Breaking

एक्स्ट्रा आर्डिनरी क्लास वर्ल्ड स्कूल में धूमधाम से मना शिक्षक दिवस एक्स्ट्रा आर्डिनरी क्लास वर्ल्ड स्कूल में धूमधाम से मना शिक्षक दिवस सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ शिक्षकों का हुआ सम्मान, विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए नृत्य, नाटक और खेल कार्यक्रम

देश / दुनिया 05 September 2026 (44)

post

प्रभात न्यूज़ 24: 

एक्स्ट्रा आर्डिनरी क्लास वर्ल्ड स्कूल में धूमधाम से मना शिक्षक दिवस

एक्स्ट्रा आर्डिनरी क्लास वर्ल्ड स्कूल में धूमधाम से मना शिक्षक दिवस

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ शिक्षकों का हुआ सम्मान, विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए नृत्य, नाटक और खेल कार्यक्रम



बलौदाबाजार।

 जिला मुख्यालय स्थित एक्स्ट्रा आर्डिनरी क्लास वर्ल्ड स्कूल, अंग्रेजी माध्यम में शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस दौरान विद्यालय परिसर में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, खेल गतिविधियों और सम्मान समारोह ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।



शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान नृत्य, नाटक एवं अन्य मनोरंजक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें उपस्थित शिक्षकों और विद्यार्थियों ने खूब सराहा।



कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विद्यालय के संचालकों एवं शिक्षकों का तिलक लगाकर सम्मान किया। इसके साथ ही शिक्षकों को उपहार भेंट कर उनके प्रति अपनी श्रद्धा और आभार व्यक्त किया। शिक्षकों के सम्मान का यह भावपूर्ण दृश्य कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा।



 विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से ही वे अपने जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं।



विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

शिक्षक दिवस समारोह में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। अलग-अलग प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने शिक्षा, अनुशासन, गुरु-शिष्य संबंध और सामाजिक मूल्यों का संदेश देने का प्रयास किया। नृत्य एवं नाटक की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।



विद्यालय प्रबंधन की ओर से विद्यार्थियों को उनकी प्रतिभा और कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रोत्साहित किया गया। शिक्षकों ने भी बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।



संचालक अभिषेक तिवारी ने दिया अनुशासन और मेहनत का संदेश

इस अवसर पर विद्यालय के संचालक अभिषेक तिवारी ने शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को जीवन में नियमित, संयमित और अनुशासित रहने की सीख दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन भविष्य निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है।



 इस दौरान बच्चों को अपने अध्ययन के साथ-साथ अच्छे संस्कारों और अनुशासन को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने माता-पिता, शिक्षकों और परिवार के सभी बड़ों का सम्मान करें तथा उनकी अच्छी सीख और सलाह को जीवन में अपनाने का प्रयास करें। उन्होंने बच्चों को अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर रहने और उसे हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा दी।



अभिषेक तिवारी ने कहा कि केवल पढ़ाई में अच्छे अंक प्राप्त करना ही सफलता नहीं है, बल्कि एक अच्छा और जिम्मेदार इंसान बनना भी उतना ही आवश्यक है। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य व्यक्ति के व्यक्तित्व और चरित्र का विकास करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे जीवन में आने वाली कठिनाइयों से घबराने के बजाय मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।



टुकेश्वर वर्मा ने विद्यार्थियों को दी बधाई

विद्यालय के संचालक टुकेश्वर वर्मा ने शिक्षक दिवस समारोह में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने बच्चों की मेहनत और प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों के अंदर छिपी प्रतिभा को सामने लाने का महत्वपूर्ण माध्यम होते हैं।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में शिक्षा का महत्व सबसे अधिक है, लेकिन शिक्षा के साथ संस्कार और सम्मान की भावना होना भी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति जीवन में कितनी भी शिक्षा प्राप्त कर ले और कितने ही बड़े पद पर क्यों न पहुंच जाए, यदि वह अपने माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान नहीं करता, तो उसकी सफलता अधूरी मानी जाएगी।



उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चे को जीवन देते हैं, जबकि शिक्षक उसे ज्ञान और सही दिशा प्रदान करते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को अपने माता-पिता और गुरुजनों के प्रति हमेशा सम्मान की भावना रखनी चाहिए। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे अपने जीवन में अच्छे संस्कारों को अपनाएं और अपने परिवार, विद्यालय तथा समाज का नाम रोशन करें।



गुरु-शिष्य परंपरा और सम्मान का संदेश

शिक्षक दिवस समारोह के माध्यम से विद्यालय में गुरु-शिष्य परंपरा और शिक्षकों के प्रति सम्मान की भावना को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। विद्यार्थियों द्वारा शिक्षकों को तिलक लगाकर एवं उपहार देकर सम्मानित करना समारोह का भावनात्मक पक्ष रहा।



कार्यक्रम में शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। शिक्षकों ने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता ही उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से अध्ययन करने, समय का सदुपयोग करने और अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदारी से प्रयास करने की प्रेरणा दी।



विद्यालय परिसर में रहा उत्साह का माहौल

शिक्षक दिवस के आयोजन को लेकर विद्यालय के छात्र-छात्राओं में पहले से ही उत्साह दिखाई दे रहा था। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रस्तुतियां दीं। 



विद्यालय परिसर में पूरे आयोजन के दौरान उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ विद्यार्थियों द्वारा शिक्षकों के सम्मान में व्यक्त किए गए विचारों ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। शिक्षकों ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी इसी प्रकार रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।



शिक्षा के साथ संस्कारों पर भी दिया गया जोर

कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आधुनिक शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, विनम्रता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होना आवश्यक है। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के साथ-साथ उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना भी विद्यालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।



शिक्षक दिवस समारोह इसी सोच का एक हिस्सा रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ शिक्षा और संस्कार के महत्व को भी समझा।



कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया गया। समारोह में विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकगण एवं विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। पूरे आयोजन ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच सम्मान, स्नेह एवं गुरु-शिष्य संबंध की भावना को और मजबूत किया।

You might also like!


RAIPUR WEATHER