मिलना उनके लिए गौरव और भावुकता का विषय है। उन्होंने अपने पिता गयाराम साहू सहित अपने परिवार और मार्गदर्शकों के योगदान को भी याद किया।



अन्य अतिथियों ने भी शिक्षकों के योगदान को सराहा

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने भी शिक्षकों और पेंशनरों को संबोधित किया। सुरेश वर्मा, सतीश अग्रवाल, सुशील शर्मा, रोशन हबलानी एवं आलोक मिश्रा ने शिक्षक दिवस के महत्व पर अपने विचार रखे।

वक्ताओं ने कहा कि समाज को बेहतर दिशा देने में शिक्षकों का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों और पेंशनरों के अनुभवों को समाज की अमूल्य पूंजी बताया तथा कहा कि नई पीढ़ी को वरिष्ठजनों से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।



शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर

समारोह में शिक्षकों ने शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा उन्हें संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में कार्य करने का संकल्प भी व्यक्त किया।

वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। तकनीक और आधुनिक संसाधनों के बढ़ते उपयोग के बीच विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ना भी जरूरी है। शिक्षक इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

खचाखच भरा रहा सभागार

सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में पेंशनर, शिक्षक एवं नागरिक उपस्थित रहे। खचाखच भरे सभागार में जब वरिष्ठ पेंशनरों और शिक्षकों का सम्मान किया गया तो वातावरण भावुक और आत्मीय हो गया।

सम्मान प्राप्त करने वाले गुरुजनों के चेहरों पर खुशी और संतोष साफ दिखाई दिया। आयोजकों और अतिथियों ने कहा कि समाज के लिए जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा समर्पित करने वाले शिक्षकों एवं वरिष्ठजनों को सम्मानित करना स्वयं में गौरव का विषय है।



संघ के पदाधिकारियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पेंशनधारी कल्याण संघ के जिला अध्यक्ष प्रकाश जाधव, तहसील शाखा बलौदा बाजार के अध्यक्ष तारण सिंह ठाकुर, सिमगा से विश्वेश्वर सिंह पाल, पलारी से संतोष कनोजे, भाटापारा अध्यक्ष रघुनाथ प्रसाद पटेल तथा एसोसिएशन अध्यक्ष खुमान वर्मा सहित संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संचालन अध्यक्ष रघुनाथ प्रसाद पटेल ने किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। सभागार उपलब्ध कराने के लिए दीपक टिकरिहा के प्रति भी विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया गया।



बड़ी संख्या में पेंशनर और नागरिक रहे मौजूद

इस अवसर पर रमेश कुमार वर्मा, परेटन लाल साहू, सुरेश कुमार बाजपेई, गिरधारी लाल वर्मा, अशोक पंत, खुमान वर्मा, संतोष केसरवानी, प्रकाश जाधव, बाबूलाल साव, एस.आर. फूटान, आर.के. वर्मा, डॉ. डी.पी. वर्मा, दीपक टिकरीहा, सेवाराम वर्मा, वीणा साहू, कमल नारायण यदु, दिलीप सिंह बिसेन, राधा चरण शुक्ला, गणेश राम वर्मा, राजेश्वर वर्मा, अशोक पंत सहित बड़ी संख्या में पेंशनर, शिक्षक एवं नागरिक उपस्थित रहे।

समारोह के अंत में शिक्षकों, वरिष्ठ पेंशनरों और उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। शिक्षक दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि शिक्षक समाज की वह शक्ति हैं, जो ज्ञान के साथ संस्कार देकर आने वाली पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करते हैं।


भाटापारा।

 शिक्षक केवल कक्षा में पाठ पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की भावी पीढ़ी को दिशा देने वाला मार्गदर्शक होता है। विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण से लेकर उन्हें संस्कार, अनुशासन और जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। यह बात भाटापारा के विधायक इन्द्र साव ने शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में कही।



भारत के महान दार्शनिक, शिक्षाविद और देश के पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस मनाया गया। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ पेंशनधारी कल्याण संघ, भाटापारा के तत्वावधान में तथा संघ के संस्थापक पेंशनर एवं सेवानिवृत्त प्रधान पाठक स्वर्गीय के.आर. साव की स्मृति में विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। 



कार्यक्रम मंडी रोड स्थित कुर्मी बोर्डिंग सभागार में आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में पेंशनर, सेवानिवृत्त शिक्षक, कार्यरत शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं नागरिक उपस्थित रहे।



कार्यक्रम में भाटापारा विधायक इन्द्र साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ कांग्रेस व्यापारी प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश वर्मा ने की। समारोह में पूर्व सदस्य भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल छत्तीसगढ़ शासन सतीश अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष कृषि उपज मंडी समिति भाटापारा सुशील शर्मा, पूर्व सदस्य सिंधी अकादमी रोशन हबलानी तथा पूर्व सदस्य श्रम कल्याण मंडल छत्तीसगढ़ शासन आलोक मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।



दीप प्रज्वलन एवं पूजन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

सम्मान समारोह की शुरुआत अतिथियों द्वारा मां शारदा, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन एवं स्वर्गीय के.आर. साव के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद अतिथियों और उपस्थितजनों ने शिक्षक समाज के योगदान को नमन किया।



आयोजकों की ओर से अतिथियों का स्वागत किया गया। समारोह में विशेष रूप से 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के पेंशनरों का सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि विधायक इन्द्र साव ने वरिष्ठ पेंशनरों को शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया।

इस दौरान समारोह में मौजूद लोगों ने वरिष्ठ पेंशनरों के अनुभव और उनके लंबे सेवाकाल को समाज की महत्वपूर्ण धरोहर बताया। वक्ताओं ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी शिक्षकों और कर्मचारियों का अनुभव समाज के लिए उपयोगी है तथा नई पीढ़ी को उनके अनुभवों से सीखने की आवश्यकता है।



केबीसी में 50 लाख रुपये जीतने वाले योगेश साहू का भी सम्मान

कार्यक्रम में विशेष रूप से आमंत्रित योगेश साहू भी आकर्षण का केंद्र रहे। योगेश साहू ने लोकप्रिय क्विज कार्यक्रम कौन बनेगा करोड़पति (KBC) में 50 लाख रुपये की राशि जीतकर टेहका-भाटापारा क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

योगेश साहू अपने पिता गयाराम साहू के साथ समारोह में पहुंचे। मंचासीन अतिथियों ने योगेश साहू और उनके पिता गयाराम साहू को शाल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने दोनों को बधाई देते हुए योगेश की उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया।



राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त व्याख्याता समेत शिक्षकों का सम्मान

समारोह के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। वर्ष 2025 में राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित व्याख्याता डॉ. जगदीश साहू के साथ प्रकाश तिवारी एवं खगेश्वर वर्मा का भी सम्मान किया गया।



शिक्षकों के सम्मान के दौरान सभागार में मौजूद लोगों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों ने इसे अपने लिए विशेष भावनात्मक क्षण बताते हुए आयोजकों एवं उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।



विधायक इन्द्र साव ने सुनाया पिता से मिले संस्कारों का प्रसंग

मुख्य अतिथि विधायक इन्द्र साव ने अपने संबोधन में शिक्षकों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके स्वर्गीय पिता भी शिक्षक रहे हैं। उन्होंने कहा कि बचपन में पिता के सानिध्य से मिले संस्कार और समाज के गुरुजनों से प्राप्त शिक्षा एवं आशीर्वाद ने उनके जीवन को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



विधायक ने कहा कि आज वे जिस रूप में समाज के बीच खड़े हैं, उसमें उनके माता-पिता के संस्कारों के साथ-साथ गुरुजनों के आशीर्वाद का भी महत्वपूर्ण योगदान है।

उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को सिर्फ विषय का ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन, नैतिकता और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं। एक शिक्षक की कही हुई अच्छी बात विद्यार्थी के जीवन में लंबे समय तक मार्गदर्शन का काम करती है।



"शिक्षक आने वाली पीढ़ी के निर्माता हैं"

विधायक इन्द्र साव ने कहा कि किसी भी देश की वास्तविक प्रगति केवल आर्थिक विकास से नहीं होती, बल्कि उस देश की नई पीढ़ी कितनी शिक्षित, संस्कारवान और जिम्मेदार है, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि बच्चों को ज्ञान देने के साथ उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। शिक्षक विद्यार्थियों को जीवन की कठिन परिस्थितियों से जूझने की क्षमता प्रदान करते हैं और उन्हें सही तथा गलत के बीच अंतर समझने की समझ विकसित करते हैं।



विधायक ने कहा कि समाज में शिक्षक का स्थान सदैव सम्मानजनक रहा है और आगे भी शिक्षकों के सम्मान की यह परंपरा जारी रहनी चाहिए। उन्होंने समारोह के आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भी अपने गुरुजनों और वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान की भावना रखने के लिए प्रेरित करते हैं।



सम्मान समारोह को और व्यापक रूप देने का आश्वासन

विधायक इन्द्र साव ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित यह सम्मान कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह गुरुजनों के प्रति समाज की कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है।

उन्होंने भविष्य में भी ऐसे सम्मान कार्यक्रमों को और व्यापक रूप देने की बात कही। विधायक ने कहा कि समाज के वरिष्ठ नागरिकों, पेंशनरों और शिक्षकों का सम्मान निरंतर होना चाहिए, क्योंकि इनके अनुभव और योगदान से समाज को दिशा मिलती है।



योगेश साहू ने जताया आभार

सम्मान प्राप्त करने के बाद योगेश साहू ने कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने अपने सम्मान के लिए विधायक इन्द्र साव तथा छत्तीसगढ़ पेंशनधारी कल्याण संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र में इस प्रकार का आत्मीय सम्मान मिलना उनके लिए गौरव और भावुकता का विषय है। उन्होंने अपने पिता गयाराम साहू सहित अपने परिवार और मार्गदर्शकों के योगदान को भी याद किया।



अन्य अतिथियों ने भी शिक्षकों के योगदान को सराहा

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने भी शिक्षकों और पेंशनरों को संबोधित किया। सुरेश वर्मा, सतीश अग्रवाल, सुशील शर्मा, रोशन हबलानी एवं आलोक मिश्रा ने शिक्षक दिवस के महत्व पर अपने विचार रखे।

वक्ताओं ने कहा कि समाज को बेहतर दिशा देने में शिक्षकों का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों और पेंशनरों के अनुभवों को समाज की अमूल्य पूंजी बताया तथा कहा कि नई पीढ़ी को वरिष्ठजनों से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।



शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर

समारोह में शिक्षकों ने शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा उन्हें संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में कार्य करने का संकल्प भी व्यक्त किया।

वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। तकनीक और आधुनिक संसाधनों के बढ़ते उपयोग के बीच विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ना भी जरूरी है। शिक्षक इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

खचाखच भरा रहा सभागार

सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में पेंशनर, शिक्षक एवं नागरिक उपस्थित रहे। खचाखच भरे सभागार में जब वरिष्ठ पेंशनरों और शिक्षकों का सम्मान किया गया तो वातावरण भावुक और आत्मीय हो गया।

सम्मान प्राप्त करने वाले गुरुजनों के चेहरों पर खुशी और संतोष साफ दिखाई दिया। आयोजकों और अतिथियों ने कहा कि समाज के लिए जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा समर्पित करने वाले शिक्षकों एवं वरिष्ठजनों को सम्मानित करना स्वयं में गौरव का विषय है।



संघ के पदाधिकारियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पेंशनधारी कल्याण संघ के जिला अध्यक्ष प्रकाश जाधव, तहसील शाखा बलौदा बाजार के अध्यक्ष तारण सिंह ठाकुर, सिमगा से विश्वेश्वर सिंह पाल, पलारी से संतोष कनोजे, भाटापारा अध्यक्ष रघुनाथ प्रसाद पटेल तथा एसोसिएशन अध्यक्ष खुमान वर्मा सहित संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संचालन अध्यक्ष रघुनाथ प्रसाद पटेल ने किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। सभागार उपलब्ध कराने के लिए दीपक टिकरिहा के प्रति भी विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया गया।



बड़ी संख्या में पेंशनर और नागरिक रहे मौजूद

इस अवसर पर रमेश कुमार वर्मा, परेटन लाल साहू, सुरेश कुमार बाजपेई, गिरधारी लाल वर्मा, अशोक पंत, खुमान वर्मा, संतोष केसरवानी, प्रकाश जाधव, बाबूलाल साव, एस.आर. फूटान, आर.के. वर्मा, डॉ. डी.पी. वर्मा, दीपक टिकरीहा, सेवाराम वर्मा, वीणा साहू, कमल नारायण यदु, दिलीप सिंह बिसेन, राधा चरण शुक्ला, गणेश राम वर्मा, राजेश्वर वर्मा, अशोक पंत सहित बड़ी संख्या में पेंशनर, शिक्षक एवं नागरिक उपस्थित रहे।

समारोह के अंत में शिक्षकों, वरिष्ठ पेंशनरों और उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। शिक्षक दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि शिक्षक समाज की वह शक्ति हैं, जो ज्ञान के साथ संस्कार देकर आने वाली पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करते हैं।

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